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Noida News: ऑफिस के लिए जगह दिलाने के नाम पर 1.62 करोड़ की धोखाधड़ी
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- भूटानी इन्फ्रा और सीबीएस इंटरनेशनल भी ठगी का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस
- आरोपियों ने अल्फाथम टॉवर में जगह दिलाने का दिया झांसा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-142 कोतवाली क्षेत्र के अधीन सेक्टर-90 स्थित अल्फाथम टॉवर और नोएडा वर्ल्ड वन से जुड़े एक प्रोजेक्ट के जरिये धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में एनडब्ल्यूडी सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की दिल्ली निवासी साक्षी बुधिराजा ने भूटानी इन्फ्रा, सीबीएस इंटरनेशनल और इनके प्रतिनिधियों पर 1.62 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में भूटानी इन्फ्रा के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर प्रेम भूटानी के अलावा गौरव शर्मा, संजय रस्तोगी, आदित्य राज सक्सेना, नमन, नसीम, साक्षी, माधुरी, राजेश टंडन, अमित, अनुराधा शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार कंपनी एक ऑफिस के लिए नोएडा वर्ल्ड वन प्रोजेक्ट में निवेश की योजना बना रही थी। इसी दौरान भूटानी इन्फ्रा के प्रतिनिधि नमन, आदित्य राज सक्सेना और गौरव शर्मा नाम के व्यक्ति ने कंपनी से संपर्क किया। गौरव शर्मा ने खुद को दुबई के राजेश टंडन और सीबीएस इंटरनेशनल का प्रतिनिधि बताया। उसने बताया कि अल्फाथम टावर सेक्टर-90 की तीसरी मंजिल पर स्थित यूनिट बिक्री के लिए उपलब्ध है। जिसकी कीमत करीब चार करोड़ है। 6 जनवरी 2025 को सीबीएस इंटरनेशनल के कार्यालय में एक बैठक हुई। बैठक में गौरव शर्मा ने कंपनी को बताया कि डील फाइनल करने के लिए कैश पेमेंट जरूरी है। आरोप है कंपनी को 1.62 करोड़ रुपये दिए गए। जब शिकायतकर्ता ने गौरव शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। जब टीम ने सीबीएस इंटरनेशनल के ऑफिस जाकर पूछताछ की तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि गौरव शर्मा लापता है और उसकी पत्नी ने मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जब कंपनी ने जांच कराई तो सामने आया कि गौरव शर्मा पहले भी साल 2023 में इसी तरह के धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है। वह राज नगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद में रहता है। पीड़ित का कहना है कि भूटानी इन्फ्रा और सीबीएस इंटरनेशनल की जानकारी और संलिप्तता के बिना इतनी बड़ी ठगी संभव नहीं थी। दोनों कंपनियों ने अपने दफ्तरों को ऐसे एजेंटों और प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जो वहां बैठकर सौदे तय करते थे।पहले दोनों कंपनियों ने आंतरिक जांच का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में चुप्पी साध ली। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्र का कहना है कि केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
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- आरोपियों ने अल्फाथम टॉवर में जगह दिलाने का दिया झांसा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-142 कोतवाली क्षेत्र के अधीन सेक्टर-90 स्थित अल्फाथम टॉवर और नोएडा वर्ल्ड वन से जुड़े एक प्रोजेक्ट के जरिये धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में एनडब्ल्यूडी सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की दिल्ली निवासी साक्षी बुधिराजा ने भूटानी इन्फ्रा, सीबीएस इंटरनेशनल और इनके प्रतिनिधियों पर 1.62 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में भूटानी इन्फ्रा के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर प्रेम भूटानी के अलावा गौरव शर्मा, संजय रस्तोगी, आदित्य राज सक्सेना, नमन, नसीम, साक्षी, माधुरी, राजेश टंडन, अमित, अनुराधा शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार कंपनी एक ऑफिस के लिए नोएडा वर्ल्ड वन प्रोजेक्ट में निवेश की योजना बना रही थी। इसी दौरान भूटानी इन्फ्रा के प्रतिनिधि नमन, आदित्य राज सक्सेना और गौरव शर्मा नाम के व्यक्ति ने कंपनी से संपर्क किया। गौरव शर्मा ने खुद को दुबई के राजेश टंडन और सीबीएस इंटरनेशनल का प्रतिनिधि बताया। उसने बताया कि अल्फाथम टावर सेक्टर-90 की तीसरी मंजिल पर स्थित यूनिट बिक्री के लिए उपलब्ध है। जिसकी कीमत करीब चार करोड़ है। 6 जनवरी 2025 को सीबीएस इंटरनेशनल के कार्यालय में एक बैठक हुई। बैठक में गौरव शर्मा ने कंपनी को बताया कि डील फाइनल करने के लिए कैश पेमेंट जरूरी है। आरोप है कंपनी को 1.62 करोड़ रुपये दिए गए। जब शिकायतकर्ता ने गौरव शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। जब टीम ने सीबीएस इंटरनेशनल के ऑफिस जाकर पूछताछ की तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि गौरव शर्मा लापता है और उसकी पत्नी ने मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जब कंपनी ने जांच कराई तो सामने आया कि गौरव शर्मा पहले भी साल 2023 में इसी तरह के धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है। वह राज नगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद में रहता है। पीड़ित का कहना है कि भूटानी इन्फ्रा और सीबीएस इंटरनेशनल की जानकारी और संलिप्तता के बिना इतनी बड़ी ठगी संभव नहीं थी। दोनों कंपनियों ने अपने दफ्तरों को ऐसे एजेंटों और प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जो वहां बैठकर सौदे तय करते थे।पहले दोनों कंपनियों ने आंतरिक जांच का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में चुप्पी साध ली। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्र का कहना है कि केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
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