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Noida News: सरताज को ‘हिंद की चादर’ गीत के लिए सम्मानित किया
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गीत गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत शताब्दी को समर्पित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने प्रसिद्ध सूफी गायक डॉ. सतिंदर सरताज को उनके भावपूर्ण गीत ‘हिंद की चादर’ के लिए सम्मानित किया। यह गीत गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत शताब्दी को समर्पित है।
गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब स्थित कमेटी कार्यालय में आयोजित समारोह में कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, महासचिव जगदीप सिंह काहलो और धर्म प्रचार चेयरमैन जसप्रीत सिंह करमसर ने सरताज को गुरुद्वारा शीश गंज साहिब का मॉडल व ऐतिहासिक सिक्का भेंटकर सम्मानित किया। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि सरताज का यह गीत गुरु तेग बहादुर के जीवन, त्याग और शहादत की पूरी गाथा को संक्षेप में प्रस्तुत करता है। गीत में गुरु जी के बचपन से लेकर कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए बलिदान तक का इतिहास जीवंत रूप में दिखाया गया है। वहीं, डॉ. सरताज ने कहा कि उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि वे इस गीत के माध्यम से गुरु महाराज की शहादत को हिंदी भाषा में देशभर तक पहुंचा सके। यह गीत हर भारतीय के हृदय में श्रद्धा और प्रेरणा का संचार करेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने प्रसिद्ध सूफी गायक डॉ. सतिंदर सरताज को उनके भावपूर्ण गीत ‘हिंद की चादर’ के लिए सम्मानित किया। यह गीत गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत शताब्दी को समर्पित है।
गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब स्थित कमेटी कार्यालय में आयोजित समारोह में कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, महासचिव जगदीप सिंह काहलो और धर्म प्रचार चेयरमैन जसप्रीत सिंह करमसर ने सरताज को गुरुद्वारा शीश गंज साहिब का मॉडल व ऐतिहासिक सिक्का भेंटकर सम्मानित किया। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि सरताज का यह गीत गुरु तेग बहादुर के जीवन, त्याग और शहादत की पूरी गाथा को संक्षेप में प्रस्तुत करता है। गीत में गुरु जी के बचपन से लेकर कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए बलिदान तक का इतिहास जीवंत रूप में दिखाया गया है। वहीं, डॉ. सरताज ने कहा कि उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि वे इस गीत के माध्यम से गुरु महाराज की शहादत को हिंदी भाषा में देशभर तक पहुंचा सके। यह गीत हर भारतीय के हृदय में श्रद्धा और प्रेरणा का संचार करेगा।
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