{"_id":"64306afe71fee0c58c074964","slug":"plots-will-be-given-to-companies-with-products-imported-from-abroad-grnoida-news-c-23-1-noi1091-6124-2023-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: विदेशों से आयात होने वाले उत्पाद वाली कंपनियों को दिए जाएंगे भूखंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: विदेशों से आयात होने वाले उत्पाद वाली कंपनियों को दिए जाएंगे भूखंड
विज्ञापन
-मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर हुई बैठक, 340 उपकरणों की सूची की जारी
-यमुना प्राधिकरण एक बार फिर लाएगा मेडिकल डिवाइस पार्क की योजना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-28 में बनाए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए जल्द ही नई योजना लाई जाएगी। इस बार ऐसी कंपनी को भूखंड दिए जाएंगे जो उपकरण भारत में नहीं बनाए जाते और विदेशों से आयात किए जा रहे हो। यह निर्णय बुधवार को शासन की ओर से संयुक्त सचिव फार्मा समेत अन्य बडे़ अधिकारियों ने लिया है। विदेशों से आयात किए जाने वाले 340 उपकरणों की सूची शासन ने तैयार की है।
कंसंट्रेटर और एनीस्थिया समेत कुछ ऐसी इकाईयों को जमीन दी गई है जाए, जिनका उत्पादन पहले से ही भारत में किया जा रहा है। अब मेडिकल डिवाइस पार्क में भी उनको भूखंड दिए गए हैं। इन कंपनियों के समक्ष अब यमुना प्राधिकरण प्रस्ताव रखेगा कि वह 340 उपकरणों की सूची में से कोई भी काम शुरू कर सकते हैं। कंपनियों को कोई भी उपकरण बनाने के लिए की आजादी रहेगी। इससे भारत में जो मेडिकल के उपकरण की कमी को दूर किया जा सकेगा। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित हो रहा है। पहले चरण में 110 एकड़ में योजना लांच की गई है। इसमें 1000 वर्ग मीटर से लेकर 16000 वर्ग मीटर तक के भूखंड हैं।
कंपनियों को सभी सुविधाएं कराई जाएंगी मुहैया
मेडिकल डिवाइस पार्क में आने वाली कंपनियों को बिजली-पानी से लेकर अन्य तरह सुविधाओं में छूट दी जाएगी। केंद्र सरकार से सुविधा मुहैया कराने के लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसमें एक किस्त आ चुकी है और दूसरी किस्त जून तक जारी की जाएगी। इनमें कॉमन आईटी फैसिलिटी सेंटर, थ्रीडी डिजाइन फैसिलिटी, इलेक्ट्रानिक सिस्टम एंड डिजाइन फैसिलिटी सेंटर, सेंसर टेस्टिंग एंड इंट्रीगेशन फैसिलिटी सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक एसेंबलिंग फैसिलिटी सेंटर, इलेक्ट्राॅनिक्स कोलिब्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर, कॉमन टूलिंग रूम, बायो मटेरियल टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर, इंटरनेट ऑफ मेडिकल टेक्नोलॉजी सेंटर, डिजिटल डिस्प्ले जोन, एआईएमएल एंड कम्पयूटिंग सेंटर, मैकेट्रानिक्स जोन व गामा इरेडियेशन जोन शामिल है। ये फैसिलिटी सेंटर 92648 वर्ग फीट में बनाए जाएंगे। इन पर करीब 106 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से करीब 80 करोड़ रुपये सेंटर में लगने वाले उपकरणों पर खर्च किए जाएंगे।
विज्ञापन
38 सौ करोड़ का होगा निवेश, 65 हजार को मिलेगा रोजगार
इसमें 38 सौ करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्रत्यक्ष रूप से इसमें 15 हजार तथा अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेेगा। यहां पर प्रयोगशाला में उपयोग में आने वाले उपकरण, सर्जिकल उपकरण, इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस, रेडियोथैरेपी में उपयोग होने वाले उपकरण, किडनी संबंधी इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण आदि बनाए जाएंगे।
मेडिकल डिवाइस पार्क में शासन की ओर से 340 उपकरणों की सूची दी गई है। अब जो योजनाएं निकाली जाएंगी, उनमें सूची के अनुसार ही उपकरण बनाने के लिए ही इकाई लगाई जा सकेगी। इसके लिए जल्द ही योजना लाई जाएगी।
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण।
विज्ञापन
-यमुना प्राधिकरण एक बार फिर लाएगा मेडिकल डिवाइस पार्क की योजना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-28 में बनाए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए जल्द ही नई योजना लाई जाएगी। इस बार ऐसी कंपनी को भूखंड दिए जाएंगे जो उपकरण भारत में नहीं बनाए जाते और विदेशों से आयात किए जा रहे हो। यह निर्णय बुधवार को शासन की ओर से संयुक्त सचिव फार्मा समेत अन्य बडे़ अधिकारियों ने लिया है। विदेशों से आयात किए जाने वाले 340 उपकरणों की सूची शासन ने तैयार की है।
कंसंट्रेटर और एनीस्थिया समेत कुछ ऐसी इकाईयों को जमीन दी गई है जाए, जिनका उत्पादन पहले से ही भारत में किया जा रहा है। अब मेडिकल डिवाइस पार्क में भी उनको भूखंड दिए गए हैं। इन कंपनियों के समक्ष अब यमुना प्राधिकरण प्रस्ताव रखेगा कि वह 340 उपकरणों की सूची में से कोई भी काम शुरू कर सकते हैं। कंपनियों को कोई भी उपकरण बनाने के लिए की आजादी रहेगी। इससे भारत में जो मेडिकल के उपकरण की कमी को दूर किया जा सकेगा। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित हो रहा है। पहले चरण में 110 एकड़ में योजना लांच की गई है। इसमें 1000 वर्ग मीटर से लेकर 16000 वर्ग मीटर तक के भूखंड हैं।
विज्ञापन
कंपनियों को सभी सुविधाएं कराई जाएंगी मुहैया
मेडिकल डिवाइस पार्क में आने वाली कंपनियों को बिजली-पानी से लेकर अन्य तरह सुविधाओं में छूट दी जाएगी। केंद्र सरकार से सुविधा मुहैया कराने के लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसमें एक किस्त आ चुकी है और दूसरी किस्त जून तक जारी की जाएगी। इनमें कॉमन आईटी फैसिलिटी सेंटर, थ्रीडी डिजाइन फैसिलिटी, इलेक्ट्रानिक सिस्टम एंड डिजाइन फैसिलिटी सेंटर, सेंसर टेस्टिंग एंड इंट्रीगेशन फैसिलिटी सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक एसेंबलिंग फैसिलिटी सेंटर, इलेक्ट्राॅनिक्स कोलिब्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर, कॉमन टूलिंग रूम, बायो मटेरियल टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर, इंटरनेट ऑफ मेडिकल टेक्नोलॉजी सेंटर, डिजिटल डिस्प्ले जोन, एआईएमएल एंड कम्पयूटिंग सेंटर, मैकेट्रानिक्स जोन व गामा इरेडियेशन जोन शामिल है। ये फैसिलिटी सेंटर 92648 वर्ग फीट में बनाए जाएंगे। इन पर करीब 106 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से करीब 80 करोड़ रुपये सेंटर में लगने वाले उपकरणों पर खर्च किए जाएंगे।
विज्ञापन
38 सौ करोड़ का होगा निवेश, 65 हजार को मिलेगा रोजगार
इसमें 38 सौ करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्रत्यक्ष रूप से इसमें 15 हजार तथा अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेेगा। यहां पर प्रयोगशाला में उपयोग में आने वाले उपकरण, सर्जिकल उपकरण, इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस, रेडियोथैरेपी में उपयोग होने वाले उपकरण, किडनी संबंधी इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण आदि बनाए जाएंगे।
मेडिकल डिवाइस पार्क में शासन की ओर से 340 उपकरणों की सूची दी गई है। अब जो योजनाएं निकाली जाएंगी, उनमें सूची के अनुसार ही उपकरण बनाने के लिए ही इकाई लगाई जा सकेगी। इसके लिए जल्द ही योजना लाई जाएगी।
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण।