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नवरात्र का वैज्ञानिक महत्व : राज्यपाल
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35 पुराना आईटीआई ग्राऊंड में श्री रामलीला उत्सव कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव एवं दशहर
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। महाराजा अग्रसेन ऐसे धर्मात्मा राजा थे जिन्होंने समाजवाद की नींव डालने का काम किया। नवरात्र सोमवार को शुरू हुए हैं। इनका वैज्ञानिक महत्व है। यह कहना है गुजरात व महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का। श्री रामलीला उत्सव कमेटी के मंच से उन्होंने सोमवार रात को लोगों को रामलीला के शुभारंभ व महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम समाप्त हुआ है। सर्दी आने वाली है। इन दिनों हमारे शरीर में बड़े बदलाव आते हैं। इन दिनों हम उपवास करते हैं। पंचकर्म के जरिए शरीर शोधन करते हैं। ऐसा सर्दी के लिए शरीर को तैयार करने के लिए किया जाता है। पुराने विकार निकालना व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपवास व शरीर का शोधन किया जाता है।
राज्यपाल ने रामलीला मंचन में भगवान राम के जीवन से परिचय कराया जाएगा। रामलीला में केवल मनोरंजन नहीं बल्कि उनके जीवन के महत्वपूर्ण पलों को जानना चाहिए। वर्तमान में परिवार टूट रहे हैं। समाज में विघटन हो रहा है। युवा नशे में लिप्त हैं। भगवान राम ने जंगल में रहने वालों से भी परिवार की तरह व्यवहार किया। निषाद राज इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं।
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रोहतक। महाराजा अग्रसेन ऐसे धर्मात्मा राजा थे जिन्होंने समाजवाद की नींव डालने का काम किया। नवरात्र सोमवार को शुरू हुए हैं। इनका वैज्ञानिक महत्व है। यह कहना है गुजरात व महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का। श्री रामलीला उत्सव कमेटी के मंच से उन्होंने सोमवार रात को लोगों को रामलीला के शुभारंभ व महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम समाप्त हुआ है। सर्दी आने वाली है। इन दिनों हमारे शरीर में बड़े बदलाव आते हैं। इन दिनों हम उपवास करते हैं। पंचकर्म के जरिए शरीर शोधन करते हैं। ऐसा सर्दी के लिए शरीर को तैयार करने के लिए किया जाता है। पुराने विकार निकालना व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपवास व शरीर का शोधन किया जाता है।
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राज्यपाल ने रामलीला मंचन में भगवान राम के जीवन से परिचय कराया जाएगा। रामलीला में केवल मनोरंजन नहीं बल्कि उनके जीवन के महत्वपूर्ण पलों को जानना चाहिए। वर्तमान में परिवार टूट रहे हैं। समाज में विघटन हो रहा है। युवा नशे में लिप्त हैं। भगवान राम ने जंगल में रहने वालों से भी परिवार की तरह व्यवहार किया। निषाद राज इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं।
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