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बिजली घोटाले में जिले के अफसरों व कर्मियों के डूबे 125 करोड़
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पीएफ घोटाला: जिले के 400 अफसरों और कर्मियों के 125 करोड़ डूबे
ग्रेटर नोएडा। विद्युत निगम में जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) और कंट्रूीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड (सीपीएफ) खातों में जमा कराई 2631 करोड़ रुपये की रकम में गौतम बुद्ध नगर के अफसर और कर्मचारियों की बड़ी हिस्सेदारी रही। अधीक्षण अभियंता (एसई), अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन), उप खंड अधिकारी (एसडीओ), टीजी-टू, बाबू समेत 400 अफसर-कर्मियों की करीब 125 करोड़ रुपये की रकम डूब गई है। अधिकारियों ने रिकवरी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। गाजियाबाद की भी करीब 100 करोड़ रुपये की रकम बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारियों के जीपीएफ और सीपीएफ खातों में जमा 2,268 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (डीएचएफएल) में गलत तरीके से जमा करा दी गई।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीएफ के निवेश के लिए कोई टेंडर जारी नहीं हुआ था। महज कोटेशन के जरिये डीएचएफएल में 2,268 करोड़ रुपये लगा दिए गए थे। इसमें गौतम बुद्ध नगर का बड़ा हिस्सा है। इस पर कार्रवाई शासन स्तर से जारी है। लेकिन विभाग स्तर से जो जानकारी जुटाई गई है उसमें गौतम बुद्ध नगर में अफसर-कर्मचारियों की रकम पिछले दो साल में बड़े पैमाने पर जमा कराई गई। ये लोग सरकार से धनराशि वापस कराने की मांग कर रहे हैं। धनराशि न मिलने पर अफसरों ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। रकम डूबने में नोएडा, दादरी, जेवर, बिलासपुर, रबूपुरा, दनकौर आदि के 400 से ज्यादा अफसर-कर्मचारी प्रभावित हैं।
बयान
इस घोटाले से गौतम बुद्ध नगर का प्रत्येक बिजली कर्मचारी प्रभावित है। मामले में बेहतर जानकारी अभियंता संघ कर्मचारी दे सकते हैं।
बीएल मौर्य, एसई, गौतम बुद्ध नगर
गौतम बुद्ध नगर से सवा सौ करोड़ रुपये डूबे हैं। गाजियाबाद की भी यही स्थिति है। पैसा न मिलने पर आंदोलन करेंगे।
दिनेश अग्रवाल, सचिव, बिजली अभियंता संघ
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ग्रेटर नोएडा। विद्युत निगम में जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) और कंट्रूीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड (सीपीएफ) खातों में जमा कराई 2631 करोड़ रुपये की रकम में गौतम बुद्ध नगर के अफसर और कर्मचारियों की बड़ी हिस्सेदारी रही। अधीक्षण अभियंता (एसई), अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन), उप खंड अधिकारी (एसडीओ), टीजी-टू, बाबू समेत 400 अफसर-कर्मियों की करीब 125 करोड़ रुपये की रकम डूब गई है। अधिकारियों ने रिकवरी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। गाजियाबाद की भी करीब 100 करोड़ रुपये की रकम बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारियों के जीपीएफ और सीपीएफ खातों में जमा 2,268 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (डीएचएफएल) में गलत तरीके से जमा करा दी गई।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीएफ के निवेश के लिए कोई टेंडर जारी नहीं हुआ था। महज कोटेशन के जरिये डीएचएफएल में 2,268 करोड़ रुपये लगा दिए गए थे। इसमें गौतम बुद्ध नगर का बड़ा हिस्सा है। इस पर कार्रवाई शासन स्तर से जारी है। लेकिन विभाग स्तर से जो जानकारी जुटाई गई है उसमें गौतम बुद्ध नगर में अफसर-कर्मचारियों की रकम पिछले दो साल में बड़े पैमाने पर जमा कराई गई। ये लोग सरकार से धनराशि वापस कराने की मांग कर रहे हैं। धनराशि न मिलने पर अफसरों ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। रकम डूबने में नोएडा, दादरी, जेवर, बिलासपुर, रबूपुरा, दनकौर आदि के 400 से ज्यादा अफसर-कर्मचारी प्रभावित हैं।
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इस घोटाले से गौतम बुद्ध नगर का प्रत्येक बिजली कर्मचारी प्रभावित है। मामले में बेहतर जानकारी अभियंता संघ कर्मचारी दे सकते हैं।
बीएल मौर्य, एसई, गौतम बुद्ध नगर
गौतम बुद्ध नगर से सवा सौ करोड़ रुपये डूबे हैं। गाजियाबाद की भी यही स्थिति है। पैसा न मिलने पर आंदोलन करेंगे।
दिनेश अग्रवाल, सचिव, बिजली अभियंता संघ