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पिता-पुत्र की पिटाई मामले में सिक्योरिटी एजेंसी का पंजीकरण होगा रद्द
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नोएडा। सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी निवासी पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटने के मामले में सीआईएसएस ब्यूरो सिक्योरिटी एजेंसी का पंजीकरण रद्द करने की तैयारी है। शुक्रवार को नोएडा पुलिस ने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था, लखनऊ मुख्यालय को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है। पुलिस की जांच में पता चला है कि सिक्योरिटी एजेंसी ने प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसीज रेगुलेशन एक्ट (पसारा) का उल्लंघन किया है।
पुलिस के अनुसार, सोसाइटी में 17वीं मंजिल पर रहने वाले सुरेश कुमार व उनके बेटे की इंटरनेट लगवाने के लिए टावर में लगे शाफ्ट की चाबी मांगने को लेकर सिक्योरिटी गार्ड से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सुरेश को सोसाइटी के 15 से 20 गार्डों ने घेरकर लाठी डंडों से जमकर पीटा था। आरोप है कि गार्डों ने करीब चार मिनट में इस तरह से डंडे व रॉड बरसाए कि सुरेश बेहोश गए। जब इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस अलर्ट हुई और सोसाइटी के एओए अध्यक्ष तेज प्रकाश सचिव संजय सिंह, सिक्योरिटी सुपरवाइजर अमलेश राय समेत 15-20 गार्डों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मामले में पसारा एक्ट के तहत सोसाइटी में सुरक्षा की सर्विस देने वाली सीआईएसएस सिक्योरिटी एजेंसी की जांच की गई तो कई खामियां मिलीं। मानकों का उल्लंघन करने की बात सामने आई। इसके बाद इस एजेंसी के पंजीकरण को रद्द करने की रिपोर्ट तैयार की गई।
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आगरा से है पंजीकरण, कई चूक मिलीं
एडीसीपी ने बताया कि एजेंसी का पंजीकरण आगरा से है और अशोक कांबले इसका संचालक है। नोएडा में इसका कार्यालय सेक्टर-51 होशियारपुर में है। 30 दिसंबर 2020 को इस एजेंसी को लाइसेंस मिला था। एजेंसी के 113 गार्ड व 6 सुपरवाइजर लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी में कार्यरत हैं। पुलिस ने जब इसकी जांच की तो एजेंसी के पास किसी गार्ड का ट्रेंनिग सर्टिफिकेट नहीं मिला। शारीरिक व स्वास्थ्य मानकों का भी उल्लंघन मिला। इस बारे में पुलिस ने एजेंसी से रिपोर्ट मांगी थी।
पीड़ित ने की एडीसीपी से मुलाकात
पीड़ित सुरेश कुमार ने शुक्रवार को सेक्टर-14ए जाकर एडीसीपी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पक्ष रखा। इस पर एडीसीपी ने कहा कि मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है और अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एडीसीपी ने उन्हें आश्वस्त किया कि कोई आरोपी पुलिस की नजर से नहीं बच पाएगा। इस मामले पर वह खुद की नजर रख रहे हैं।
पुलिस ने नौवें आरोपी को किया गिरफ्तार
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस ने नौवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान औरैया निवासी आदित्य के रूप में हुई है। आदित्य एजेंसी में कार्यरत है और सोसाइटी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर का काम करता था। पुलिस ने उसे होशियारपुर स्थित एजेंसी कार्यालय से गिरफ्तार किया है।
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पुलिस के अनुसार, सोसाइटी में 17वीं मंजिल पर रहने वाले सुरेश कुमार व उनके बेटे की इंटरनेट लगवाने के लिए टावर में लगे शाफ्ट की चाबी मांगने को लेकर सिक्योरिटी गार्ड से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सुरेश को सोसाइटी के 15 से 20 गार्डों ने घेरकर लाठी डंडों से जमकर पीटा था। आरोप है कि गार्डों ने करीब चार मिनट में इस तरह से डंडे व रॉड बरसाए कि सुरेश बेहोश गए। जब इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस अलर्ट हुई और सोसाइटी के एओए अध्यक्ष तेज प्रकाश सचिव संजय सिंह, सिक्योरिटी सुपरवाइजर अमलेश राय समेत 15-20 गार्डों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मामले में पसारा एक्ट के तहत सोसाइटी में सुरक्षा की सर्विस देने वाली सीआईएसएस सिक्योरिटी एजेंसी की जांच की गई तो कई खामियां मिलीं। मानकों का उल्लंघन करने की बात सामने आई। इसके बाद इस एजेंसी के पंजीकरण को रद्द करने की रिपोर्ट तैयार की गई।
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आगरा से है पंजीकरण, कई चूक मिलीं
एडीसीपी ने बताया कि एजेंसी का पंजीकरण आगरा से है और अशोक कांबले इसका संचालक है। नोएडा में इसका कार्यालय सेक्टर-51 होशियारपुर में है। 30 दिसंबर 2020 को इस एजेंसी को लाइसेंस मिला था। एजेंसी के 113 गार्ड व 6 सुपरवाइजर लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी में कार्यरत हैं। पुलिस ने जब इसकी जांच की तो एजेंसी के पास किसी गार्ड का ट्रेंनिग सर्टिफिकेट नहीं मिला। शारीरिक व स्वास्थ्य मानकों का भी उल्लंघन मिला। इस बारे में पुलिस ने एजेंसी से रिपोर्ट मांगी थी।
पीड़ित ने की एडीसीपी से मुलाकात
पीड़ित सुरेश कुमार ने शुक्रवार को सेक्टर-14ए जाकर एडीसीपी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पक्ष रखा। इस पर एडीसीपी ने कहा कि मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है और अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एडीसीपी ने उन्हें आश्वस्त किया कि कोई आरोपी पुलिस की नजर से नहीं बच पाएगा। इस मामले पर वह खुद की नजर रख रहे हैं।
पुलिस ने नौवें आरोपी को किया गिरफ्तार
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस ने नौवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान औरैया निवासी आदित्य के रूप में हुई है। आदित्य एजेंसी में कार्यरत है और सोसाइटी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर का काम करता था। पुलिस ने उसे होशियारपुर स्थित एजेंसी कार्यालय से गिरफ्तार किया है।