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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नहीं मिल रहे बेड

Mon, 20 Sep 2021 10:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 10:14 PM IST
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Patients are not getting beds in government hospitals
Patients are not getting beds in government hospitals
नगीना। जिले में बुखार, खांसी, जुकाम और दस्त के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके परिवार के कई सदस्य बीमारी से प्रभावित हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भरमार हैं, जिसके कारण गरीबों को खून, पेशाब की जांच के लिए दो दिन से अधिक समय का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, नगीना और फिरोजपुर झिरका के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेड भी नहीं मिल रहे हैं। नूंह, मांड़ीखेडा, नगीना, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, पिनगवां, घासेड़ा, उजीना और अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या दोगुनी बढ़ चुकी है। गांवों में कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जिनके पास इलाज तो दूर की बात किराए के लिए रुपये तक नहीं हैं। किसी से उधार रुपये लेकर स्थानीय डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
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फिरोजपुर झिरका के मुकेश गोयल ने बताया कि नगीना और फिरोजपुर झिरका के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड नहीं हैं। गांव के मरीजों को मजबूरन स्थानीय डॉक्टरों से इलाज करवाना पड़ रहा है। उन्होंने बेटे का दो दिन पहले टेस्ट कराया है। डॉक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की है। सरकारी अस्पताल में सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस कारण अब उन्हें फरीदाबाद के निजी अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है। करहेड़ा गांव के कालूद्दीन बताते हैं कि नगीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टेस्ट कराया था, रिपोर्ट सामान्य आई थी। लेकिन, अब तक बुखार नहीं उतरा है। जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में भी जांच कराई है, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। परवीन नगीना ने बताया कि चार-पांच दिन से उसे बुखार है। दवाइयां लेने के बाद कुछ देर के लिए आराम मिलता है, फिर वही हालत हो जाती है। करहेड़ा गांव के नसीम अहमद बताते हैं कि उनकी 7 साल की बच्ची बुखार से पीड़ित है। दवाइयां लेने के बाद भी बुखार कम नहीं हो रहा हैं। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं मिल नहीं रही हैं। एक घंटे में पर्ची की लाइन पर नंबर आता है। दवाई लिखने वाले डॉक्टर पर भी दो घंटे में नंबर आता है। दवाइयां के लिए खिड़की पर दो घंटे इंतजार करना पड़ता है। जांच रिपोर्ट की तो पूछिए मत। दो दिन हो गए अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली। नोटकी गांव के मास्टर हरीराम बताते हैं दो तीन बच्चों को कई दिनों से हल्का बुखार है। दवा ले लेते हैं तो उतर जाता है। अस्पताल में डर लगता है कहीं डेंगू और मलेरिया न निकल जाए।
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दोगुनी पहुंची मरीजों की संख्या
मांडीखेड़ा स्थित जिला नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें। लैब का समय बढ़ाकर 3 बजे कर दिया है, ताकि मरीजों को रिपोर्ट मिल जाए। मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल, मरीजों की संख्या दोगुनी पहुंच गई है। पहले ओपीडी में 200 के आसपास लोग आते थे। उन्होंने कहा कि लोगों को थोड़ा सब्र करना होगा। बेड और दवाइयां पर्याप्त मात्रा में हैं। मरीज घबराए नहीं सभी बीमारियों का अस्पतालों में मुफ्त इलाज है
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