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Noida News: ग्रीन हाइड्रोजन पर रिसर्च होगी तेज, युवाओं को जापान में मिलेगा रोजगार
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यमुना सिटी स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी में मौजूदमंच पर पहुंचे जापान के गवर्नर, पर्यटन मंत्री जय
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यामानाशी प्रांत के गवर्नर ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के साथ किया करार, बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। भारत और जापान मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पर रीसर्च को तेज किया जाएगा। भारतीय युवाओं के लिए भी जापान में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार को जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोतारो नागासाकी ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन किया।
प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह की मौजूदगी में नागासाकी अपने 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां सभी का भारतीय परंपरा के अनुरूप स्वागत किया गया। फिर विद्यार्थियों के लिए वैश्विक कॅरिअर के अवसर और संयुक्त ग्रीन हाइड्रोजन अनुसंधान को गति देने के लिए यामानाशी प्रीफेक्चुरल सरकार ने दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
गवर्नर कोतारो नागासाकी और यूनिवर्सिटी के चांसलर सुनील गलगोटिया ने समझौते पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए। भविष्य में यूनिवर्सिटी कैंपस में जापान के साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भी स्थापना की जाएगी जिससे विभिन्न शोध और वैज्ञानिक प्रयोगों को गति प्रदान की जा सके। जापान के निवेश के रास्ते भी खुलेंगे।
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कार्यक्रम के दौरान यामानाशी प्रांत के उप-गवर्नर जुनिची इशिदेरा, यामानाशी सरकार के एडवाइजर नीरेंद्र उपाध्याय, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया मौजूद रहे।
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जापान के गवर्नर बोले, युवा होते तो भारत में करते पढ़ाई
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जापानी और भारतीय छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों देशों के युवाओं ने साथ मिलकर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।जापानी गवर्नर ने कहा कि अगर वह युवा होते और 30 साल पहले यहां आए होते तो वह खुद यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले लेते और यहीं रहकर पढ़ाई करते। वहीं यूनिवर्सिटी के चांसलर सुनील गलगोटिया ने कहा कि भारत और जापान की मित्रता ज्ञान, अनुशासन और पारस्परिक सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है।
एमओयू से इन गतिविधियों को मिलेगी तेजी
-ग्रीन हाइड्रोजन पर दोनों देश मिलकर शोध करेंगे।
-स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम होंगे जिसके तहत दोनों देशों के विद्यार्थी एक-दूसरे की संस्कृति और शिक्षा को सीखेंगे।
-नर्सिंग स्टूडेंट को जापान में जाकर इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा और उन्हें वहां रोजगार भी दिया जाएगा।
-दोनों देशों के शिक्षक भी एक-दूसरे के देश में जाकर वहां की शिक्षण तकनीक और व्यवस्थाओं को सीखेंगे।
-भविष्य में यमुना सिटी क्षेत्र में जापान के निवेश की संभावनाएं तेज होंगी और विभिन्न कंपनियां शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करेंगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। भारत और जापान मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पर रीसर्च को तेज किया जाएगा। भारतीय युवाओं के लिए भी जापान में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार को जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोतारो नागासाकी ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन किया।
प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह की मौजूदगी में नागासाकी अपने 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां सभी का भारतीय परंपरा के अनुरूप स्वागत किया गया। फिर विद्यार्थियों के लिए वैश्विक कॅरिअर के अवसर और संयुक्त ग्रीन हाइड्रोजन अनुसंधान को गति देने के लिए यामानाशी प्रीफेक्चुरल सरकार ने दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
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गवर्नर कोतारो नागासाकी और यूनिवर्सिटी के चांसलर सुनील गलगोटिया ने समझौते पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए। भविष्य में यूनिवर्सिटी कैंपस में जापान के साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भी स्थापना की जाएगी जिससे विभिन्न शोध और वैज्ञानिक प्रयोगों को गति प्रदान की जा सके। जापान के निवेश के रास्ते भी खुलेंगे।
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कार्यक्रम के दौरान यामानाशी प्रांत के उप-गवर्नर जुनिची इशिदेरा, यामानाशी सरकार के एडवाइजर नीरेंद्र उपाध्याय, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया मौजूद रहे।
जापान के गवर्नर बोले, युवा होते तो भारत में करते पढ़ाई
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जापानी और भारतीय छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों देशों के युवाओं ने साथ मिलकर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।जापानी गवर्नर ने कहा कि अगर वह युवा होते और 30 साल पहले यहां आए होते तो वह खुद यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले लेते और यहीं रहकर पढ़ाई करते। वहीं यूनिवर्सिटी के चांसलर सुनील गलगोटिया ने कहा कि भारत और जापान की मित्रता ज्ञान, अनुशासन और पारस्परिक सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है।
एमओयू से इन गतिविधियों को मिलेगी तेजी
-ग्रीन हाइड्रोजन पर दोनों देश मिलकर शोध करेंगे।
-स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम होंगे जिसके तहत दोनों देशों के विद्यार्थी एक-दूसरे की संस्कृति और शिक्षा को सीखेंगे।
-नर्सिंग स्टूडेंट को जापान में जाकर इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा और उन्हें वहां रोजगार भी दिया जाएगा।
-दोनों देशों के शिक्षक भी एक-दूसरे के देश में जाकर वहां की शिक्षण तकनीक और व्यवस्थाओं को सीखेंगे।
-भविष्य में यमुना सिटी क्षेत्र में जापान के निवेश की संभावनाएं तेज होंगी और विभिन्न कंपनियां शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करेंगी।