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Noida News: जलस्तर बढ़ने से सात गांवों का बंधे से संपर्क कटा
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16 जलस्तर बढ़ने के बाद नाव से जमुवारी से अजगरा जाते लोग। संवाद
लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बदरहुंआ पर नदी का जलस्तर लाल निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे देवरांचल क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहरा रहा है। बढ़ते जलस्तर से कई गांवों का संपर्क मार्ग डूब गए हैं।
सोनौरा ढाले से जमुवारी-अजगरा मार्ग पर पानी भर जाने से स्कूली बच्चों, बीमारों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नाव न चलने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। चक्की, सोनौरा, बांका, बुढ़नपट्टी, मानिकपुर, अभनपट्टी और शाहडीह गांवों का संपर्क कट गया है। अब ग्रामीणों को चार से पांच किमी घूमकर बंधे के रास्ते जाना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों को इस समय सबसे अधिक नाव की सुविधा की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ खंड विभाग समय पर स्थाई कार्य नहीं करता। ग्रामीण योगेंद्र ने कहा कि केवल खानापूर्ति की जाती है, जबकि यहां पक्का काम होना चाहिए। इधर, उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में 72.20 मीटर जल स्तर होने पर नाव लगाई जाएगी। बाढ़ से निपटने के लिए 14 शरण स्थल और 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
घाघरा का जलस्तर
बदरहुंआ नाले पर शुक्रवार की शाम चार बजे 71.89 मीटर था, जो शनिवार को 11 सेमी बढ़कर 72.00 मीटर हो गया। जबकि डिघिया नाले पर 71.20 मीटर से सात सेमी बढ़कर 71.27 मीटर हो गया। वहीं बदरहुंआ पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है, उधर डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।
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सोनौरा ढाले से जमुवारी-अजगरा मार्ग पर पानी भर जाने से स्कूली बच्चों, बीमारों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नाव न चलने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। चक्की, सोनौरा, बांका, बुढ़नपट्टी, मानिकपुर, अभनपट्टी और शाहडीह गांवों का संपर्क कट गया है। अब ग्रामीणों को चार से पांच किमी घूमकर बंधे के रास्ते जाना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों को इस समय सबसे अधिक नाव की सुविधा की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ खंड विभाग समय पर स्थाई कार्य नहीं करता। ग्रामीण योगेंद्र ने कहा कि केवल खानापूर्ति की जाती है, जबकि यहां पक्का काम होना चाहिए। इधर, उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में 72.20 मीटर जल स्तर होने पर नाव लगाई जाएगी। बाढ़ से निपटने के लिए 14 शरण स्थल और 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
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घाघरा का जलस्तर
बदरहुंआ नाले पर शुक्रवार की शाम चार बजे 71.89 मीटर था, जो शनिवार को 11 सेमी बढ़कर 72.00 मीटर हो गया। जबकि डिघिया नाले पर 71.20 मीटर से सात सेमी बढ़कर 71.27 मीटर हो गया। वहीं बदरहुंआ पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है, उधर डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।
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