{"_id":"68c9c41bc42f51d562002be4","slug":"scst-youth-will-be-able-to-take-a-loan-of-rs-15-lakh-for-higher-education-na-news-c-93-1-ssml1048-165648-2025-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: एससी\/एसटी के युवा उच्च शिक्षा के लिए ले सकेंगे 1.5 लाख का ऋण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: एससी/एसटी के युवा उच्च शिक्षा के लिए ले सकेंगे 1.5 लाख का ऋण
Wed, 17 Sep 2025 01:40 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:40 AM IST
विज्ञापन
दौलतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति के युवाओं को मैट्रिक के बाद तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत 75,000 रुपये तक का ऋण ब्याज मुक्त, जबकि 75,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक का ऋण 4-5 प्रतिशत वार्षिक दर पर उपलब्ध है।
यह जानकारी नाट्यदल आरके कलामंच चिंतपूर्णी ने मंगलवार को गगरेट उपमंडल के पिरथीपुर निचला और चलेट अप्पर गांवों में गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से दी। कलाकारों ने बताया कि योजना के अंतर्गत आवेदक छात्र के माता-पिता या अभिभावक सह-ऋणी होते हैं। केवल उन्हीं परिवारों के विद्यार्थियों को ऋण दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम हो।
इस योजना में डिप्लोमा और डिग्री कोर्स जैसे जेबीटी, एमबीबीएस, इंजीनियरिंग, एक वर्षीय होटल मैनेजमेंट, एमबीए, जीएएमएस, एमएस, नर्सिंग आदि के लिए ऋण लेने की सुविधा उपलब्ध है। ऋण की वसूली कोर्स पूरा होने के दो साल बाद या नौकरी मिलने पर शुरू होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह जानकारी नाट्यदल आरके कलामंच चिंतपूर्णी ने मंगलवार को गगरेट उपमंडल के पिरथीपुर निचला और चलेट अप्पर गांवों में गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से दी। कलाकारों ने बताया कि योजना के अंतर्गत आवेदक छात्र के माता-पिता या अभिभावक सह-ऋणी होते हैं। केवल उन्हीं परिवारों के विद्यार्थियों को ऋण दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम हो।
विज्ञापन
इस योजना में डिप्लोमा और डिग्री कोर्स जैसे जेबीटी, एमबीबीएस, इंजीनियरिंग, एक वर्षीय होटल मैनेजमेंट, एमबीए, जीएएमएस, एमएस, नर्सिंग आदि के लिए ऋण लेने की सुविधा उपलब्ध है। ऋण की वसूली कोर्स पूरा होने के दो साल बाद या नौकरी मिलने पर शुरू होती है।
विज्ञापन