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23 लाख की आरसी जारी
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बिजली चोरी में लिप्त फर्म से होगी 23 लाख की वसूली
नोएडा। मेसर्स श्री कृष्णा पॉलीमर्स में नप चुके तत्कालीन ग्रेटर नोएडा खंड में एक्सईएन लाल सिंह राकेश के बाद विद्युत निगम अफसरों ने फर्म पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फर्म पर 23 लाख रुपये के बिजली चोरी का असेसमेंट निकालकर जिला प्रशासन को रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर दी गई है। जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर फर्म के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। 27 मई 2017 से 9 फरवरी 2018 तक लाल सिंह राकेश एक्सईएन रहे। आरोप है कि पद का दुरुपयोग कर मेसर्स श्री कृष्णा पॉलीमर्स के परिसर में अवैध लाइन खिंचवा दी। फर्म का परिसर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र मंडी श्यामनगर के ठीक सामने है। परिसर में लगे पोल पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) लिखा था, जबकि 100 केवीए का जो ट्रांसफार्मर लगाया गया वह भी विभाग का ही निकला। इसके अलावा भी अन्य कई आरोप जांच में लगे। निगम ने फर्म के खिलाफ करीब 23 लाख रुपये की बिजली चोरी मानी है।
अफसरों से शासन स्तर से होगी रिकवरी
अफसरों ने जांच में राजस्व हानि 2,71,780 रुपये मानी है। पूरे प्रकरण में एक्सईएन लाल सिंह राकेश के अलावा एसडीओ व जेई भी आरोपी हैं। तीनों से 90,594 व 90,594 रुपये की रिकवरी की जाएगी। स्थानीय विद्युत निगम अफसरों ने बताया कि रिकवरी दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड या शासन स्तर से ही होगी। बता दें कि रिकवरी के अलावा एक्सईएन लाल सिंह राकेश की पदावनति सहायक अभियंता पद पर कर दी गई है।
बयान
मेसर्स श्री कृष्णा पॉलीमर्स के खिलाफ करीब 23 लाख रुपये के बिजली चोरी का असेसमेंट निकाला गया है। प्रशासन को वसूली के लिए आरसी जारी कर दी गई है। जल्द ही एक रिमाइंडर और भेजा जाएगा।
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वीएन सिंह, चीफ इंजीनियर
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नोएडा। मेसर्स श्री कृष्णा पॉलीमर्स में नप चुके तत्कालीन ग्रेटर नोएडा खंड में एक्सईएन लाल सिंह राकेश के बाद विद्युत निगम अफसरों ने फर्म पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फर्म पर 23 लाख रुपये के बिजली चोरी का असेसमेंट निकालकर जिला प्रशासन को रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर दी गई है। जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर फर्म के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। 27 मई 2017 से 9 फरवरी 2018 तक लाल सिंह राकेश एक्सईएन रहे। आरोप है कि पद का दुरुपयोग कर मेसर्स श्री कृष्णा पॉलीमर्स के परिसर में अवैध लाइन खिंचवा दी। फर्म का परिसर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र मंडी श्यामनगर के ठीक सामने है। परिसर में लगे पोल पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) लिखा था, जबकि 100 केवीए का जो ट्रांसफार्मर लगाया गया वह भी विभाग का ही निकला। इसके अलावा भी अन्य कई आरोप जांच में लगे। निगम ने फर्म के खिलाफ करीब 23 लाख रुपये की बिजली चोरी मानी है।
अफसरों से शासन स्तर से होगी रिकवरी
अफसरों ने जांच में राजस्व हानि 2,71,780 रुपये मानी है। पूरे प्रकरण में एक्सईएन लाल सिंह राकेश के अलावा एसडीओ व जेई भी आरोपी हैं। तीनों से 90,594 व 90,594 रुपये की रिकवरी की जाएगी। स्थानीय विद्युत निगम अफसरों ने बताया कि रिकवरी दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड या शासन स्तर से ही होगी। बता दें कि रिकवरी के अलावा एक्सईएन लाल सिंह राकेश की पदावनति सहायक अभियंता पद पर कर दी गई है।
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बयान
मेसर्स श्री कृष्णा पॉलीमर्स के खिलाफ करीब 23 लाख रुपये के बिजली चोरी का असेसमेंट निकाला गया है। प्रशासन को वसूली के लिए आरसी जारी कर दी गई है। जल्द ही एक रिमाइंडर और भेजा जाएगा।
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वीएन सिंह, चीफ इंजीनियर