{"_id":"68dd2939b58620ef110c203b","slug":"questions-raised-over-aoa-elections-in-white-orchid-society-noida-news-c-23-1-lko1064-76999-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी में एओए चुनावों पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी में एओए चुनावों पर उठे सवाल
विज्ञापन
- निवासियों ने चुनाव प्रक्रिया पर अंगुली उठाते हुए लगाएं धांधली के आरोप
-व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी का मामला, डिप्टी रजिस्ट्रार से की जांच की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी में हुए नए बोर्ड के चुनाव पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने चुनाव प्रकिया में मनमानी और धांधली का आरोप लगाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार से जांच की मांग की है। इस सबके बीच चुनाव में इस वर्ष पूर्व बोर्ड के कुल नौ सदस्यों ने पुन: भाग लिया। कोई प्रत्याशी न होने के कारण सभी को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया।
एओए अध्यक्ष अजय रुहेला, सचिव विकास कुमार सिंह,कोषाध्यक्ष सुदीप कुमार डे को चुना गया। वहीं अनूप कुमार मिश्रा,सुनील कुमार वर्मा,सुधीर कुमार गोयल,ऐश्वर्य प्रकाश पांडे और गौरव सिंह को सदस्य चुना गया। एओए अध्यक्ष अजय रुहेला ने कहा कि सोसाइटी के विकास के लिए लगातार कार्य किए जाएंगे। वहीं, सुमित कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि व्हाइट ऑर्किड सोसायटी में निवासियों के अधिकारों की अनदेखी कर एओए द्वारा मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा सोसायटी की एओए की जीबीएम को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद संबंधित लोग हाईकोर्ट भी गए, लेकिन वहां पहले से ही रेजिडेंट्स ने कैविएट दायर कर रखी थी। हाईकोर्ट से लौटने के बाद एओए ने एक नया हथकंडा अपनाते हुए, जीबीएम के स्थान पर एजीएम घोषित कर दी और बैकडेट के फर्जी नोटिस बनाकर सोसायटी के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया।निवासियों का आरोप है कि एओए खुलेआम ग्रेटर नोएडा जैसे आधुनिक शहर में जंगल राज चला रही है, पैसे का दुरुपयोग कर रही है और पारदर्शिता से बच रही है।
विज्ञापन
-व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी का मामला, डिप्टी रजिस्ट्रार से की जांच की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी में हुए नए बोर्ड के चुनाव पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने चुनाव प्रकिया में मनमानी और धांधली का आरोप लगाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार से जांच की मांग की है। इस सबके बीच चुनाव में इस वर्ष पूर्व बोर्ड के कुल नौ सदस्यों ने पुन: भाग लिया। कोई प्रत्याशी न होने के कारण सभी को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया।
एओए अध्यक्ष अजय रुहेला, सचिव विकास कुमार सिंह,कोषाध्यक्ष सुदीप कुमार डे को चुना गया। वहीं अनूप कुमार मिश्रा,सुनील कुमार वर्मा,सुधीर कुमार गोयल,ऐश्वर्य प्रकाश पांडे और गौरव सिंह को सदस्य चुना गया। एओए अध्यक्ष अजय रुहेला ने कहा कि सोसाइटी के विकास के लिए लगातार कार्य किए जाएंगे। वहीं, सुमित कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि व्हाइट ऑर्किड सोसायटी में निवासियों के अधिकारों की अनदेखी कर एओए द्वारा मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा सोसायटी की एओए की जीबीएम को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद संबंधित लोग हाईकोर्ट भी गए, लेकिन वहां पहले से ही रेजिडेंट्स ने कैविएट दायर कर रखी थी। हाईकोर्ट से लौटने के बाद एओए ने एक नया हथकंडा अपनाते हुए, जीबीएम के स्थान पर एजीएम घोषित कर दी और बैकडेट के फर्जी नोटिस बनाकर सोसायटी के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया।निवासियों का आरोप है कि एओए खुलेआम ग्रेटर नोएडा जैसे आधुनिक शहर में जंगल राज चला रही है, पैसे का दुरुपयोग कर रही है और पारदर्शिता से बच रही है।
विज्ञापन