नोएडा: कोरोना प्रतिबंधों के बीच प्रवासी श्रमिकों की स्थिति खराब, किया दावा- नहीं मिल रहा मुफ्त राशन
सबसे ज्यादा प्रभावित प्रवासी श्रमिक हुए हैं। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी इसी वर्ग को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था। प्रवासी श्रमिकों के अनुसार, प्रबंध लगने के कारण कंपनियां बंद हो गई हैं तो अब उन्हें काम मिलना बंद हो गया है।
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कोरोना महामारी का कहर पूरे देश में है। नोएडा और गाजियाबाद में भी कोरोना के केस भारी संख्या में मिल रहे हैं। इनपर नियंत्रण लगाने के लिए नोएडा प्रशासन ने भी कई पाबंदियां लगाईं हैं। समाज का हर वर्ग इन प्रतिबंधों से प्रभावित हुआ है।
सबसे ज्यादा प्रभावित प्रवासी श्रमिक हुए हैं। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी इसी वर्ग को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था। प्रवासी श्रमिकों के अनुसार, प्रतिबंध लगने के कारण कंपनियां बंद हो गई हैं तो अब उन्हें काम मिलना बंद हो गया है।
'गरीब आदमी खत्म हो गया, गरीबी नहीं'
नोएडा में रविवार को कई श्रमिकों ने अपनी व्यथा बताई। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू के कारण कंपनियां बंद हो गई हैं तो हमारे पास अब कोई काम नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले लॉकडाउन की तरह इस बार भी हमें सरकार से राशन नहीं मिल रहा है। एक मजदूर ने कहा कि गरीब आदमी खत्म हो गया है, गरीबी नहीं।