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Noida News: बुलंदशहर के ध्यानार्थ ताऊ-भतीजा हत्याकांड के आरोपी प्रिंस भाटी ने बुलंदशहर में किया सरेंडर
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फोटो--
- आरोपी ने बीते शनिवार को गुपचुप तरीके से कोर्ट में किया सरेंडर, भेजा गया बुलंदशहर की जेल
- आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद एनकाउंटर के डर से गैर जनपद के कोर्ट में जाकर किया सरेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा/दादरी। सैंथली गांव में नाली के विवाद में हुई ताऊ-भतीजे की हत्या के मुख्य आरोपी प्रिंस भाटी ने शनिवार को बुलंदशहर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बताया गया है कि एनकाउंटर के डर से उसने गैर जनपद में सरेंडर किया है। वहां की अदालत ने उसे बुलंदशहर की जेल भेज दिया। इससे आरोपी की तलाश कर रही जारचा कोतवाली पुलिस को झटका लगा है। पुलिस अब आरोपी की रिमांड के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
बता देें कि सैंथली में सीआईएसएफ से सेवानिवृत्त दारोगा अजय पाल (55) व उनके भतीजे दिपांशु भाटी (21) की पड़ोसी प्रिंस भाटी ने बदमाशों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक अजय पाल के भाई ने प्रिंस भाटी, बॉबी तोमर, मनोज नागर आदि के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हत्यारों की गिरफ्तारी, एनकाउंटर व सुरक्षा की मांग को लेकर परिजनों ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने परिजन को कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। घटना के आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई। इसी बीच मुख्य आरोपी प्रिंस भाटी ने शनिवार को बुलंदशहर कोर्ट में गुपचुप तरीके से सरेंडर कर दिया।
मामले की जांच कर रही जारचा कोतवाली पुलिस ने बुलंदशहर जेल प्रशासन से आरोपी के जेल भेजे जाने की सूचना मांगी है। साथ ही, पुलिस की ओर से जल्द प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया जाएगा। इसके बाद पुलिस की ओर से कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी। रिमांड न मिले पर पुलिस की ओर ओर से अदालत से अनुमति लेकर जेल में पूछताछ की जा सकती है। जारचा कोतवाली प्रभारी सुमनेश कुमार ने बताया कि आरोपी के सरेंडर की जानकारी मिली है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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एनकाउंटर के डर से गैर जनपद में सरेंडर
आरोपी प्रिंस भाटी ने जिले में एनकाउंटर के डर से बुलंदशहर की कोर्ट में सरेंडर किया है। मामले फरार आरोपी मनोज नागर व अन्य आरोपी भी गैर जनपद में सरेंडर कर सकते हैं। आरोपी मनोज नागर पूर्व में ईकोटेक-1 कोतवाली क्षेत्र में जेल से छूटे युवकों पर फायरिंग और राहगीर की हत्या के मामले में दिल्ली की कोर्ट में सरेंडर कर चुका है। हत्यारोपियों को डर सता रहा है कि पुलिस उन्हें एनकाउंटर में मार सकती है। इसलिए आरोपी दूसरे जिले की अदालत में जाकर न्यायिक संरक्षण में जाना चाहते हैं। गैर जिले में सरेंडर करने से आरोपी निष्पक्ष न्यायालय के सामने पेश होते हैं। पुलिस का तत्काल दबाव नहीं बन पाता है। बदमाशों को पता है कि पुलिस उनकी तलाश में है। इससे उन्हें गिरफ्तारी का खतरा है। लेकिन कोर्ट में जाकर सरेंडर करने से गिरफ्तारी तकनीकी रूप से न्यायिक हो जाएगी। गैर जिले में जेल भेजे जाने के बाद पुलिस को प्रोडक्शन वारंट लेकर आरोपी को लाने की प्रक्रिया करनी पड़ेगी। इस दौरान आरोपियों को पता है कि हर कदम पर न्यायालय की निगरानी होगी। ऐसे में एनकाउंटर करना आसान नहीं होगा।
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परिजनों को सताने लगा डर
घटना के बाद से परिजन और ग्रामीण डरे और सहमे हुए हैं। आशंका है कि आरोपी पीड़ित परिजनों को धमका सकते हैं। आरोपी अपने गुर्गों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास कर हैं कि वह जेल से आने के बाद सबको देख लेंगे। उन्हें पहले से डर था कि आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। सरेंडर के बाद जमानत पर बाहर आने के बाद फिर कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
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- आरोपी ने बीते शनिवार को गुपचुप तरीके से कोर्ट में किया सरेंडर, भेजा गया बुलंदशहर की जेल
- आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद एनकाउंटर के डर से गैर जनपद के कोर्ट में जाकर किया सरेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा/दादरी। सैंथली गांव में नाली के विवाद में हुई ताऊ-भतीजे की हत्या के मुख्य आरोपी प्रिंस भाटी ने शनिवार को बुलंदशहर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बताया गया है कि एनकाउंटर के डर से उसने गैर जनपद में सरेंडर किया है। वहां की अदालत ने उसे बुलंदशहर की जेल भेज दिया। इससे आरोपी की तलाश कर रही जारचा कोतवाली पुलिस को झटका लगा है। पुलिस अब आरोपी की रिमांड के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
बता देें कि सैंथली में सीआईएसएफ से सेवानिवृत्त दारोगा अजय पाल (55) व उनके भतीजे दिपांशु भाटी (21) की पड़ोसी प्रिंस भाटी ने बदमाशों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक अजय पाल के भाई ने प्रिंस भाटी, बॉबी तोमर, मनोज नागर आदि के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हत्यारों की गिरफ्तारी, एनकाउंटर व सुरक्षा की मांग को लेकर परिजनों ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने परिजन को कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। घटना के आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई। इसी बीच मुख्य आरोपी प्रिंस भाटी ने शनिवार को बुलंदशहर कोर्ट में गुपचुप तरीके से सरेंडर कर दिया।
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मामले की जांच कर रही जारचा कोतवाली पुलिस ने बुलंदशहर जेल प्रशासन से आरोपी के जेल भेजे जाने की सूचना मांगी है। साथ ही, पुलिस की ओर से जल्द प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया जाएगा। इसके बाद पुलिस की ओर से कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी। रिमांड न मिले पर पुलिस की ओर ओर से अदालत से अनुमति लेकर जेल में पूछताछ की जा सकती है। जारचा कोतवाली प्रभारी सुमनेश कुमार ने बताया कि आरोपी के सरेंडर की जानकारी मिली है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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एनकाउंटर के डर से गैर जनपद में सरेंडर
आरोपी प्रिंस भाटी ने जिले में एनकाउंटर के डर से बुलंदशहर की कोर्ट में सरेंडर किया है। मामले फरार आरोपी मनोज नागर व अन्य आरोपी भी गैर जनपद में सरेंडर कर सकते हैं। आरोपी मनोज नागर पूर्व में ईकोटेक-1 कोतवाली क्षेत्र में जेल से छूटे युवकों पर फायरिंग और राहगीर की हत्या के मामले में दिल्ली की कोर्ट में सरेंडर कर चुका है। हत्यारोपियों को डर सता रहा है कि पुलिस उन्हें एनकाउंटर में मार सकती है। इसलिए आरोपी दूसरे जिले की अदालत में जाकर न्यायिक संरक्षण में जाना चाहते हैं। गैर जिले में सरेंडर करने से आरोपी निष्पक्ष न्यायालय के सामने पेश होते हैं। पुलिस का तत्काल दबाव नहीं बन पाता है। बदमाशों को पता है कि पुलिस उनकी तलाश में है। इससे उन्हें गिरफ्तारी का खतरा है। लेकिन कोर्ट में जाकर सरेंडर करने से गिरफ्तारी तकनीकी रूप से न्यायिक हो जाएगी। गैर जिले में जेल भेजे जाने के बाद पुलिस को प्रोडक्शन वारंट लेकर आरोपी को लाने की प्रक्रिया करनी पड़ेगी। इस दौरान आरोपियों को पता है कि हर कदम पर न्यायालय की निगरानी होगी। ऐसे में एनकाउंटर करना आसान नहीं होगा।
परिजनों को सताने लगा डर
घटना के बाद से परिजन और ग्रामीण डरे और सहमे हुए हैं। आशंका है कि आरोपी पीड़ित परिजनों को धमका सकते हैं। आरोपी अपने गुर्गों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास कर हैं कि वह जेल से आने के बाद सबको देख लेंगे। उन्हें पहले से डर था कि आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। सरेंडर के बाद जमानत पर बाहर आने के बाद फिर कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।