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सुल्ली डील्स एप पर नोएडा की पायलट को किया गया था बदनाम
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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। एक वर्ग विशेष की महिलाओं को डील ऑफ द डे बताकर सोशल मीडिया पर बुल्ली बाई एप के जरिये बदनाम करने को लेकर देशभर में काफी चर्चा है। इसी तरह पिछले साल सुल्ली डील्स एप पर भी देश की कई महिलाओं को बदनाम किया गया था। इस मामले में नोएडा निवासी एक पायलट ने कोतवाली सेक्टर-24 में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी लेकिन 6 माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पहले कि सुल्ली एप से मिलता-जुलता बुल्ली बाई एप आ गया।
दरअसल सुल्ली और बुल्ली एप सोशल मीडिया पर नफरत फैला रहा है। एप खोलते ही एक धर्म विशेष की महिलाओं की तस्वीरें दिखाई देंगी। इन महिलाओं को डील ऑफ द डे बताकर बदनाम किया जा रहा है। बुल्ली बाई एप भी सुल्ली डील्स एप की तर्ज पर बनाया गया है। जुलाई 2021 में सुल्ली डील्स एप का मामला सामने आने पर नोएडा निवासी महिला पायलट ने विरोध किया था। महिला को भी बदनाम करने की साजिश की गई थी। तब पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर-24 में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, हालांकि छह माह भी पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर पाई। मामले की जांच आईटी सेल की टीम कर रही है। नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि सुल्ली डील्स के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी और जांच चल रही है। पुलिस की टीम कई एजेंसियों से बात कर रही है और कई एजेंसियों से जानकारी मांगी गई है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
बुल्ली बाई एप के बारे में जानकारी आने के बाद कई पीड़ित महिलाओं ने इसे सोशल मीडिया पर साझा किया। कई महिलाओं ने कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। बुल्ली बाई एप आने के बाद सुल्ली डील्स एप पर बदनामी का शिकार हुई महिलाओं ने भी सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया और पुलिस पर पहले दर्ज की गई रिपोर्ट में कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
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दरअसल सुल्ली और बुल्ली एप सोशल मीडिया पर नफरत फैला रहा है। एप खोलते ही एक धर्म विशेष की महिलाओं की तस्वीरें दिखाई देंगी। इन महिलाओं को डील ऑफ द डे बताकर बदनाम किया जा रहा है। बुल्ली बाई एप भी सुल्ली डील्स एप की तर्ज पर बनाया गया है। जुलाई 2021 में सुल्ली डील्स एप का मामला सामने आने पर नोएडा निवासी महिला पायलट ने विरोध किया था। महिला को भी बदनाम करने की साजिश की गई थी। तब पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर-24 में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, हालांकि छह माह भी पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर पाई। मामले की जांच आईटी सेल की टीम कर रही है। नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि सुल्ली डील्स के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी और जांच चल रही है। पुलिस की टीम कई एजेंसियों से बात कर रही है और कई एजेंसियों से जानकारी मांगी गई है।
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सोशल मीडिया पर चर्चा
बुल्ली बाई एप के बारे में जानकारी आने के बाद कई पीड़ित महिलाओं ने इसे सोशल मीडिया पर साझा किया। कई महिलाओं ने कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। बुल्ली बाई एप आने के बाद सुल्ली डील्स एप पर बदनामी का शिकार हुई महिलाओं ने भी सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया और पुलिस पर पहले दर्ज की गई रिपोर्ट में कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
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