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चुनाव प्रचार में टूट रहे नियम, प्रशासन अनजान
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रबूपुरा में चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते प्रत्याशी।
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रत्याशी सरकार और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। प्रचार के दौरान प्रत्याशी केवल पांच लोग के साथ चल सकता है, लेकिन यहां भीड़ देखी जा रही है। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने की गाइडलाइन के अनुसार, प्रत्याशी को कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। साथ ही घर-घर जाकर प्रचार के दौरान पांच लोग ही रहने चाहिए।
निर्देशों का पालन नहीं होने पर प्रशासन को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है, लेकिन जिला प्रशासन ऐसा नहीं कर पा रहा है। जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार गांव-गांव जाकर सभा कर रहे हैं। इस दौरान अच्छी खासी भीड़ होती है। प्रत्याशियों के घर पर दावत चल रही है। जेवर में इसका खुलासा भी हो चुका है। प्रत्याशियों की लापरवाही से गांवों में संक्रमण फैल सकता है। मामले में एडीएम (प्रशासन) दिवाकर सिंह का कहना है कि प्रत्याशियों के प्रचार की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। इसका आंकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रेक्षक से कर सकते हैं शिकायत
राज्य निर्वाचन आयोग ने सांस्कृतिक विभाग के विशेष सचिव दिनेश चंद्र को जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का प्रेक्षक बनाया है। शुक्रवार को वह यहां पहुंच जाएंगे। मतदान से लेकर मतगणना तक जिले में ही रहेंगे। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि प्रेक्षक दिनेश चंद्र के मोबाइल नंबर 9412244429 और 9026774771 पर चुनाव संबंधी जानकारी या समस्या बता सकते हैं। प्रेक्षक गौतमबुद्ध विवि में रहेंगे।
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राजनीति के अखाड़े में परिवार व रिश्तेदार आमने-सामने
पंचायत चुनाव में अपने समर्थन में मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं। जिले के कुछ गांवों में चुनाव दिलचस्प होने वाला है। कुछ प्रत्याशियों को जहां बाहरी लोगों से संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ प्रत्याशियों के परिजन और रिश्तेदार आमने-सामने हैं। ऐसे में अपने ही परिवार के खिलाफ प्रचार करना इनकी मजबूरी बन गई है। जमालपुर गांव में प्रधान पद के लिए 6 प्रत्याशी मैदान में हैं। दो महिलाएं एक ही परिवार की हैं। एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार में जुटी हैं।
इसके अलावा गांव खड़कपुर बांजरपुर में भी चाचा-भतीजा एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। पूर्व में ग्राम प्रधान रह चुके सगे भाइयों में इस बार दो फाड़ हो गया है। पहले मतदाता दोनों भाइयों के समर्थन में वोट कर चुक हैं, लेकिन इस बार किसे वोट दें, इस पर असमंजस में हैं। वहीं, प्रधानी किसके हाथ लगेगी, यह काफी दिलचस्प होगा। गांव राजपुर कला में भी रिश्ते में भाई लगने वाले दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं और अपने-अपने समर्थन में मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं। सभी प्रत्याशियों का कहना है कि चुनाव जीतते ही गांव की सूरत बदल देंगे। संवाद
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निर्देशों का पालन नहीं होने पर प्रशासन को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है, लेकिन जिला प्रशासन ऐसा नहीं कर पा रहा है। जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार गांव-गांव जाकर सभा कर रहे हैं। इस दौरान अच्छी खासी भीड़ होती है। प्रत्याशियों के घर पर दावत चल रही है। जेवर में इसका खुलासा भी हो चुका है। प्रत्याशियों की लापरवाही से गांवों में संक्रमण फैल सकता है। मामले में एडीएम (प्रशासन) दिवाकर सिंह का कहना है कि प्रत्याशियों के प्रचार की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। इसका आंकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रेक्षक से कर सकते हैं शिकायत
राज्य निर्वाचन आयोग ने सांस्कृतिक विभाग के विशेष सचिव दिनेश चंद्र को जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का प्रेक्षक बनाया है। शुक्रवार को वह यहां पहुंच जाएंगे। मतदान से लेकर मतगणना तक जिले में ही रहेंगे। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि प्रेक्षक दिनेश चंद्र के मोबाइल नंबर 9412244429 और 9026774771 पर चुनाव संबंधी जानकारी या समस्या बता सकते हैं। प्रेक्षक गौतमबुद्ध विवि में रहेंगे।
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राजनीति के अखाड़े में परिवार व रिश्तेदार आमने-सामने
पंचायत चुनाव में अपने समर्थन में मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं। जिले के कुछ गांवों में चुनाव दिलचस्प होने वाला है। कुछ प्रत्याशियों को जहां बाहरी लोगों से संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ प्रत्याशियों के परिजन और रिश्तेदार आमने-सामने हैं। ऐसे में अपने ही परिवार के खिलाफ प्रचार करना इनकी मजबूरी बन गई है। जमालपुर गांव में प्रधान पद के लिए 6 प्रत्याशी मैदान में हैं। दो महिलाएं एक ही परिवार की हैं। एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार में जुटी हैं।
इसके अलावा गांव खड़कपुर बांजरपुर में भी चाचा-भतीजा एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। पूर्व में ग्राम प्रधान रह चुके सगे भाइयों में इस बार दो फाड़ हो गया है। पहले मतदाता दोनों भाइयों के समर्थन में वोट कर चुक हैं, लेकिन इस बार किसे वोट दें, इस पर असमंजस में हैं। वहीं, प्रधानी किसके हाथ लगेगी, यह काफी दिलचस्प होगा। गांव राजपुर कला में भी रिश्ते में भाई लगने वाले दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं और अपने-अपने समर्थन में मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं। सभी प्रत्याशियों का कहना है कि चुनाव जीतते ही गांव की सूरत बदल देंगे। संवाद