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ऑफिस खुलने में असमंजस और पुलिस की सख्ती की खबर-नोएडा, ग्रेटर नोएडा
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ढिलाई पर रहा असमंजस, पुलिस ने दिखाई सख्ती
नोएडा/ ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध नगर में सोमवार को कार्यालयों और कंपनियों के खुलने के अलावा कामकाज शुरू होने को लेकर असमंजस का माहौल रहा। वहीं, दूसरी ओर सड़क पर पुलिस की सख्ती देखने को मिली। कंपनियों के बुलावे पर जा रहे लोगों को पुलिस ने वापस भेजा। साथ ही बेवजह घूमने वालों पर भी सख्ती बरती गई। जिले में 20 अप्रैल से कई मामलों में छूट मिलने की आशा थी। लेकिन रविवार शाम को जिलाधिकारी, तीनों प्राधिकरणों के सीईओ और पुलिस कमिश्नर की बैठक में किसी तरह की छूट नहीं देने का फैसला किया गया। वहीं, इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने की भरसक कोशिश की गई। लेकिन सोमवार सुबह तक यह सभी लोगों तक नहीं पहुंच सका। इसी वजह से सोमवार सुबह कई लोग कंपनियों के बुलाने पर घरों से निकल पड़े। लेकिन उनको बीच रास्ते से ही पुलिस ने लौटा दिया। वहीं, लोगों के ऑफिस आने की सूचनाएं जब सोमवार दोपहर को जिलाधिकारी सुहास एलवाई को मिली तो उन्होंने एक ट्वीट कर स्पष्ट किया कि जिले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, अर्द्ध सरकारी, निजी क्षेत्र की कंपनी हो या फिर कोई सेवा किसी को भी शुरू नहीं होने दिया जाएगा। गौतम बुद्ध नगर में हॉटस्पॉट अधिक होने व लगातार कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने की वजह से कोई ढील नहीं दी जाएगी।
ई-मेल से कंपनी ज्वाइन करने का मिला था आदेश
ग्रेनो निवासी सुलभ कुमार नोएडा स्थित एक कंपनी में काम करते हैं। कंपनी की ओर से रविवार को ही मेल जारी कर सोमवार को ऑफिस आने को कहा गया था। सोमवार को वह घर से तो निकल गए लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने रोक लिया। पुलिस को जब कंपनी की मेल दिखाई तो पुलिस ने बिना कार्रवाई उन्हें घर वापस भेज दिया। वहीं, विपिन कुमार सेक्टर-63 की आईटी कंपनी में काम करते हैं। कंपनी की ओर से रविवार शाम मेल आ गया था कि सोमवार से ज्वाइन करना है। वह किसी तरह ऑफिस तो पहुंच गए लेकिन पता चला कि सब कुछ पहले की तरह ही बंद रहेगा।
एक्सप्रेसवे के वैकल्पिक मार्गों को किया बंद
पुलिस ने बेवजह और इधर-उधर से होकर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे जाने वाले वैकल्पिक मार्गों को बंद कर दिया है। अब, नोएडा, दिल्ली और आगरा जाने के लिए परी चौक से चेकिंग के बाद ही गुजरना होगा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों को बैरिकेड और पोल लगाकर बंद किया है। इससे जरूरी काम से निकले लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है। पुलिस ने केवल परी चौक पर पुलिस बल तैनात कर आगे जाने के लिए रास्ता खोल रखा है। ताकि एक्सप्रेसवे जाने वाले लोगों को सघन चेकिंग कर ही आगे जाने दिया जा सके। इससे पहले लोग वैकल्पिक मार्गों से आगे आ जा रहे थे। दिल्ली स्थित एम्स जा रहे केपी सिंह ने बताया कि पी-3 से एक्सप्रेसवे जाने वाले मार्ग पर पोल गिराकर मार्ग बंद किया गया है। इससे एंबुलेंस व अन्य जरूरी काम के लिए जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। परी चौक तक जाने में मरीज आदि को काफी देरी हो सकती है। पुलिस को बेवजह जाने वालों पर रोक लगानी चाहिए न कि जरूरी कामों में बाधा डालनी चाहिए।
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गौड़ सिटी में भी कई रास्ते बंद
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौड़ सिटी सोसाइटी में भी कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पुलिस ने गौड़ सिटी वन के मुख्य गेट (गेट नंबर एक) से आनाजाना बंद कर दिया है। गौड़ सिटी वन के निवासी अब गेट नंबर दो से गौड़ सिटी टू को पार कर प्रताप विहार की तरफ से किसान चौक पर आ सकते हैं। इस रास्ते पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो आनेजाने वालों से पूछताछ करने के बाद ही अनुमति दे रहे हैं। इसी तरह नोएडा से होकर गौड़ सिटी की तरफ जाने वालों को किसान चौक पर पुलिस पूछताछ के बाद ही आगे जाने दे रही है। गौड़ सिटी वन व टू के बीच के रास्ते को भी पुलिस ने बंद कर दिया है।
शासन की नाराजगी के बाद अलर्ट पर पुलिस
जनपद की कानून व्यवस्था से शासन की नाराजगी के बाद अब पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। सोमवार को कई अतिरिक्त स्थानों पर चेकिंग की गई और नये बैरिकेड बनाए गए। कई सेक्टरों में लोगों को आनेजाने से रोकने के लिए सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया। जनपद में मरीजों की संख्या 100 तक पहुंच गई है। साथ ही लॉकडाउन के दौरान पुलिस व प्रशासन के कामकाज को शासन ने असंतोषजनक बताया था। अभी जनपद में 200 से अधिक स्थानों पर पुलिस की टीमें लगातार जांच कर रही हैं। अब 3 मई तक पुलिस और सख्ती बरतेगी। ताकि कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके। ऐसे में पुलिस की तरफ से माइक्रो प्लानिंग की जा रही है।
लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने का प्रयास जारी है। इसी कड़ी में वैकल्पिक मार्गों को बंद किया गया है। ताकि बेवजह इधर से उधर जाने वालों पर रोक लग सके। एक्सप्रेसवे जाने के लिए अब परी चौक होकर जाना होगा। सभी जगहों पर पुलिस तैनात नहीं की जा सकती।
- राजेश कुमार सिंह, डीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन
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नोएडा/ ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध नगर में सोमवार को कार्यालयों और कंपनियों के खुलने के अलावा कामकाज शुरू होने को लेकर असमंजस का माहौल रहा। वहीं, दूसरी ओर सड़क पर पुलिस की सख्ती देखने को मिली। कंपनियों के बुलावे पर जा रहे लोगों को पुलिस ने वापस भेजा। साथ ही बेवजह घूमने वालों पर भी सख्ती बरती गई। जिले में 20 अप्रैल से कई मामलों में छूट मिलने की आशा थी। लेकिन रविवार शाम को जिलाधिकारी, तीनों प्राधिकरणों के सीईओ और पुलिस कमिश्नर की बैठक में किसी तरह की छूट नहीं देने का फैसला किया गया। वहीं, इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने की भरसक कोशिश की गई। लेकिन सोमवार सुबह तक यह सभी लोगों तक नहीं पहुंच सका। इसी वजह से सोमवार सुबह कई लोग कंपनियों के बुलाने पर घरों से निकल पड़े। लेकिन उनको बीच रास्ते से ही पुलिस ने लौटा दिया। वहीं, लोगों के ऑफिस आने की सूचनाएं जब सोमवार दोपहर को जिलाधिकारी सुहास एलवाई को मिली तो उन्होंने एक ट्वीट कर स्पष्ट किया कि जिले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, अर्द्ध सरकारी, निजी क्षेत्र की कंपनी हो या फिर कोई सेवा किसी को भी शुरू नहीं होने दिया जाएगा। गौतम बुद्ध नगर में हॉटस्पॉट अधिक होने व लगातार कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने की वजह से कोई ढील नहीं दी जाएगी।
ई-मेल से कंपनी ज्वाइन करने का मिला था आदेश
ग्रेनो निवासी सुलभ कुमार नोएडा स्थित एक कंपनी में काम करते हैं। कंपनी की ओर से रविवार को ही मेल जारी कर सोमवार को ऑफिस आने को कहा गया था। सोमवार को वह घर से तो निकल गए लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने रोक लिया। पुलिस को जब कंपनी की मेल दिखाई तो पुलिस ने बिना कार्रवाई उन्हें घर वापस भेज दिया। वहीं, विपिन कुमार सेक्टर-63 की आईटी कंपनी में काम करते हैं। कंपनी की ओर से रविवार शाम मेल आ गया था कि सोमवार से ज्वाइन करना है। वह किसी तरह ऑफिस तो पहुंच गए लेकिन पता चला कि सब कुछ पहले की तरह ही बंद रहेगा।
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एक्सप्रेसवे के वैकल्पिक मार्गों को किया बंद
पुलिस ने बेवजह और इधर-उधर से होकर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे जाने वाले वैकल्पिक मार्गों को बंद कर दिया है। अब, नोएडा, दिल्ली और आगरा जाने के लिए परी चौक से चेकिंग के बाद ही गुजरना होगा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों को बैरिकेड और पोल लगाकर बंद किया है। इससे जरूरी काम से निकले लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है। पुलिस ने केवल परी चौक पर पुलिस बल तैनात कर आगे जाने के लिए रास्ता खोल रखा है। ताकि एक्सप्रेसवे जाने वाले लोगों को सघन चेकिंग कर ही आगे जाने दिया जा सके। इससे पहले लोग वैकल्पिक मार्गों से आगे आ जा रहे थे। दिल्ली स्थित एम्स जा रहे केपी सिंह ने बताया कि पी-3 से एक्सप्रेसवे जाने वाले मार्ग पर पोल गिराकर मार्ग बंद किया गया है। इससे एंबुलेंस व अन्य जरूरी काम के लिए जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। परी चौक तक जाने में मरीज आदि को काफी देरी हो सकती है। पुलिस को बेवजह जाने वालों पर रोक लगानी चाहिए न कि जरूरी कामों में बाधा डालनी चाहिए।
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गौड़ सिटी में भी कई रास्ते बंद
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौड़ सिटी सोसाइटी में भी कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पुलिस ने गौड़ सिटी वन के मुख्य गेट (गेट नंबर एक) से आनाजाना बंद कर दिया है। गौड़ सिटी वन के निवासी अब गेट नंबर दो से गौड़ सिटी टू को पार कर प्रताप विहार की तरफ से किसान चौक पर आ सकते हैं। इस रास्ते पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो आनेजाने वालों से पूछताछ करने के बाद ही अनुमति दे रहे हैं। इसी तरह नोएडा से होकर गौड़ सिटी की तरफ जाने वालों को किसान चौक पर पुलिस पूछताछ के बाद ही आगे जाने दे रही है। गौड़ सिटी वन व टू के बीच के रास्ते को भी पुलिस ने बंद कर दिया है।
शासन की नाराजगी के बाद अलर्ट पर पुलिस
जनपद की कानून व्यवस्था से शासन की नाराजगी के बाद अब पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। सोमवार को कई अतिरिक्त स्थानों पर चेकिंग की गई और नये बैरिकेड बनाए गए। कई सेक्टरों में लोगों को आनेजाने से रोकने के लिए सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया। जनपद में मरीजों की संख्या 100 तक पहुंच गई है। साथ ही लॉकडाउन के दौरान पुलिस व प्रशासन के कामकाज को शासन ने असंतोषजनक बताया था। अभी जनपद में 200 से अधिक स्थानों पर पुलिस की टीमें लगातार जांच कर रही हैं। अब 3 मई तक पुलिस और सख्ती बरतेगी। ताकि कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके। ऐसे में पुलिस की तरफ से माइक्रो प्लानिंग की जा रही है।
लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने का प्रयास जारी है। इसी कड़ी में वैकल्पिक मार्गों को बंद किया गया है। ताकि बेवजह इधर से उधर जाने वालों पर रोक लग सके। एक्सप्रेसवे जाने के लिए अब परी चौक होकर जाना होगा। सभी जगहों पर पुलिस तैनात नहीं की जा सकती।
- राजेश कुमार सिंह, डीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन