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अस्थायी कनेक्शन लेने वाले बिल्डरों को नोटिस
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नोएडा (मनोज कुमार) । गौतमबुद्ध नगर में विद्युत निगम के अधिकारियों ने बिल्डरों से सांठगांठ कर निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। मामले की जांच के बाद 23 इंजीनियरों को दूसरे डिस्काम में भेज दिया गया। हालांकि मामले की जांच में नोएडा के कई और बिल्डरों के नाम सामने आए। साथ ही यह भी पता चला है कि निगम के अधिकारियों की मेहरबानी से बीते 8 से 10 वर्षों से बिल्डरों को अस्थायी कनेक्शन पर ही आपूर्ति की जा रही थी। निगम के चेयरमैन ने मामले में जांच बैठाई तो नोएडा के अधिकारियों ने भी आनन-फानन बिल्डरों को स्थायी कनेक्शन लेने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं।
बिजली अधिकारियों ने नोएडा में बिल्डरों समेत 200 से अधिक उपभोक्ताओं को अस्थायी कनेक्शन देकर विद्युत निगम को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। अब नोएडा में 5 से अधिक और बिल्डरों पर 8 से 10 साल पुराने अस्थायी कनेक्शन चलने की जानकारी आलाअधिकारियों मिली है। मामले की जांच में कई मौजूदा और सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम आ रहे हैं। जानकार अधिकारियों का दावा है कि जब अस्थायी कनेक्शन प्रकरण में कार्रवाई चल रही थी तो मौजूदा अधिकारियों ने इन कनेक्शनों का विवरण क्यों नहीं दिया था।
अस्थायी कनेक्शन की जांच में एक आला अधिकारी की बर्खास्तगी की फाइल सरकार के समक्ष है। माना जा रहा है कि नई सरकार बनने के बाद अधिकारी पर कार्रवाई होगी। उक्त अधिकारी ने आरोपपत्र के जवाब में कहा है कि उनसे पहले और बाद में कई अधिकारियों ने इस तरह के कनेक्शन दिए हैं। ऐसे में उनसभी की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने रिपोर्ट में सेक्टर-168, सेक्टर-94,और सेक्टर-153 स्थित कई बिल्डरों के नाम भी दिए हैं।
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क्या है अस्थायी कनेक्शन का खेल
बिल्डर द्वारा निर्माण कराने के लिए अस्थायी कनेक्शन लिया जाता है और जब काम पूरा हो जाए तो उसे स्थायी कराना होता है। स्थायी कनेक्शन के लिए बिजली का बड़ा ट्रांसफार्मर या बिजली सब स्टेशन बनवाना पड़ता है। बिल्डर अधिकारियों से तालमेल बैठाकर अस्थायी कनेक्शन पर ही निवासियों को आपूर्ति करना शुरू कर देते हैं। इससे जो पैसा बिजली घर बनाने में खर्च होता है उसे बचाया जाता है। जबकि महंगी बिजली का खर्च निवासी उठाते हैं। अधिकतम तीन साल ही इसका समय बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इस समय 10 साल पुराने अस्थायी कनेक्शन भी चल रहे हैं।
जिले में सभी डिवीजन को पत्र लिखकर अस्थायी कनेक्शन चलाने वाले बिल्डरों को नोटिस भेजने को कहा गया है। उन्हें तत्काल स्थायी कनेक्शन लेने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्थायी कनेक्शन नहीं लेने पर बिल्डर पर अग्रिम कार्रवाई की जा सकती है। - वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम नोएडा
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बिजली अधिकारियों ने नोएडा में बिल्डरों समेत 200 से अधिक उपभोक्ताओं को अस्थायी कनेक्शन देकर विद्युत निगम को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। अब नोएडा में 5 से अधिक और बिल्डरों पर 8 से 10 साल पुराने अस्थायी कनेक्शन चलने की जानकारी आलाअधिकारियों मिली है। मामले की जांच में कई मौजूदा और सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम आ रहे हैं। जानकार अधिकारियों का दावा है कि जब अस्थायी कनेक्शन प्रकरण में कार्रवाई चल रही थी तो मौजूदा अधिकारियों ने इन कनेक्शनों का विवरण क्यों नहीं दिया था।
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अस्थायी कनेक्शन की जांच में एक आला अधिकारी की बर्खास्तगी की फाइल सरकार के समक्ष है। माना जा रहा है कि नई सरकार बनने के बाद अधिकारी पर कार्रवाई होगी। उक्त अधिकारी ने आरोपपत्र के जवाब में कहा है कि उनसे पहले और बाद में कई अधिकारियों ने इस तरह के कनेक्शन दिए हैं। ऐसे में उनसभी की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने रिपोर्ट में सेक्टर-168, सेक्टर-94,और सेक्टर-153 स्थित कई बिल्डरों के नाम भी दिए हैं।
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क्या है अस्थायी कनेक्शन का खेल
बिल्डर द्वारा निर्माण कराने के लिए अस्थायी कनेक्शन लिया जाता है और जब काम पूरा हो जाए तो उसे स्थायी कराना होता है। स्थायी कनेक्शन के लिए बिजली का बड़ा ट्रांसफार्मर या बिजली सब स्टेशन बनवाना पड़ता है। बिल्डर अधिकारियों से तालमेल बैठाकर अस्थायी कनेक्शन पर ही निवासियों को आपूर्ति करना शुरू कर देते हैं। इससे जो पैसा बिजली घर बनाने में खर्च होता है उसे बचाया जाता है। जबकि महंगी बिजली का खर्च निवासी उठाते हैं। अधिकतम तीन साल ही इसका समय बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इस समय 10 साल पुराने अस्थायी कनेक्शन भी चल रहे हैं।
जिले में सभी डिवीजन को पत्र लिखकर अस्थायी कनेक्शन चलाने वाले बिल्डरों को नोटिस भेजने को कहा गया है। उन्हें तत्काल स्थायी कनेक्शन लेने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्थायी कनेक्शन नहीं लेने पर बिल्डर पर अग्रिम कार्रवाई की जा सकती है। - वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम नोएडा