{"_id":"62057743a26c6d50bf2f9b86","slug":"people-of-high-rise-buildings-showed-enthusiasm-more-than-55-voting-noida-news-noi6315950172","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊंची इमारतों के लोगों में दिखा उत्साह, 55% से अधिक मतदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊंची इमारतों के लोगों में दिखा उत्साह, 55% से अधिक मतदान
विज्ञापन
नोएडा (योगेश शर्मा)। उत्तर प्रदेश की वीआईपी सीट नोएडा का विधायक कौन बनेगा, इस बार भी फैसला शहर की हाईराइज सोसाइटी के मतदाता करेेंगे। बृहस्पतिवार को मतदान के दौरान ऊंची इमारतों में रहने वाले मतदाताओं का उत्साह भी हाई लेवल पर दिखाई दिया। पूरे नोएडा का मतदान प्रतिशत 50 प्रतिशत से नीचे रहा, लेकिन सोसाइटियों के बूथों में 55 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े। सेवन-एक्स के छह सेक्टरों (सेक्टर-74 से 79) में ही 20 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने नोएडा के भावी विधायक का फैसला ईवीएम में सुरक्षित करने का काम किया। कोरोना के खौफ पर भी वोट का उत्साह भारी रहा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में गन्ना से लेकर जिन्ना तक का मुद्दा गरम रहा, लेकिन नोएडा के प्रत्याशियों की नजरें शहर की हाईराइज सोसाइटी के वोट बैंक पर ही टिकी रहीं। शहर की इन सोसाइटियों में रहने वाले 80 हजार से ज्यादा मतदाताओं की हार-जीत में अहम भूमिका रहती है। इस बार करीब 45 हजार मतदाताओं ने मत का इस्तेमाल किया। सेक्टर-116 के एक साथ बने चार मतदान केंद्रों पर दोपहर 12 बजे तक कतारें लगी रहीं। दोपहर तक सोहरखा से सेक्टर-116 की मुख्य सड़क पर जाम जैसे हालात बने रहे।
पांच साल में बढ़े 25 हजार मतदाता
सेवन-एक्स के छह सेक्टरों की 40 सोसाइटियों में लोकतंत्र के पर्व की खासी रौनक दिखाई दी। साल 2017 के चुनाव में करीब 10 हजार मतदाता थे, इस बार यह संख्या बढ़कर 35 हजार से ज्यादा हो गई है। पिछले चुनाव में दो मतदान केंद्र थे। इस बार आठ मतदान केंद्रों में करीब 32 बूथ पर 20 हजार से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले। वोट डालकर निकले कुछ लोगों का मूड भांपने की कोशिश की गई तो 90 फीसदी ने बताया कि पांच साल पहले चुनिंदा सोसाइटियां थीं, सड़कें भी नहीं थीं। पांच साल में काफी कुछ बदला है और इसी बदलाव के आधार पर वोट किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में गन्ना से लेकर जिन्ना तक का मुद्दा गरम रहा, लेकिन नोएडा के प्रत्याशियों की नजरें शहर की हाईराइज सोसाइटी के वोट बैंक पर ही टिकी रहीं। शहर की इन सोसाइटियों में रहने वाले 80 हजार से ज्यादा मतदाताओं की हार-जीत में अहम भूमिका रहती है। इस बार करीब 45 हजार मतदाताओं ने मत का इस्तेमाल किया। सेक्टर-116 के एक साथ बने चार मतदान केंद्रों पर दोपहर 12 बजे तक कतारें लगी रहीं। दोपहर तक सोहरखा से सेक्टर-116 की मुख्य सड़क पर जाम जैसे हालात बने रहे।
विज्ञापन
पांच साल में बढ़े 25 हजार मतदाता
सेवन-एक्स के छह सेक्टरों की 40 सोसाइटियों में लोकतंत्र के पर्व की खासी रौनक दिखाई दी। साल 2017 के चुनाव में करीब 10 हजार मतदाता थे, इस बार यह संख्या बढ़कर 35 हजार से ज्यादा हो गई है। पिछले चुनाव में दो मतदान केंद्र थे। इस बार आठ मतदान केंद्रों में करीब 32 बूथ पर 20 हजार से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले। वोट डालकर निकले कुछ लोगों का मूड भांपने की कोशिश की गई तो 90 फीसदी ने बताया कि पांच साल पहले चुनिंदा सोसाइटियां थीं, सड़कें भी नहीं थीं। पांच साल में काफी कुछ बदला है और इसी बदलाव के आधार पर वोट किया है।
विज्ञापन