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दो साल से स्वास्थ्य सुविधाओं को तरस रहे लोग
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फिरोजपुर झिरका। अस्पताल भवन के निर्माण काम की धीमी गति का खामियाजा उपमंडल के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि दो साल में भवन नहीं तैयार हो पाया है। ऐसे में यहां चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। लोगों को हर छोटी-बड़ी जांच व आपातकालीन सेवाओं के लिए 20 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल मांडीखेड़ा जाना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अनिल विज को भी इस संबंध में शिकायत भेजी है।
अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले दो साल से किया जा रहा है। ऐसे में अस्पताल में न तो किसी प्रकार की जांच की सुविधा है और आपातकालीन सेवाएं भी ठप पड़ी हुई हैं। सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ न मिलने पर ग्रामीण शहर के निजी अस्पतालों में महंगे पैसे खर्च कर अपना उपचार करा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि झिरका अस्पताल पर तीन पीएचसी और एक दर्जन उप स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी है। क्षेत्रवासी रामकरन, जयसिंह, तोताराम, रामवती आदि ने स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी प्रकार की जांच व आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
वर्जन-
पुराना भवन जर्जर हो चुका था, नए भवन का कार्य चल रहा है। सीएचसी को नगरपालिका से लिए गए भवन में चलाया जा रहा है। भवन के कमी के कारण लोगों को आपातकालीन व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फिलहाल जिला अस्पताल मांडीखेड़ा भेजा जा रहा है। नए भवन का कार्य पूर्ण होते ही सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। - डॉ. कृष्ण कुमार, एसएमओ, फिरोजपुर झिरका सीएचसी
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अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले दो साल से किया जा रहा है। ऐसे में अस्पताल में न तो किसी प्रकार की जांच की सुविधा है और आपातकालीन सेवाएं भी ठप पड़ी हुई हैं। सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ न मिलने पर ग्रामीण शहर के निजी अस्पतालों में महंगे पैसे खर्च कर अपना उपचार करा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि झिरका अस्पताल पर तीन पीएचसी और एक दर्जन उप स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी है। क्षेत्रवासी रामकरन, जयसिंह, तोताराम, रामवती आदि ने स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी प्रकार की जांच व आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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वर्जन-
पुराना भवन जर्जर हो चुका था, नए भवन का कार्य चल रहा है। सीएचसी को नगरपालिका से लिए गए भवन में चलाया जा रहा है। भवन के कमी के कारण लोगों को आपातकालीन व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फिलहाल जिला अस्पताल मांडीखेड़ा भेजा जा रहा है। नए भवन का कार्य पूर्ण होते ही सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। - डॉ. कृष्ण कुमार, एसएमओ, फिरोजपुर झिरका सीएचसी
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