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अभिभावकों ने 20.5 हजार ट्वीट कर बुलंद की फीस माफी की मांग
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20.5 हजार ट्वीट कर बुलंद की फीस माफी की मांग
ग्रेटर नोएडा। लॉकडाउन के दौरान की स्कूल फीस माफी की मांग को लेकर ट्विटर पर दिल्ली-एनसीआर के अभिभावकों ने रविवार को हैशटैग नो स्कूल नो फीस और पैरेंट्स डिमांड जस्टिस के साथ 20,500 ट्वीट किए। जबकि, री-ट्वीट की संख्या इससे ज्यादा रही। उनका कहना है कि सरकार से लगातार मांग की जा रही है, लेकिन आर्थिक मंदी से जूझ रहे अभिभावकों की अनदेखा की जा रही है। ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन, एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन और नेफोवा मिलकर तीन माह से फीस माफ कराने की मांग कर रहे हैं। ऑल पैरेंट्स के जिलाध्यक्ष हिमांशु खन्ना ने बताया कि नो स्कूल नो फीस हैशटैग पर 10800 ट्वीट और पैरेंट्स डिमांड जस्टिस हैशटैग के साथ 9700 ट्वीट किए गए। सभी ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय, मानव संसाधन विकास मंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री और कार्यालय के ट्विटर हैंडल को टैग किया गया। अभिभावकों ने पूछा कि जब मध्य प्रदेश और मणिपुर सरकार तीन माह की स्कूल फीस माफ कर सकती है, असम सरकार 50 प्रतिशत माफ कर सकती है। दिल्ली में केवल ट्यूशन फीस ली जा सकती है तो फिर उत्तर प्रदेश में राहत क्यों नहीं मिल रही है। लोगों ने स्कूलों की बैलेंस शीट की जांच प्रशासनिक स्तर से कराने की भी मांग की है।
फोन बाहर रखवाने पर नोएडा के स्कूल की निंदा
एसोसिएशन के पदाधिकारी ने बताया कि हाल ही में कुछ अभिभावक नोएडा के एक स्कूल में प्रबंधन के साथ बैठक करने गए थे। वहां प्रबंधन ने अभिभावकों का फोन बाहर रखवा दिया। जिसकी ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन समेत अन्य सभी अभिभावक संघ कड़ी निंदा करते हैं। स्कूलों को अभिभावकों के साथ सम्मान के साथ पेश आना चाहिए।
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ग्रेटर नोएडा। लॉकडाउन के दौरान की स्कूल फीस माफी की मांग को लेकर ट्विटर पर दिल्ली-एनसीआर के अभिभावकों ने रविवार को हैशटैग नो स्कूल नो फीस और पैरेंट्स डिमांड जस्टिस के साथ 20,500 ट्वीट किए। जबकि, री-ट्वीट की संख्या इससे ज्यादा रही। उनका कहना है कि सरकार से लगातार मांग की जा रही है, लेकिन आर्थिक मंदी से जूझ रहे अभिभावकों की अनदेखा की जा रही है। ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन, एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन और नेफोवा मिलकर तीन माह से फीस माफ कराने की मांग कर रहे हैं। ऑल पैरेंट्स के जिलाध्यक्ष हिमांशु खन्ना ने बताया कि नो स्कूल नो फीस हैशटैग पर 10800 ट्वीट और पैरेंट्स डिमांड जस्टिस हैशटैग के साथ 9700 ट्वीट किए गए। सभी ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय, मानव संसाधन विकास मंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री और कार्यालय के ट्विटर हैंडल को टैग किया गया। अभिभावकों ने पूछा कि जब मध्य प्रदेश और मणिपुर सरकार तीन माह की स्कूल फीस माफ कर सकती है, असम सरकार 50 प्रतिशत माफ कर सकती है। दिल्ली में केवल ट्यूशन फीस ली जा सकती है तो फिर उत्तर प्रदेश में राहत क्यों नहीं मिल रही है। लोगों ने स्कूलों की बैलेंस शीट की जांच प्रशासनिक स्तर से कराने की भी मांग की है।
फोन बाहर रखवाने पर नोएडा के स्कूल की निंदा
एसोसिएशन के पदाधिकारी ने बताया कि हाल ही में कुछ अभिभावक नोएडा के एक स्कूल में प्रबंधन के साथ बैठक करने गए थे। वहां प्रबंधन ने अभिभावकों का फोन बाहर रखवा दिया। जिसकी ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन समेत अन्य सभी अभिभावक संघ कड़ी निंदा करते हैं। स्कूलों को अभिभावकों के साथ सम्मान के साथ पेश आना चाहिए।
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