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Noida News: मनीष के खाते में गए थे ठगी के एक लाख रुपये, देवेंद्र बना था मध्यस्थ
Fri, 26 Sep 2025 01:32 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 26 Sep 2025 01:32 AM IST
सार
रेवाड़ी में ऑनलाइन टास्क के बहाने 4.89 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस घटना से ऑनलाइन ठगी के मामलों पर चिंता बढ़ी है।
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विस्तार
रेवाड़ी। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन टास्क के नाम पर 4.89 लाख रुपये ठगने के मामले में दो आरोपियों राजस्थान के जिला ब्यावर के रानीसर दरवाजा कुशालपुरा निवासी मनीष कुमावत व ब्यावर के गणेश चौक आगेवा निवासी देवेंद्र को गिरफ्तार किया है।
आरोपी मनीष कुमावत के खाते में एक लाख रुपये गए थे जबकि आरोपी देवेंद्र ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 24 मई को मूल रूप से भिवानी निवासी मनीष कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह रेवाड़ी के एक बैंक में काम करता है तथा मोहल्ला आनंद नगर में किराए के मकान में रहता है।
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उसे 19 मई को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया था। ग्रुप से जोड़ने वाले व्यक्ति ने इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से भी जोड़ दिया। उसे गूगल मैप पर जाकर रेटिंग करने का टास्क दिया गया।
इसके बाद मिंट नाम की एक वेबसाइट पर उससे लॉग इन कराया गया। उससे यूपीआई के जरिए 2 हजार रुपये की पेमेंट कराई गई, जिसके बदले मिंट पोर्टल पर उसके 2800 रुपये अपडेट किए गए। उसने यह राशि निकाल ली।
उनसे विजय कुमार के नाम से एक बैंक खाते में 30 हजार रुपये डलवाए। उसे मोटा पैसा कमाने का लालच देकर कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4 लाख 89 हजार 250 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
जब उसने पैसा निकालने का प्रयास किया, तो उससे और पैसा जमा कराने के लिए कहा गया। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। जिस पर पुलिस ने साइबर थाना रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपी मनीष कुमावत के खाते में एक लाख रुपये गए थे जबकि आरोपी देवेंद्र ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 24 मई को मूल रूप से भिवानी निवासी मनीष कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह रेवाड़ी के एक बैंक में काम करता है तथा मोहल्ला आनंद नगर में किराए के मकान में रहता है।
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उसे 19 मई को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया था। ग्रुप से जोड़ने वाले व्यक्ति ने इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से भी जोड़ दिया। उसे गूगल मैप पर जाकर रेटिंग करने का टास्क दिया गया।
इसके बाद मिंट नाम की एक वेबसाइट पर उससे लॉग इन कराया गया। उससे यूपीआई के जरिए 2 हजार रुपये की पेमेंट कराई गई, जिसके बदले मिंट पोर्टल पर उसके 2800 रुपये अपडेट किए गए। उसने यह राशि निकाल ली।
उनसे विजय कुमार के नाम से एक बैंक खाते में 30 हजार रुपये डलवाए। उसे मोटा पैसा कमाने का लालच देकर कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4 लाख 89 हजार 250 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
जब उसने पैसा निकालने का प्रयास किया, तो उससे और पैसा जमा कराने के लिए कहा गया। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। जिस पर पुलिस ने साइबर थाना रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।