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Noida News: कागज नहीं, अब जमीन पर परखे जाएंगे स्कूलों के विकास कार्य
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- 511 विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे 20 से अधिक अधिकारी, एक सप्ताह में डीएम को सौंपेंगे रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले के 511 परिषदीय विद्यालयों में कराए गए कायाकल्प कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। चारों ब्लॉकों के स्कूलों में 20 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी पहुंचकर विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भौतिक सत्यापन करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली व्यवस्था, बाउंड्रीवाल, फर्नीचर, हैंडवॉश यूनिट, रैंप और कक्षा-कक्षों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। अब यह जांचा जाएगा कि अभिलेखों में दर्ज कार्य वास्तव में धरातल पर पूरे हुए हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विद्यालयों की साफ-सफाई, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, पेयजल सुविधा, बिजली कनेक्शन, खेल मैदान, स्मार्ट क्लास, रसोईघर, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल और कक्षाओं की स्थिति समेत 19 बिंदुओं पर मूल्यांकन करना होगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव की भी जांच की जाएगी।
इन अधिकारियों की लगी ड्यूटी-
जिला प्रशासन की ओर से गठित टीमों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। प्रत्येक अधिकारी को लगभग 12 विद्यालय आवंटित किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विद्यालय पहुंचने की जीपीएस लोकेशन भी उपलब्ध करानी होगी, ताकि निरीक्षण की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यालय में निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिलीं या कार्य अधूरे पाए गए तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई भी कराई जाएगी। निरीक्षण में सीएमओ, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले के 511 परिषदीय विद्यालयों में कराए गए कायाकल्प कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। चारों ब्लॉकों के स्कूलों में 20 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी पहुंचकर विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भौतिक सत्यापन करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली व्यवस्था, बाउंड्रीवाल, फर्नीचर, हैंडवॉश यूनिट, रैंप और कक्षा-कक्षों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। अब यह जांचा जाएगा कि अभिलेखों में दर्ज कार्य वास्तव में धरातल पर पूरे हुए हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विद्यालयों की साफ-सफाई, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, पेयजल सुविधा, बिजली कनेक्शन, खेल मैदान, स्मार्ट क्लास, रसोईघर, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल और कक्षाओं की स्थिति समेत 19 बिंदुओं पर मूल्यांकन करना होगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव की भी जांच की जाएगी।
इन अधिकारियों की लगी ड्यूटी-
जिला प्रशासन की ओर से गठित टीमों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। प्रत्येक अधिकारी को लगभग 12 विद्यालय आवंटित किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विद्यालय पहुंचने की जीपीएस लोकेशन भी उपलब्ध करानी होगी, ताकि निरीक्षण की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यालय में निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिलीं या कार्य अधूरे पाए गए तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई भी कराई जाएगी। निरीक्षण में सीएमओ, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे।
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