{"_id":"617ae7a6b7eb131cc2315f79","slug":"petrol-diesel-hit-mewat-news-noi6130231177","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेट्रोल डीजल की मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेट्रोल डीजल की मार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजपुर झिरका। दिवाली को लेकर जहां बाजार पूरी तरह सजे हुए हैं। वहीं, पेट्रोल, डीजल, गैस के दामों ने बढ़ती महंगाई ने घर के बजट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। महिलाओं की रसोई का बजट भी बिगड़ गया है। अब महंगाई की मार बाजार पर भी पड़ती दिखाई दे रही है।
लगातार बढ़ती महंगाई से गृहणियां एक-एक कदम फूंक-फूंककर रख रही है। गृहणी मंजू लता और सोनम निवासी वार्ड नंबर 9 का कहना है कि सरकार ने त्योहारी सीजन पर भी किसी भी वस्तु के रेटों में गिरावट नहीं आ रही है जबकि लगातार महंगाई ने कमर तोड़ दी है। चाहे वह खाद्य वस्तु हो या घर में प्रयोग होने वाला खाद्य तेल व गैस सिलिंडर तथा सब्जियां दिन प्रतिदिन महंगी होती जा रही है। आज गैस सिलेंडर का भाव 907 रुपये है। जिस पर किसी भी प्रकार की कोई सब्सिडी नहीं है। यही हाल खाद्य तेलों का है। जैसे सरसों का तेल, रिफाइंड, डालडा घी सभी के रेट 180-200 रुपये प्रति किलो के पार हो चुके हैं। सब्जियों पर भी महंगाई की मार है। आलू 50 रुपये किलो, टमाटर 60-80 रुपये किलो, प्याज 70-80 प्रति किलो, मटर 150 रुपये किलो, बैंगन 60 रुपये किलो, गोभी 60 से 80 रुपये किलोग्राम है। इसके अलावा दाल के भाव भी आसमान को छूने लगे हैं । उन्होंने कहा कि एक समय कांग्रेस के शासनकाल में जब सिलेंडर छह सौ के पार होता था तो भाजपा के नेता सड़कों पर आकर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते थे लेकिन आज एक हजार रुपये के लगभग सिलेंडर का दाम पहुंचने वाले हैं। उसके बावजूद भी भाजपा के नेताओं के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार को बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। जिससे एक आम आदमी को दो वक्त की रोटी खाने वाला ठीक प्रकार से मिल सके।
वही किराना यूनियन के प्रधान पंकज जैन, समाजसेवी यशपाल भटेजा का कहना है कि लगातार महंगाई की मार के चलते लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लगातार पेट्रोल के बढ़ते दामों ने सभी लोगों के घरों के बजट को बिगाड़ दिया है। आज पेट्रोल 106 रुपये लीटर है, डीजल के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। तीन माह के दौरान लगभग 35 से 36 रुपये लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जो आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लगातार बढ़ती महंगाई से गृहणियां एक-एक कदम फूंक-फूंककर रख रही है। गृहणी मंजू लता और सोनम निवासी वार्ड नंबर 9 का कहना है कि सरकार ने त्योहारी सीजन पर भी किसी भी वस्तु के रेटों में गिरावट नहीं आ रही है जबकि लगातार महंगाई ने कमर तोड़ दी है। चाहे वह खाद्य वस्तु हो या घर में प्रयोग होने वाला खाद्य तेल व गैस सिलिंडर तथा सब्जियां दिन प्रतिदिन महंगी होती जा रही है। आज गैस सिलेंडर का भाव 907 रुपये है। जिस पर किसी भी प्रकार की कोई सब्सिडी नहीं है। यही हाल खाद्य तेलों का है। जैसे सरसों का तेल, रिफाइंड, डालडा घी सभी के रेट 180-200 रुपये प्रति किलो के पार हो चुके हैं। सब्जियों पर भी महंगाई की मार है। आलू 50 रुपये किलो, टमाटर 60-80 रुपये किलो, प्याज 70-80 प्रति किलो, मटर 150 रुपये किलो, बैंगन 60 रुपये किलो, गोभी 60 से 80 रुपये किलोग्राम है। इसके अलावा दाल के भाव भी आसमान को छूने लगे हैं । उन्होंने कहा कि एक समय कांग्रेस के शासनकाल में जब सिलेंडर छह सौ के पार होता था तो भाजपा के नेता सड़कों पर आकर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते थे लेकिन आज एक हजार रुपये के लगभग सिलेंडर का दाम पहुंचने वाले हैं। उसके बावजूद भी भाजपा के नेताओं के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार को बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। जिससे एक आम आदमी को दो वक्त की रोटी खाने वाला ठीक प्रकार से मिल सके।
विज्ञापन
वही किराना यूनियन के प्रधान पंकज जैन, समाजसेवी यशपाल भटेजा का कहना है कि लगातार महंगाई की मार के चलते लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लगातार पेट्रोल के बढ़ते दामों ने सभी लोगों के घरों के बजट को बिगाड़ दिया है। आज पेट्रोल 106 रुपये लीटर है, डीजल के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। तीन माह के दौरान लगभग 35 से 36 रुपये लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जो आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर है।
विज्ञापन