इसका जिम्मेदार कौन: नोएडा के सरकारी स्कूल में तीसरी में दो और चौथी में मात्र तीन छात्र; पूरे विद्यालय में 30
गांव के एक निवासी ने बताया कि सरकारी स्कूल के पास में ही सामाजिक संस्था की ओर से भी स्कूल चलाया जाता है। यहां पर सरकारी स्कूल से बेहतर पढ़ाई कराई जा रही है।
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नोएडा जिले में एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है, जहां तीसरी कक्षा में दो और चौथी कक्षा में मात्र तीन छात्र पढ़ते हैं। छठी से लेकर आठवीं तक में सिर्फ 10 छात्र पंजीकृत हैं। इनको पढ़ाने के लिए पांच शिक्षकों समेत एक शिक्षा मित्र की ड्यूटी लगाई गई है।
जब स्टाफ से पूछा गया कि स्कूल में इतने कम छात्र क्यों पंजीकृत हैं तो बताया गया कि कुछ शिक्षक 80 से 90 किलोमीटर दूर से आते हैं, इस वजह से समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। इस समस्या को देखते हुए अभिभावक निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि इसके लिए शिक्षक भी जिम्मेदार हैं। इसके लिए विभाग की ओर से एक शिक्षक पर कार्रवाई भी की गई है।
जेवर के भगवंतपुर गांव में पहली से आठवीं तक का कम्पोजिट स्कूल है। इस स्कूल में कुल 30 छात्र पंजीकृत है। पांचवीं कक्षा में छह छात्र पढ़ते हैं। यह इस स्कूल में एक कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। पहली कक्षा में पांच छात्र पढ़ते हैं। स्कूल में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं में 20 छात्र पढ़ते हैं।
सामाजिक संस्था के स्कूल में पढ़ रहे बच्चे
गांव के एक निवासी ने बताया कि सरकारी स्कूल के पास में ही सामाजिक संस्था की ओर से भी स्कूल चलाया जाता है। यहां पर सरकारी स्कूल से बेहतर पढ़ाई कराई जा रही है। सरकारी स्कूल में तो शिक्षक समय पर आते ही नहीं हैं, इसलिए लोग अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में नहीं कराना चाहते हैं।
नए सत्र से छात्रों की संख्या बढ़ाने का प्रयास करेंगे
स्कूल प्रभारी लोकेश कुमार ने बताया कि स्कूल में कुल 30 छात्र पंजीकृत हैं। तीसरी कक्षा में दो और चौथी, छठी और आठवीं कक्षा में 3-3 छात्र पंजीकृत हैं। नए सत्र से छात्रों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
भगवंतपुर के कम्पोजिट स्कूल में बहुत कम छात्र पंजीकृत हैं। इसके लिए शिक्षकों का उदासीन रवैया भी जिम्मेदार है। इसको लेकर एक शिक्षक पर कार्रवाई भी की गई है। विभाग स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। -यश पाल सिंह, एडिशनल बेसिक शिक्षा अधिकारी
स्कूल को नामांकन बढ़ाने का वक्त दिया गया था, लेकिन प्रबंधक की ओर से इस पर अच्छे से काम नहीं किया गया है, इसलिए एक शिक्षक को सस्पेंड भी किया गया है। नए सत्र में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर काम किया जाएगा। -ऐश्वर्या लक्ष्मी, बेसिक शिक्षा अधिकारी
कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या
पहली- 5
दूसरी- 4
तीसरी- 2
चौथी- 3
पांचवीं- 6
छठी- 3
सातवीं- 4
आठवीं- 3