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Noida News: गार्डेनिया गेटवे के फ्लैट में प्लास्टर के साथ गिरा सरिया, बाल-बाल बची जान

Thu, 16 Jul 2026 08:29 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 08:29 PM IST
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Rebar and plaster fall in Gardenia Gateway flat; narrow escape.
-बुधवार रात 2 बजे की घटना, किरायेदार के बिस्तर से उठने के कुछ सेकेंड बाद ही गिरा प्लास्टर
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595 फ्लैट हैं सोसाइटी में जिसमें अधिकतर की हालत खराब

संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-75 स्थित गार्डेनिया गेटवे सोसाइटी के टावर सी-2 के फ्लैट नंबर-1814 में बुधवार देर रात कमरे की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे से कुछ सेकेंड पहले किरायेदार बिस्तर से उठकर दरवाजे की ओर चले गए, जिससे उनकी जान बच गई। घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण संबंधी खामियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। सोसाइटी में 595 फ्लैट हैं जिसमें से ज्यादातर की हालत खराब है।

गार्डेनिया गेटवे के एओए प्रेसिडेंट बीएस लावन्या का कहना है कि सोसाइटी में निर्माण संबंधी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर दीवारों में दरारें हैं और प्लास्टर झड़ रहा है। इन शिकायतों के बावजूद बिल्डर की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी केवल अस्थायी मरम्मत कर मामले को टाल दिया जाता है। एसोसिएशन ने पूरे परिसर का तत्काल स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने, कमजोर हिस्सों की विशेषज्ञों से जांच कराने और सभी आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की कमाई लगाकर यहां घर खरीदे हैं, लेकिन अब उन्हें अपने ही घर में डर के साए में रहना पड़ रहा है। इस घटना के बाद बिल्डर ने मरम्मत की बात कही लेकिन एओए ने मना कर दिया है।
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20 हजार किराया, 2500 रुपये मेंटेनेंस... फिर भी सुरक्षित नहीं
किरायेदार आकाश ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से किराये पर रह रहे हैं। वह हर महीने 20 हजार रुपये किराया और 2500 रुपये मेंटेनेंस शुल्क देते हैं। इतना खर्च करने के बाद भी वे सुरक्षित नहीं है। उनका फ्लैट 18वीं मंजिल पर है, जिसके ठीक ऊपर पानी की टंकी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि टंकी के आसपास आए दिन प्लंबरों का आना-जाना लगा रहता है। उनका अनुमान है कि लगातार रिसाव या मरम्मत कार्य के कारण छत कमजोर हुई होगी। हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। आकाश के अनुसार, बुधवार रात करीब दो बजे वह सो रहे थे। तभी अचानक तेज आवाज सुनाई दी। उन्होंने ऊपर देखा तो छत का प्लास्टर टूटकर नीचे आने लगा। वह तुरंत उठकर कमरे से बाहर निकलने के लिए दरवाजे की ओर दौड़े। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, छत का बड़ा हिस्सा उनके पीछे गिर पड़ा। उन्होंने बताया कि केवल प्लास्टर ही नहीं, बल्कि सरिया भी नीचे आ गिरा। अगर वह कुछ सेकंड और बिस्तर पर रहते तो जान जा सकती थी।
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