फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Reached the Supreme Court against the fine Schools in Noida, Greater Noida

Noida News: Copy - जुर्माने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नोएडा, ग्रेटर नोएडा के स्कूल

Fri, 28 Apr 2023 11:29 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 28 Apr 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
Reached the Supreme Court against the fine
Schools in Noida, Greater Noida
जुर्माने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नोएडा, ग्रेनो के स्कूल
विज्ञापन

- जिलाधिकारी ने 100 से अधिक स्कूलों पर लगाया था एक-एक लाख का जुर्माना
- हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी स्कूलों ने नहीं लौटाई कोविड काल के दौरान बढ़ाई गई फीस

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। गौतमबुद्ध नगर प्रशासन की ओर से लगाए गए एक-एक लाख रुपये के जुर्माने के खिलाफ नोएडा और ग्रेटर के स्कूल प्रबंधनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुख्य न्यायाधीश सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ याचिका पर आठ मई को सुनवाई करेगी। जिला प्रशासन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 100 स्कूलों पर जुर्माना लगाया है। मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 30 दिनों के भीतर छात्रों को फीस के रूप में वसूली गई 15 फीसदी फीस राशि वापस नहीं करने पर जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया जाएगा। फीस वापसी को लेकर स्कूलों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर अभिभावकों ने अधिकारियों से गुहार लगाई थी।

यह है मामला :
वर्ष 2020-21 में कोरोना काल के दौरान स्कूलों में 15 प्रतिशत फीस बढ़ा दी थी। मामले में उच्च न्यायालय ने 6 जनवरी 2023 को दिए आदेश में प्रदेश के सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को 15 प्रतिशत फीस अगले वर्ष में समायोजित करने या स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों के खाते में भेजने के आदेश दिए थे। न्यायालय के आदेश पर जिला शुल्क नियामक समिति ने 16 फरवरी तक सभी स्कूलों को 15 प्रतिशत फीस वापस करने के लिए नोटिस दिया था। जिस पर निजी स्कूलों ने कार्रवाई नहीं की। समिति ने दोबारा 25 फरवरी को फीस वापसी का नोटिस देते हुए कार्रवाई की बात कही थी। लगातार नोटिस को नजरअंदाज करने पर 8 अप्रैल को 10 स्कूलों और 15 अप्रैल को सभी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कुछ स्कूलों को छोड़कर अन्य ने इसका संज्ञान नहीं लिया। इस मामले में 24 अप्रैल को शुल्क नियामक समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में बैठक में स्कूलों पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाने का फैसला किया गया।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed