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Noida News: नोएडा बनेगा स्टार्टअप का हब, कंपनियों को न्यूनतम किराये पर मिलेगी जगह
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- स्टार्टअप के लिए आवंटित होगा सिटी बस टर्मिनल का एक फ्लोर, साक्षात्कार के बाद आवंटित की जाएगी जगह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अब नोएडा जल्द ही स्टार्टअप का हब बनेगा। सेक्टर-82 स्थित सिटी बस टर्मिनल की इमारत में स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियां संचालित होंगी। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नोएडा प्राधिकरण जल्द ही एक कार्यक्रम के माध्यम से स्टार्टअप से जुड़े लोगों को आमंत्रित करेगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सिटी बस टर्मिनल के एक फ्लोर का आवंटन स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन के लिए होगा। यहां न्यूनतम दर पर स्टार्टअप से जुड़ी कंपनियों को किराये पर जगह दी जाएगी।
हालांकि जगह देने आवंटित करने से पहले विशेष कार्यक्रम आयोजित कर स्टार्टअप कंपनियों के प्रबंधकों का साक्षात्कार लिया जाएगा। जिसमें कंपनियों के विजन और उनकी मौजूदा रणनीति की जानकारी हासिल की जाएगी। इसके लिए जगह-जगह से स्टार्टअप कंपनियों को बुलाया जाएगा। इस बाबत एक एजेंसी की मदद भी ली जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पहले चरण में नोएडा-गाजियाबाद की कंपनियां आएंगी
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अगर पूरे एनसीआर क्षेत्र की स्टार्टअप कंपनियों को बुलाया जाए तो सिटी बस टर्मिनल के दोनों तल बुक हो सकते हैं। लेकिन पहले चरण में केवल नोएडा-गाजियाबाद की कंपनियों को बुलाने की योजना है। इनहें पूरा फ्लोर आवंटित करने की योजना है। आवंटित जगह के आधार पर कंपनियों को किराया देना होगा। अधिकारियों को मुताबिक यहां किराया न्यूनतम होगा। प्राधिकरण का मकसद इससे पैसा कमाना नहीं बल्कि स्टार्टअप को बढ़ावा देना होगा इसलिए ऐसी कंपनियों को प्रमोट भी किया जाएगा।
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सिटी बस टर्मिनल में अस्पताल को देना था स्पेस, नहीं बनी बात
करीब 157 करोड़ की लागत से तैयार सिटी बस टर्मिनल का पूरा स्पेस रोडवेज को देना था। लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद अलग-अलग चरणों में अलग-अलग योजना बनी। अंतिम तौर पर यह स्पेस अस्पतालों को देने का फैसला लिया गया। अब बताया जा रहा है कि अस्पताल यहां आने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही जगह को तकनीकी तौर पर उपयुक्त नहीं बताया बताया गया। इसके बाद अब इसे स्टार्टअप कंपनियों को देने का फैसला किया गया।
बोर्ड से मंजूरी के बाद आवंटित की जाएगी जगह
स्टार्टअप गतिविधियों को शुरू कराने का प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। कंपनियों को जगह आवंटित करने के लिए वहां से मंजूरी जी जाएगी। इससे पहले फेज-दो में भी प्राधिकरण ने स्टार्टअप हब को लेकर गतिविधि शुरू की थी। लेकिन उस समय बेहतर योजना नहीं होने से काम पूरा नहीं हो पाया था।
सिटी बस टर्मिनल में स्टार्टअप कंपनियों को स्पेस मुहैया कराया जाएगा। इस बाबत बोर्ड से भी मंजूरी ली जाएगी। स्टार्टअप कंपनियों को एक कार्यक्रम के माध्यम से बुलाया जाएगा। प्राधिकरण का मकसद स्टार्टअप को प्रमोट करना है।- लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अब नोएडा जल्द ही स्टार्टअप का हब बनेगा। सेक्टर-82 स्थित सिटी बस टर्मिनल की इमारत में स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियां संचालित होंगी। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नोएडा प्राधिकरण जल्द ही एक कार्यक्रम के माध्यम से स्टार्टअप से जुड़े लोगों को आमंत्रित करेगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सिटी बस टर्मिनल के एक फ्लोर का आवंटन स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन के लिए होगा। यहां न्यूनतम दर पर स्टार्टअप से जुड़ी कंपनियों को किराये पर जगह दी जाएगी।
हालांकि जगह देने आवंटित करने से पहले विशेष कार्यक्रम आयोजित कर स्टार्टअप कंपनियों के प्रबंधकों का साक्षात्कार लिया जाएगा। जिसमें कंपनियों के विजन और उनकी मौजूदा रणनीति की जानकारी हासिल की जाएगी। इसके लिए जगह-जगह से स्टार्टअप कंपनियों को बुलाया जाएगा। इस बाबत एक एजेंसी की मदद भी ली जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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पहले चरण में नोएडा-गाजियाबाद की कंपनियां आएंगी
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अगर पूरे एनसीआर क्षेत्र की स्टार्टअप कंपनियों को बुलाया जाए तो सिटी बस टर्मिनल के दोनों तल बुक हो सकते हैं। लेकिन पहले चरण में केवल नोएडा-गाजियाबाद की कंपनियों को बुलाने की योजना है। इनहें पूरा फ्लोर आवंटित करने की योजना है। आवंटित जगह के आधार पर कंपनियों को किराया देना होगा। अधिकारियों को मुताबिक यहां किराया न्यूनतम होगा। प्राधिकरण का मकसद इससे पैसा कमाना नहीं बल्कि स्टार्टअप को बढ़ावा देना होगा इसलिए ऐसी कंपनियों को प्रमोट भी किया जाएगा।
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सिटी बस टर्मिनल में अस्पताल को देना था स्पेस, नहीं बनी बात
करीब 157 करोड़ की लागत से तैयार सिटी बस टर्मिनल का पूरा स्पेस रोडवेज को देना था। लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद अलग-अलग चरणों में अलग-अलग योजना बनी। अंतिम तौर पर यह स्पेस अस्पतालों को देने का फैसला लिया गया। अब बताया जा रहा है कि अस्पताल यहां आने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही जगह को तकनीकी तौर पर उपयुक्त नहीं बताया बताया गया। इसके बाद अब इसे स्टार्टअप कंपनियों को देने का फैसला किया गया।
बोर्ड से मंजूरी के बाद आवंटित की जाएगी जगह
स्टार्टअप गतिविधियों को शुरू कराने का प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। कंपनियों को जगह आवंटित करने के लिए वहां से मंजूरी जी जाएगी। इससे पहले फेज-दो में भी प्राधिकरण ने स्टार्टअप हब को लेकर गतिविधि शुरू की थी। लेकिन उस समय बेहतर योजना नहीं होने से काम पूरा नहीं हो पाया था।
सिटी बस टर्मिनल में स्टार्टअप कंपनियों को स्पेस मुहैया कराया जाएगा। इस बाबत बोर्ड से भी मंजूरी ली जाएगी। स्टार्टअप कंपनियों को एक कार्यक्रम के माध्यम से बुलाया जाएगा। प्राधिकरण का मकसद स्टार्टअप को प्रमोट करना है।- लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण