नोएडा सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत केस: पिता ने दर्ज कराई शिकायत, पुलिस की एफआईआर में इसका नाम; प्रशासन पाक साफ!
जिस जगह पर हादसा हुआ है। वहां 50 से अधिक सोसाइटी है। 20 से अधिक सोसाइटी में हजारों लोग रहते भी हैं। यहां कई जगह स्ट्रीट लाइसें भी खराब हैं। सड़क भी टूटी हुई हैं। लोगों ने एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च दो और तीन बीएचके वाले फ्लैट ले रखे हैं।
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विस्तार
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 टी प्वाइंट के पास बेसमेंट के लिए बने गड्ढे में भरे पानी में कार समेत डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले में युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ बीएनएस की धारा-105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (1) (किसी व्यक्ति के द्वारा की गई लापरवाही या जल्दबाजी से किसी व्यक्ति की मृत्यु, धारा-125 (मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने) की धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में प्राधिकरण की मिट्टी का ढेर लगवाने के साथ लोहे की 10 फीट चौड़ी और सात फीट ऊंची बैरिकेड लगवाने के साथ जर्सी बैरियर रखवाए गए हैं।
प्रशासन पाक साफ
वहीं जिस जगह पर हादसा हुआ है। वहां 50 से अधिक सोसाइटी है। 20 से अधिक सोसाइटी में हजारों लोग रहते भी हैं। यहां कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं। सड़क भी टूटी हुई हैं। लोगों ने एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च दो और तीन बीएचके वाले फ्लैट ले रखे हैं। मगर सोसाइटी से निकलने वाले पानी के लिए उचित निकासी की व्यवस्था नहीं है। सोसाइटियों के पीछे से निकलने वाली हिंडन नदी में पानी छोड़ने पर मनाही है। इस कारण बिल्डर की ओर से कई सोसाइटियों से बिना शोधित किए ही पानी को खुले नाले और खाली प्लॉट में छोड़ा जाता है। घटना स्थल के पास पीछे जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।
बचाओ-बचाओ की आवाज लगाता रहा युवराज
टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी मृतक के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे पुत्र का फोन आया था। पुत्र ने कहा कि वह नाले में गिर गया उसे बचाओ आकर। पहले वह ऐस सिटी नाले के पास पहुंचे देखे लेकिन वह वहां नहीं मिला। करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को ढूंढते रहे। जब वह घटना स्थल को ढूंढते हुए पहुंचे तो देखा कि पुत्र कार की छत पर लेटा हुआ है। इस दौरान डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुत्र बीच-बीच में बचाव-बचाव की आवाज लगा रहा था। इस दौरान उन्होंने टार्च जलाकर अपने जिंदा होने का भी सबूत दिया।
पिता के सामने डूब गया बेटा
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया। मगर रस्सी उस तक नहीं पहुंची। क्रेन भी मंगवाई गई वह भी उस तक नहीं पहुंची। जिस कारण राहत बचाव कार्य में देरी हुई। मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा। इस कारण वह उनकी आंखों के सामने ही कार सहित डूब गया। बाद में सफलता नहीं मिलते देख एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने पुत्र को बाहर निकाला, लेकिन तबतक उसकी मौत हो चुकी थी।
लापरवाही जगह-जगह
जिस जगह पर हादसा हुआ है। वहां पहले भी एक ट्रक कोहरे के कारण फंस चुका था। बावजूद उस हादसे से सबक नहीं लिया गया। जिस बेसमेंट में हादसे हुआ है, वह हमेशा ही पानी भरा रहता है। ट्रक हादसे की घटना के बाद उसे दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। घटना स्थल के पास नाला भी खुला हुआ है। वहां कोई रिफ्लेक्टर और बैरिकेड भी नहीं था।
क्या है मामला
ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट के पास शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होने के बाद गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में करीब 70 फीट दूर जा गिरी थी। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 30 फीट गहरे पानी से युवक को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस क्या बोली
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा, फायर ब्रिगेड को जोड़कर उनके लेडर, क्रेन, सर्च लाइट, बोट के जरिये उसे बचाने काप्रयास किया। फाइनल ऑपरेशन में एनडीआरएफ को जोड़ा गया। मगर न्यूनतम दृश्यता शून्य के कारण परेशानी हुई। घटना के संबंध में पीड़ित परिवार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. राजीव नारायण मिश्र, अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, गौतमबुद्धनगर
नोएडा प्राधिकरण की उदासीनता पड़ी भारी
पुलिस को दी तहरीर में राजकुमार मेहता ने कहा कि सेक्टर-150 के निवासियों द्वारा पहले भी नोएडा प्राधिकरण से कई बार नाले के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे आए दिन हादसे होते हैं। लेकिन प्राधिकरण की उदासीनता के कारण सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। इसलिए मामले में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो सके।
रात 12 :05 बजे -अनियंत्रित कार बेसमेंट में गिरी
12ः25 बजे -युवक ने पिता को फोन से सूचना दी
12ः30 बजे - पिता ने डायल 112 पर सूचना दी
12ः41 बजे -कंट्रोल रूम से कोतवाली प्रभारी के पास फोन आया
12ः50 बजे -पुलिस फोर्स और दमकल कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे
1ः15 बजे -एसडीआरएफ टीम घटना स्थल पर पहुंची
1ः45 बजे - बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत युवक डूबा
1ः55 बजे -गाजियाबाद से एनडीआरएफ टीम पहुंची
4:30 बजे -युवक को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया
नोट : समय जैसा पुलिस और परिजनों ने बताया
युवराज का हुआ अंतिम संस्कार
शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने सफीपुर में नम आंखों से युवराज का अंतिम संस्कार किया। पिता, रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए। दोस्तों ने बताया कि युवराज मिलनसार और काम में बेहद अच्छा था। करीब एक साल से गुरुग्राम की कंपनी में काम कर रहे थे। उनकी बहन, जो यूके में रहती है, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकी। घटना के बाद पिता अकेले पड़ गए हैं और उन्होंने अपने बुढ़ापे का सहारा खो दिया है।
लोगों ने उठाया लापरवाही का मुद्दा
हादसे के बाद सेक्टर निवासियों ने लापरवाही का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा है कि करीब 16 दिन पहले भी यहां हादसा हुआ था। उस वक्त शिकायत के बाद अधिकारी जाग जाते तो शुक्रवार को युवराज की जान बच सकती थी। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में ऐेसे अधबने प्लॉटों की संख्या अच्छी खासी है। जहां कभी भी हादसो हो सकते हैं।
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