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कंगना रनाउत पर दर्ज कराई रिपोर्ट
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नूंह। युवा महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेहा खान ने भारत के राष्ट्रपति से मांग की है कि अभिनेत्री कंगना रनाउत से पद्मश्री वापिस लें। नेहा खान गुरुवार को नूंह के सदर थाना पहुंची और स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में धारा 504, 505 के तहत शिकायत दर्ज करवाई। थाने में शिकायत के पश्चात वो नूंह के डीएसपी सुधीर तनेजा से मिलने पहुंची और उनसे कार्रवाई की अपील की।
नेहा खान ने शिकायत में लिखा कि कंगना ने बोला है कि ‘हमें 1947 में आजादी भीख में मिली थी, असली आजादी 2014 में मिली’। कंगना ने आजादी आंदोलन का मजाक उड़ाते हुए महात्मा गाँधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभभाई पटेल, मौलाना आजाद, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारियों का अपमान किया है। इनकी कुरबानियों की वजह से आज हम आजाद हैं। शिकायत में कहा गया है कि कंगना को इतिहास के बारे में जानकारी नहीं है और इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार देने से इसकी गरिमा भंग होती है। नेहा खान ने राष्ट्रपति से आह्वान किया है कि पद्म पुरस्कार का मसला सीधे राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़ा हुआ है। इसलिए कंगना जैसे लोगों को पुरस्कार देने से राष्ट्रपति की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है।
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नेहा खान ने शिकायत में लिखा कि कंगना ने बोला है कि ‘हमें 1947 में आजादी भीख में मिली थी, असली आजादी 2014 में मिली’। कंगना ने आजादी आंदोलन का मजाक उड़ाते हुए महात्मा गाँधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभभाई पटेल, मौलाना आजाद, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारियों का अपमान किया है। इनकी कुरबानियों की वजह से आज हम आजाद हैं। शिकायत में कहा गया है कि कंगना को इतिहास के बारे में जानकारी नहीं है और इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार देने से इसकी गरिमा भंग होती है। नेहा खान ने राष्ट्रपति से आह्वान किया है कि पद्म पुरस्कार का मसला सीधे राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़ा हुआ है। इसलिए कंगना जैसे लोगों को पुरस्कार देने से राष्ट्रपति की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है।
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