CAA Law: सीमा हैदर ने बांटी मिठाई... हाथ में दिखी मोदी-योगी की फोटो, लगाए जिंदाबाद के नारे; देखें वीडियो
CAA News India: पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर ने नागरिकता संशोधन अधिनियम कानून लागू होने पर खुशी जताई है। साथ ही इस कानून का समर्थन किया है। सचिन के साथ सीमा हैदर ने एक वीडियो जारी किया है।
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CAA Notification: चार साल के लंबे इंतजार और आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम कानून को लागू कर दिया है। जिसके बाद पाकिस्तान से आई सीमा हैदर ने केंद्र सरकार के इस कानून का जोरदार स्वागत किया है। सीएए लागू होने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों से संबंधित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता लेने में आसानी होगी।
सीमा हैदर ने सीएए लागू होने पर अपना समर्थन किया और उन्होंने कहा कि हमें बहुत खुशी है कि भारत सरकार ने इस कानून को लागू किया है। सरकार को बहुत बहुत बधाई। प्रधानमंत्री ने जो कहा उन्होंने वो करके दिखाया है। सीएए लागू होने पर सीमा हैदर ने मिठाई बांटी और पटाखे फोड़े। वीडियो में देख सकते हैं कि सीमा हैदर ने पति सचिन और बच्चों के साथ प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ के नारे लगाए।
गौरतलब है कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए गैर-दस्तावेज गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारत की राष्ट्रीयता देने के लिए लाया गया है। गैर मुस्लिम प्रवासियों में हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई हैं।
ये लोग ले सकते हैं नागरिकता
नागरिकता अधिनियम, 1955 यह बताता है कि कौन भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकता है और किस आधार पर। कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक बन सकता है यदि उसका जन्म भारत में हुआ हो या उसके माता-पिता भारतीय हों या कुछ समय से देश में रह रहे हों, आदि। हालांकि, अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया गया है। अवैध प्रवासी वह विदेशी होता है जो: (i) पासपोर्ट और वीजा जैसे वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना देश में प्रवेश करता है, या (ii) वैध दस्तावेजों के साथ प्रवेश करता है, लेकिन अनुमत समय अवधि से अधिक समय तक रहता है।
विदेशी अधिनियम, 1946 और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 के तहत अवैध प्रवासियों को कैद या निर्वासित किया जा सकता है। 1946 और 1920 अधिनियम केंद्र सरकार को भारत के भीतर विदेशियों के प्रवेश, निकास और निवास को विनियमित करने का अधिकार देते हैं। 2015 और 2016 में, केंद्र सरकार ने अवैध प्रवासियों के कुछ समूहों को 1946 और 1920 अधिनियमों के प्रावधानों से छूट देते हुए दो अधिसूचनाएं जारी की थीं। ये समूह अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई हैं, जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए थे। इसका मतलब यह है कि अवैध प्रवासियों के इन समूहों को निर्वासित नहीं किया जाएगा।