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तीन माह से नहीं मिला वेतन, सफाई कर्मचारियों में रोष
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नूंह। शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज के सैकड़ों कर्मचारियों ने तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान सुभाषचंद्र को ज्ञापन सौंपा। लिखित शिकायत में कर्मचारियों ने बताया कि उनको वेतन कभी समय पर नहीं दिया जाता है। हर तीन से चार माह में ही वेतन दिया जाता है। वे शिवा एजेंसी की देखरेख में कार्य कर रहे हैं।
एजेंसी द्वारा उनका ईपीएफ व ईएसआई नहीं काटा जा रहा है। पिछले दो वर्षों का उनके ईपीएफ को छछौली कंपनी द्वारा नहीं दिया गया है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज की निदेशक से कई बार संपर्क किया गया तो वह उन्हें कंपनी के ठेकेदार से मिलने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि जब वे ठेकेदार से मिलने जाते हैं तो वह उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी मिलती है। ऐसे में उन्होंने वेतन नहीं मिलने के साथ मानसिक परेशानी से भी जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के कारण वह कई महीने से ज्यादा काम कर रहे हैं।
सरकार के आदेशानुसार उन्हें डबल वेतन देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अभी तक उन्हें वेतन नहीं दिया गया है। दूसरी ओर दर्जनों कर्मचारियों को कोरोना काल में नौकरी से हटा दिया गया है। ऐसे में वे अब आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि वह मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 से कार्य कर रहे हैं। जिससे प्रशासन को दखल देकर उन्हें डीसी रेट पर कराना चाहिए। वहीं प्रधान सुभाषचंद्र ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बारे में कंपनी के अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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इस मौके पर आशा, शकुंतला, दर्शन, कर्ण राजो देवी व किरणबती सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं इस बारे में लॉर्ड शिवा एजेंसी के ठेकेदार अशोक चहल ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को एक दो दिन में वेतन दिया जाएगा। कर्मचारियों का ईपीएफ व ईएसआई तैयार है। कोरोना की वजह से कर्मचारियों के वेतन में देरी हो गई थी।
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एजेंसी द्वारा उनका ईपीएफ व ईएसआई नहीं काटा जा रहा है। पिछले दो वर्षों का उनके ईपीएफ को छछौली कंपनी द्वारा नहीं दिया गया है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज की निदेशक से कई बार संपर्क किया गया तो वह उन्हें कंपनी के ठेकेदार से मिलने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि जब वे ठेकेदार से मिलने जाते हैं तो वह उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी मिलती है। ऐसे में उन्होंने वेतन नहीं मिलने के साथ मानसिक परेशानी से भी जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के कारण वह कई महीने से ज्यादा काम कर रहे हैं।
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सरकार के आदेशानुसार उन्हें डबल वेतन देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अभी तक उन्हें वेतन नहीं दिया गया है। दूसरी ओर दर्जनों कर्मचारियों को कोरोना काल में नौकरी से हटा दिया गया है। ऐसे में वे अब आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि वह मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 से कार्य कर रहे हैं। जिससे प्रशासन को दखल देकर उन्हें डीसी रेट पर कराना चाहिए। वहीं प्रधान सुभाषचंद्र ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बारे में कंपनी के अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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इस मौके पर आशा, शकुंतला, दर्शन, कर्ण राजो देवी व किरणबती सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं इस बारे में लॉर्ड शिवा एजेंसी के ठेकेदार अशोक चहल ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को एक दो दिन में वेतन दिया जाएगा। कर्मचारियों का ईपीएफ व ईएसआई तैयार है। कोरोना की वजह से कर्मचारियों के वेतन में देरी हो गई थी।