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4579 करोड़ से चमकेगा नोएडा, कई परियोजनाएं बनेंगी
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आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 में नोएडा को चमकाने के लिए 4579 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण की 204वीं बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। यही नहीं वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 4800 करोड़ रुपये की प्राप्तियों का लक्ष्य भी तय किया गया। प्राधिकरण ने अन्य कई मदों में खर्चे का लक्ष्य तय किया। सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक में बजट प्रस्ताव में सुनियोजित विकास और योजनाओं के लिए 4579 करोड़ के खर्च का प्रावधान किया गया। इसमें प्रमुख रुप से भूमि अधिग्रहण पर 500 करोड़ रुपये, विकास एवं निर्माण कार्य पर 1530 करोड़ , ग्रामीण विकास पर 125 करोड़, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के अनुरक्षण, साफ-सफाई, उद्यानीकरण कार्य के लिए 978 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया।
बैठक में औद्योगिक भूखंडों के आईटी-आईटीएस, आवासीय भूखंडों की आवंटन प्रक्रिया, रक्त संबंधियों को फायदा दिलाने, बिल्डरों को स्ट्रेस फंड दिलाने, एनएमआरसी और डीएमआरसी कॉरिडोर को जोड़ने की योजना, न्यू नोएडा, डाटा सेंटर के अलावा किसानों के लाभ के लिए कई प्रकार के फैसले किए गए।
बोर्ड बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त व नोएडा-ग्रेेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल ने अध्यक्ष की भूमिका निभाई। बोर्ड बैठक में अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के तीनों सीईओ के अलावा प्राधिकरण के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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न्यू नोएडा से पांच गांव निकलेंगे, 12 नए गांव जुड़ेंगे
नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र यानी न्यू नोएडा के नक्शे से पांच गांव बाहर निकलेंगे। वहीं 12 नए गांवों को नक्शे में शामिल किया जाएगा। नियुक्त संस्था की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इसे नोएडा के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। हालांकि अब इसे शासन को भेजा गया है। शासन की ओर से पूर्व में जारी नोटिफिकेशन के आधार पर यहां बुलंदशहर और ग्रेटर नोएडा के 80 गांवों को चिह्नित किया गया था। लेकिन अब बुलंदशहर के पांच गांव को योजना से निकाला गया है। वहीं 12 नए गांवों को शामिल किया जा रहा है। दरअसल, स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट एंड प्लानिंग इसका मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इसकी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। प्राधिकरण ने इसका प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा और इसे मान लिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया था कि 12 नजदीकी गांवों को शामिल कर लिया जाए और पांच दूर के गांवों को बाहर कर दिया जाए।
यह 5 पुराने गांव हटेंगे
बुलंदशहर के नगला शेख, बरहाना, निजामपुर बांगर, निजामपुर खादर व देइंया गांव
यह 12 नए गांव होंगे शामिल होंगे
बुलंदशहर के कौंद, बरोडाह, जाहिदपुर, नवादा, बबिया, शहवाजपपुर, पचौटा, संथली, सलेमुपर, नंगला शेख-1, समेमपुर कायस्थ, शेरपुर, अंधेल
डीडीए की तर्ज पर होगी आवासीय प्लॉट की ई-निलामी
नोएडा प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक के माध्यम से निर्णय लिया है कि आवासीय प्लॉट की निलामी दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी की तर्ज पर होगी। उनका कहना है कि इसमें कोई भी व्यक्ति एक से ज्यादा स्थानों के लिए निलामी में शामिल हो सकेगा। इसके अलावा इसमें वित्तीय लाभ होगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। आवासीय प्लॉट की पूरी राशि एक साल में जमा करनी होगी।
ई-निलामी से मिलेंगे औद्योगिक और संस्थागत आईटी के भूखंड
नोएडा। सीएजी की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए अब औद्योगिक भूखंड और संस्थागत आईटी और आईटीएस प्लॉट के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह से ई-निलामी पर निर्भर करेगी। अब ऐसे आवंटन साक्षात्कार और ड्रॉ के माध्यम से नहीं होंगे। प्राधिकरण के बोर्ड ने इस पर निर्णय लिया है। दरअसल, पूर्व आवंटन पर सीएजी ऑडिट में आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार बोर्ड के माध्यम से प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए औद्योगिक भूखंडों व संस्थागत विभाग के आईटी-आईटीएस भू उपयोग के भूखंडों के अलग-अलग साइज के प्लॉट आवंटन के लिए पहले से प्रचलित ड्रॉ और साक्षात्कार की प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। अब इनमें से किसी भी साइज के भूखंडों का आवंटन ई-निलामी से होगी। यही नहीं भूखंड के सापेक्ष देय प्रीमियम का एक मुश्त भुगतान करने पर कुल प्रीमियम पर दो प्रतिशत की छूट भी दिए जाने का निर्णय लिया गया।
अब बिल्डरों को मिल सकेगा स्ट्रेस फंड पाने का मौका
अब नोएडा के बिल्डरों को भी स्ट्रेस फंड पाने का मौका मिल सकेगा। इस राह की बाधा को नोएडा प्राधिकरण ने दूर करने का फैसला लिया गया है। दरअसल, भारत सरकार ने ग्रुप हाउसिंग सेक्टर को संकट से उबारने के लिए स्वामिह (स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड इनकम हाउसिंग) फंड दिलाने का फैसला किया है। इसके तरह एसबीआई कैप की ओर सहायता राशि दी जाती है। लेकिन यह केवल उन प्रोजेक्टों के लिए होगा, जिनके प्रोजेक्ट बन पाने की स्थिति में होंगे। यहां यह भी शर्त थी कि प्राधिकरण की ओर से ऐसे प्रोजेक्टों के लिए मॉर्टगेज अनुमति दी जाए। इसी बाधा को प्राधिकरण ने दूर किया है। यही नहीं अगर प्रोजेक्ट पूरा होने की स्थिति में है और बकाया चुकाने की तय समय सीमा खत्म हो गई है तो ऐसेे प्रोजेक्टों को दो साल के लिए रिशेड्यूलमेंट का भी तोहफा मिलेगा। हालांकि यह उन्हीं को मिलेगा, जिनकी स्ट्रेस फंड की मांग पूरी हो रही है।
स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए बनेगी समिति
बहुमंजिला भवनों में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित कराये जाने के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट के संबंध में एक रुपरेखा तैयार की जाएगी। यह रुपरेखा तैयार करने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों के साथ एक समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति इसकी रुपरेखा तैयार करेगी। इसके बाद ही इस पर काम हो सकेगा।
यह भी लिए गए निर्णय
- उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति 2021 के अंतर्गत भवन नियमावली 2010 में संशोधन। अब पुराने आवंटन पर लागू होगा पूरा डाटा सेंटर नीति
- अगर बिल्डर मानचित्र में संशोधन की अर्जी दाखिल करना चाहता है तो उसे खरीदारों से सहमति लेना जरूरी होगा।
- एनएमआरसी सेक्टर-51 और डीएमआरसी के ब्लू लाइन पर सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए प्राधिकरण खुद ही फुट ओवर ब्रिज बनाएगा।
- आग की घटनाओं से बचाने के लिए हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदा जाएगा। इसके लिए छह करोड़ रुपए मिलेंगे।
- सेक्टर-151ए के गोल्फ कोर्स का क्षेत्रफल आठ एकड़ और बढ़ेगा।
- चिल्ला रेगुलेटर के कार्य को शासन स्तर पर निर्णय के लिए भेजा जाएगा
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बैठक में औद्योगिक भूखंडों के आईटी-आईटीएस, आवासीय भूखंडों की आवंटन प्रक्रिया, रक्त संबंधियों को फायदा दिलाने, बिल्डरों को स्ट्रेस फंड दिलाने, एनएमआरसी और डीएमआरसी कॉरिडोर को जोड़ने की योजना, न्यू नोएडा, डाटा सेंटर के अलावा किसानों के लाभ के लिए कई प्रकार के फैसले किए गए।
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बोर्ड बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त व नोएडा-ग्रेेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल ने अध्यक्ष की भूमिका निभाई। बोर्ड बैठक में अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के तीनों सीईओ के अलावा प्राधिकरण के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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न्यू नोएडा से पांच गांव निकलेंगे, 12 नए गांव जुड़ेंगे
नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र यानी न्यू नोएडा के नक्शे से पांच गांव बाहर निकलेंगे। वहीं 12 नए गांवों को नक्शे में शामिल किया जाएगा। नियुक्त संस्था की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इसे नोएडा के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। हालांकि अब इसे शासन को भेजा गया है। शासन की ओर से पूर्व में जारी नोटिफिकेशन के आधार पर यहां बुलंदशहर और ग्रेटर नोएडा के 80 गांवों को चिह्नित किया गया था। लेकिन अब बुलंदशहर के पांच गांव को योजना से निकाला गया है। वहीं 12 नए गांवों को शामिल किया जा रहा है। दरअसल, स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट एंड प्लानिंग इसका मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इसकी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। प्राधिकरण ने इसका प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा और इसे मान लिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया था कि 12 नजदीकी गांवों को शामिल कर लिया जाए और पांच दूर के गांवों को बाहर कर दिया जाए।
यह 5 पुराने गांव हटेंगे
बुलंदशहर के नगला शेख, बरहाना, निजामपुर बांगर, निजामपुर खादर व देइंया गांव
यह 12 नए गांव होंगे शामिल होंगे
बुलंदशहर के कौंद, बरोडाह, जाहिदपुर, नवादा, बबिया, शहवाजपपुर, पचौटा, संथली, सलेमुपर, नंगला शेख-1, समेमपुर कायस्थ, शेरपुर, अंधेल
डीडीए की तर्ज पर होगी आवासीय प्लॉट की ई-निलामी
नोएडा प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक के माध्यम से निर्णय लिया है कि आवासीय प्लॉट की निलामी दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी की तर्ज पर होगी। उनका कहना है कि इसमें कोई भी व्यक्ति एक से ज्यादा स्थानों के लिए निलामी में शामिल हो सकेगा। इसके अलावा इसमें वित्तीय लाभ होगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। आवासीय प्लॉट की पूरी राशि एक साल में जमा करनी होगी।
ई-निलामी से मिलेंगे औद्योगिक और संस्थागत आईटी के भूखंड
नोएडा। सीएजी की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए अब औद्योगिक भूखंड और संस्थागत आईटी और आईटीएस प्लॉट के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह से ई-निलामी पर निर्भर करेगी। अब ऐसे आवंटन साक्षात्कार और ड्रॉ के माध्यम से नहीं होंगे। प्राधिकरण के बोर्ड ने इस पर निर्णय लिया है। दरअसल, पूर्व आवंटन पर सीएजी ऑडिट में आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार बोर्ड के माध्यम से प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए औद्योगिक भूखंडों व संस्थागत विभाग के आईटी-आईटीएस भू उपयोग के भूखंडों के अलग-अलग साइज के प्लॉट आवंटन के लिए पहले से प्रचलित ड्रॉ और साक्षात्कार की प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। अब इनमें से किसी भी साइज के भूखंडों का आवंटन ई-निलामी से होगी। यही नहीं भूखंड के सापेक्ष देय प्रीमियम का एक मुश्त भुगतान करने पर कुल प्रीमियम पर दो प्रतिशत की छूट भी दिए जाने का निर्णय लिया गया।
अब बिल्डरों को मिल सकेगा स्ट्रेस फंड पाने का मौका
अब नोएडा के बिल्डरों को भी स्ट्रेस फंड पाने का मौका मिल सकेगा। इस राह की बाधा को नोएडा प्राधिकरण ने दूर करने का फैसला लिया गया है। दरअसल, भारत सरकार ने ग्रुप हाउसिंग सेक्टर को संकट से उबारने के लिए स्वामिह (स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड इनकम हाउसिंग) फंड दिलाने का फैसला किया है। इसके तरह एसबीआई कैप की ओर सहायता राशि दी जाती है। लेकिन यह केवल उन प्रोजेक्टों के लिए होगा, जिनके प्रोजेक्ट बन पाने की स्थिति में होंगे। यहां यह भी शर्त थी कि प्राधिकरण की ओर से ऐसे प्रोजेक्टों के लिए मॉर्टगेज अनुमति दी जाए। इसी बाधा को प्राधिकरण ने दूर किया है। यही नहीं अगर प्रोजेक्ट पूरा होने की स्थिति में है और बकाया चुकाने की तय समय सीमा खत्म हो गई है तो ऐसेे प्रोजेक्टों को दो साल के लिए रिशेड्यूलमेंट का भी तोहफा मिलेगा। हालांकि यह उन्हीं को मिलेगा, जिनकी स्ट्रेस फंड की मांग पूरी हो रही है।
स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए बनेगी समिति
बहुमंजिला भवनों में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित कराये जाने के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट के संबंध में एक रुपरेखा तैयार की जाएगी। यह रुपरेखा तैयार करने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों के साथ एक समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति इसकी रुपरेखा तैयार करेगी। इसके बाद ही इस पर काम हो सकेगा।
यह भी लिए गए निर्णय
- उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति 2021 के अंतर्गत भवन नियमावली 2010 में संशोधन। अब पुराने आवंटन पर लागू होगा पूरा डाटा सेंटर नीति
- अगर बिल्डर मानचित्र में संशोधन की अर्जी दाखिल करना चाहता है तो उसे खरीदारों से सहमति लेना जरूरी होगा।
- एनएमआरसी सेक्टर-51 और डीएमआरसी के ब्लू लाइन पर सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए प्राधिकरण खुद ही फुट ओवर ब्रिज बनाएगा।
- आग की घटनाओं से बचाने के लिए हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदा जाएगा। इसके लिए छह करोड़ रुपए मिलेंगे।
- सेक्टर-151ए के गोल्फ कोर्स का क्षेत्रफल आठ एकड़ और बढ़ेगा।
- चिल्ला रेगुलेटर के कार्य को शासन स्तर पर निर्णय के लिए भेजा जाएगा