नोएडा बवाल में एक और खुलासा: पाकिस्तानी X हैंडलर की साजिश, सीमा पार से भड़काए गए थे श्रमिक; अब तक 13 FIR
Noida Protest News: नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिक प्रदर्शन पाकिस्तान से संचालित दो एक्स हैंडलों के जरिए भड़काया गया। जिसके बाद हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ मच गई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार अब तक 13 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
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पाकिस्तान से संचालित हो रहे एक्स हैंडल से नोएडा में श्रमिकों को भडक़ाया गया था और श्रमिकों ने अफवाह के बाद हिंसक रूख अख्तियार कर लिया था। एक्स की तरफ से हैंडल के बारे में मिली जानकारी के बाद नोएडा पुलिस ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में बताया। वहीं इस प्रदर्शन को नोएडा में रहकर मजदूर बिगुल दस्ता की टीम ने उकसाया था। पुलिस ने मजदूर बिगुल दस्ता के प्रमुख रूपेश रॉय की साथी मनीषा चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य मुख्य आरोपी आदित्य आनंद फरार है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सोमवार को नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे पाकिस्तान के दो हैंडलर का हाथ है। सोमवार को जब नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन हो रहा था तब अनुषि तिवारी और मीर इलियास के नाम से बनाए गए दो एक्स हैंडल पर भडक़ाऊ पोस्ट किए गए थे। इनमें नोएडा में कई लोगों की मौत व अन्य गलत तथ्य थे। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-20 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सीपी ने बताया कि जब दोनों एक्स हैंडल की जांच की गई तब पता चला कि दोनों हैंडल पाकिस्तान से चलाए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि पाकिस्तान का भारत के औद्योगिक शहरों में अशांति फैलाने की चाल थी। इसे डिजिटल माध्यम से भडक़ाने के उदेश्य से यह सब किया गया था।
वहीं इस मामले में धरातल पर मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन ने मजदूरों को भडक़ाने व हिंसक बनाने का काम किया था। पुलिस के मुतरबिक इस संगठन के प्रमुख रूपेश रॉय ने मनीषा चौहान व आदित्य आनंद के साथ मिलकर नोएडा हिंसा की साजिश रची थी। नोएडा में इन तीनों ने अलग अलग मजदूरों के साथ बैठक की थी और उन्हें संबोधित भी किया था।
पुलिस आदित्य आनंद को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। गौरतलब है कि वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर सोमवार को श्रमिकों ने नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में हिंसक प्रदर्शन किया था। इसमें 300 से अधिक कंपनियों में तोडफ़ोड कर दी थी।
आदित्य आन्नंद एनआईटी से बीटेक
मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़े आदित्य आनंद को पुलिस ने प्रमुख साजिशकर्ताओं में एक माना है। आदित्य आनंद झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है और जमशेदपुर एनआईटी से बी टेक किया है और वर्ष 2020 से वह देश भर में इस तरह के आंदोलनों को हवा देते रहा है। वहीं रूपेश 2018 से इसी तरह के काम में लगा हुआ है। इसके अन्य साथियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का कहना है कि श्रमिक प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन आरोपियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है। वहीं प्रमुख आरोपियों के खाते की जांच भी की जा रही है और इन्हें फ्रीज कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी।
13 एफआईआर और 62 गिरफ्तार
पुलिस ने इस हिंसक प्रदर्शन के मामले में अब तक अलग अलग थानों में 13 प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें 62 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें अधिकतर श्रमिक नहीं हैं और प्रदर्शन को उकसाने वाले लोग हैं। खासकर के कई लोग साजिशकर्ता हैं और आगजनी में शामिल हैं।