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Noida News: अधूरे कार्य पूरे कराकर 60 दिन में विला का कब्जा देने का आदेश
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आवंटन के समय तय राशि से अधिक भुगतान नहीं मिलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने मीडिया विलेज को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह सभी अधूरे कार्य पूरे कराकर 60 दिन के भीतर आवंटी को विला का कब्जा दे। आयोग ने साफ किया कि आवंटन के समय तय की गई राशि के अलावा कोई अतिरिक्त धनराशि नहीं ली जा सकती।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी राजू शर्मा ने सोसाइटी में विला के लिए आवेदन कर 28.53 लाख रुपये की तय लागत में से 27.90 लाख रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं दिया गया। बाद में सोसाइटी ने पहले 63,195 रुपये और फिर राशि बढ़ाकर 2.30 लाख रुपये बकाया बताया।
राजू शर्मा ने अतिरिक्त मांग और निर्माण पूरा न होने पर आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान सोसाइटी ने दावा किया कि सेवा कर, पावर बैकअप, बिजली, स्मार्ट कार्ड शुल्क और डिफॉल्ट ब्याज जोड़कर कुल लागत 29.81 लाख रुपये बनती है और 1.91 लाख रुपये बकाया हैं।
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आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि कब्जा न देना और लागत स्पष्ट न होना सेवा में कमी है। आयोग ने सोसाइटी को निर्देश दिया कि वह विला के सभी कार्य पूरे करे, मूल सहमति राशि से अधिक की अतिरिक्त मांगें रद्द करे, जबकि शिकायतकर्ता 63,195 रुपये जमा करे। साथ ही वाद व्यय के 2,000 रुपये भी देने होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने मीडिया विलेज को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह सभी अधूरे कार्य पूरे कराकर 60 दिन के भीतर आवंटी को विला का कब्जा दे। आयोग ने साफ किया कि आवंटन के समय तय की गई राशि के अलावा कोई अतिरिक्त धनराशि नहीं ली जा सकती।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी राजू शर्मा ने सोसाइटी में विला के लिए आवेदन कर 28.53 लाख रुपये की तय लागत में से 27.90 लाख रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं दिया गया। बाद में सोसाइटी ने पहले 63,195 रुपये और फिर राशि बढ़ाकर 2.30 लाख रुपये बकाया बताया।
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राजू शर्मा ने अतिरिक्त मांग और निर्माण पूरा न होने पर आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान सोसाइटी ने दावा किया कि सेवा कर, पावर बैकअप, बिजली, स्मार्ट कार्ड शुल्क और डिफॉल्ट ब्याज जोड़कर कुल लागत 29.81 लाख रुपये बनती है और 1.91 लाख रुपये बकाया हैं।
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आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि कब्जा न देना और लागत स्पष्ट न होना सेवा में कमी है। आयोग ने सोसाइटी को निर्देश दिया कि वह विला के सभी कार्य पूरे करे, मूल सहमति राशि से अधिक की अतिरिक्त मांगें रद्द करे, जबकि शिकायतकर्ता 63,195 रुपये जमा करे। साथ ही वाद व्यय के 2,000 रुपये भी देने होंगे।