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Noida News: हर मरम्मत के साथ ऊंची हो रही सड़कें, फोनरवा ने जताई आपत्ति
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-सड़क का लेवल दिन पर दिन ऊंचा हो रहा, घरों में भरता है बारिश का पानी
-फोनरवा ने सीईओ को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई के निर्देश की मांग की
- सेक्टरों में बिना तकनीकी सर्वेक्षण एवं मिलिंग (खुरचाई) किए बिना बिछा रहें नई परत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा में सड़कों का पुनर्निर्माण अब लोगों के लिए राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनता जा रहा है। शहर के कई सेक्टरों में नई डामर की परत तो बिछाई जा रही है, लेकिन तकनीकी मानकों की अनदेखी के चलते सड़कें लगातार ऊंची होती जा रही हैं। इसका खामियाजा मकानों, दुकानों और अपार्टमेंटों को भुगतना पड़ रहा है, जो अब पहले से अधिक नीचे दिखाई देने लगे हैं।
फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा और महासचिव केके जैन का कहना है कि कई स्थानों पर पुरानी सड़क की मिलिंग (खुरचाई) किए बिना ही सीधे नई डामर की परत बिछा दी जाती है। इससे हर बार सड़क का स्तर कुछ और बढ़ जाता है, जबकि आसपास के मकान, दुकानें और सेक्टरों के प्रवेश द्वार अपेक्षाकृत नीचे चले जाते हैं। नतीजा यह होता है कि बारिश के समय पानी सड़कों से बहने के बजाय घरों, बेसमेंट और दुकानों में घुस जाता है। जलभराव की समस्या बढ़ती है और लोगों का रोजमर्रा का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।
पुरानी परत हटाने के बाद बिछे नई परत : फोनरवा ने मांग की है कि प्रत्येक सड़क पुनर्निर्माण कार्य से पहले संबंधित विभाग द्वारा विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कर सड़क का लेवल निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही जहां आवश्यकता हो, वहां पुरानी सड़क की परत की मिलिंग करने के बाद ही नई परत बिछाई जाए। इसके साथ ही नालों, नालियों, मैनहोल व जल निकासी व्यवस्था का स्तर भी सड़क के निर्धारित लेवल के अनुरूप रखा जाए, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से निकल सके।
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फोनरवा का कहना है कि यदि सड़क निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्य निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप किए जाएं, तो जलभराव की समस्या में कमी आएगी। नागरिकों की संपत्ति सुरक्षित रहेगी, सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन में सुधार होगा। फोनरवा ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
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-फोनरवा ने सीईओ को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई के निर्देश की मांग की
- सेक्टरों में बिना तकनीकी सर्वेक्षण एवं मिलिंग (खुरचाई) किए बिना बिछा रहें नई परत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा में सड़कों का पुनर्निर्माण अब लोगों के लिए राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनता जा रहा है। शहर के कई सेक्टरों में नई डामर की परत तो बिछाई जा रही है, लेकिन तकनीकी मानकों की अनदेखी के चलते सड़कें लगातार ऊंची होती जा रही हैं। इसका खामियाजा मकानों, दुकानों और अपार्टमेंटों को भुगतना पड़ रहा है, जो अब पहले से अधिक नीचे दिखाई देने लगे हैं।
फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा और महासचिव केके जैन का कहना है कि कई स्थानों पर पुरानी सड़क की मिलिंग (खुरचाई) किए बिना ही सीधे नई डामर की परत बिछा दी जाती है। इससे हर बार सड़क का स्तर कुछ और बढ़ जाता है, जबकि आसपास के मकान, दुकानें और सेक्टरों के प्रवेश द्वार अपेक्षाकृत नीचे चले जाते हैं। नतीजा यह होता है कि बारिश के समय पानी सड़कों से बहने के बजाय घरों, बेसमेंट और दुकानों में घुस जाता है। जलभराव की समस्या बढ़ती है और लोगों का रोजमर्रा का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।
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पुरानी परत हटाने के बाद बिछे नई परत : फोनरवा ने मांग की है कि प्रत्येक सड़क पुनर्निर्माण कार्य से पहले संबंधित विभाग द्वारा विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कर सड़क का लेवल निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही जहां आवश्यकता हो, वहां पुरानी सड़क की परत की मिलिंग करने के बाद ही नई परत बिछाई जाए। इसके साथ ही नालों, नालियों, मैनहोल व जल निकासी व्यवस्था का स्तर भी सड़क के निर्धारित लेवल के अनुरूप रखा जाए, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से निकल सके।
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फोनरवा का कहना है कि यदि सड़क निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्य निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप किए जाएं, तो जलभराव की समस्या में कमी आएगी। नागरिकों की संपत्ति सुरक्षित रहेगी, सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन में सुधार होगा। फोनरवा ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।