{"_id":"5f59339e8ebc3e36853265bc","slug":"report-of-the-investigating-officer-shot-was-fired-in-the-game-noida-news-noi5351627135","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच अधिकारी की रिपोर्ट, खेल-खेल में चली थी गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच अधिकारी की रिपोर्ट, खेल-खेल में चली थी गोली
विज्ञापन
जांच अधिकारी की रिपोर्ट, खेल-खेल में चली थी गोली
दनकौर। दादूपुर गांव में रविवार को गोली चलने से तीन बच्चों के घायल होने के मामले में पुलिस ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। पुलिस ने बच्चे पर जान से मारने की नियत से गोली चलाने के आरोप को गलत बताया है। वहीं, तीनों बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस गोली के छर्रे को शीघ्र ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।
मामले के जांच अधिकारी ने बताया कि अचानक हुई दुर्घटना में बच्चे से खेल-खेल में गोली चली है। घायल बच्चों के परिजनों ने बिना किसी कारण जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। जल्द ही मुकदमे में लगी धारा 307 की जगह दुर्घटना की धारा 336 या 338 लगाई जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपी पक्ष को बचाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, दादूपुर गांव निवासी व बुलंदशहर की जिला जेल में तैनात एक सिपाही का आठ वर्षीय बेटा और नौ वर्षीय भांजी व 13 वर्षीय भांजा पड़ोसी सपा नेता के घर खेल रहे थे। नेता के आठ वर्षीय बेटे से गोली चलने से तीनों बच्चे घायल हो गए थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गोली राइफल से चली है जबकि पुलिस ने घटनास्थल से तमंचा बरामद किया है। गांव के ही एक युवक का तमंचा बताते हुए उसे जेल भेजा गया है। परिजनों का कहना है कि वे जल्द ही पुलिस कमिश्नर से मिलकर शिकायत करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दनकौर। दादूपुर गांव में रविवार को गोली चलने से तीन बच्चों के घायल होने के मामले में पुलिस ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। पुलिस ने बच्चे पर जान से मारने की नियत से गोली चलाने के आरोप को गलत बताया है। वहीं, तीनों बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस गोली के छर्रे को शीघ्र ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।
मामले के जांच अधिकारी ने बताया कि अचानक हुई दुर्घटना में बच्चे से खेल-खेल में गोली चली है। घायल बच्चों के परिजनों ने बिना किसी कारण जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। जल्द ही मुकदमे में लगी धारा 307 की जगह दुर्घटना की धारा 336 या 338 लगाई जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपी पक्ष को बचाने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
दरअसल, दादूपुर गांव निवासी व बुलंदशहर की जिला जेल में तैनात एक सिपाही का आठ वर्षीय बेटा और नौ वर्षीय भांजी व 13 वर्षीय भांजा पड़ोसी सपा नेता के घर खेल रहे थे। नेता के आठ वर्षीय बेटे से गोली चलने से तीनों बच्चे घायल हो गए थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गोली राइफल से चली है जबकि पुलिस ने घटनास्थल से तमंचा बरामद किया है। गांव के ही एक युवक का तमंचा बताते हुए उसे जेल भेजा गया है। परिजनों का कहना है कि वे जल्द ही पुलिस कमिश्नर से मिलकर शिकायत करेंगे।
विज्ञापन