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नोएडा-ग्रेनो में बनेंगे सस्ते फ्लैट: 4.5 से शुरू होगी कीमत, हर ग्रुप हाउसिंग परियोजना में 10% फ्लैट आरक्षित
Mon, 19 Oct 2026 01:31 PM IST
Sharukh Khan
योगेश तिवारी, अमर उजाला, नोएडा
योगेश तिवारी, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:31 PM IST
सार
गरीब परिवारों के लिए खुशखबरी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सस्ते फ्लैट बनेंगे। इनकी कीमत 4.5 से शुरू होगी। हर ग्रुप हाउसिंग परियोजना में 10 फीसदी फ्लैट आरक्षित है। यूपी सरकार ने प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम-2026 की नियमावली जारी कर दी है।
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Noida-Greater Noida
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब किफायती फ्लैटों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के परिवारों को सस्ते घर उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है।
इसके तहत ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में कुल आवासीय इकाइयों का 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा। ईडब्ल्यूएस फ्लैट की शुरुआती कीमत 4.5 लाख रुपये और एलआईजी फ्लैट की नौ लाख रुपये निर्धारित की गई है।
औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की मॉडल भवन विनियम-2026 को नौ अक्तूबर को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। अब इसकी नियमावली प्राधिकरणों को भेज दी गई है। इसके बाद किफायती फ्लैटों के आकार, निर्माण और आवंटन से जुड़ी व्यवस्था स्पष्ट हो गई है।
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इसके तहत ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में कुल आवासीय इकाइयों का 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा। ईडब्ल्यूएस फ्लैट की शुरुआती कीमत 4.5 लाख रुपये और एलआईजी फ्लैट की नौ लाख रुपये निर्धारित की गई है।
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औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की मॉडल भवन विनियम-2026 को नौ अक्तूबर को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। अब इसकी नियमावली प्राधिकरणों को भेज दी गई है। इसके बाद किफायती फ्लैटों के आकार, निर्माण और आवंटन से जुड़ी व्यवस्था स्पष्ट हो गई है।
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नियमावली के अनुसार, चार हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाली आवासीय योजनाओं में बिल्डर को शेल्टर फीस जमा करने का विकल्प भी दिया गया है। हालांकि इस विकल्प के तहत जमा राशि से प्राधिकरण को उतनी ही संख्या में किफायती फ्लैट बनवाने होंगे।
एलआईजी के लिए 35-45 वर्गमीटर कारपेट एरिया, चार वर्गमीटर मेंं पार्किंग
नई नियमावली में फ्लैटों के आकार और पार्किंग के लिए भी मानक तय किए गए हैं। ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में ईडब्ल्यूएस फ्लैट का कारपेट एरिया 30 से 35 वर्गमीटर और एलआईजी फ्लैट का 35 से 45 वर्गमीटर होगा। प्लॉटेड डेवलपमेंट में ईडब्ल्यूएस के लिए 35 से 40 वर्गमीटर और एलआईजी के लिए 40 से 50 वर्गमीटर के भूखंड का प्रावधान किया गया है।
नई नियमावली में फ्लैटों के आकार और पार्किंग के लिए भी मानक तय किए गए हैं। ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में ईडब्ल्यूएस फ्लैट का कारपेट एरिया 30 से 35 वर्गमीटर और एलआईजी फ्लैट का 35 से 45 वर्गमीटर होगा। प्लॉटेड डेवलपमेंट में ईडब्ल्यूएस के लिए 35 से 40 वर्गमीटर और एलआईजी के लिए 40 से 50 वर्गमीटर के भूखंड का प्रावधान किया गया है।
पार्किंग के लिए ईडब्ल्यूएस आवास में प्रति इकाई दो वर्गमीटर और एलआईजी में चार वर्गमीटर जगह निर्धारित की गई है। नियमावली में भवन की ऊंचाई, सड़क की चौड़ाई, प्लॉट के आकार और निर्माण लागत से जुड़े मानक भी शामिल हैं। सरकार ने ईडब्ल्यूएस के लिए सालाना तीन लाख रुपये और एलआईजी के लिए छह लाख रुपये तक की पारिवारिक आय का मानक तय किया है।
बिल्डरों को पहले किफायती फ्लैटों का पूरा करना होगा निर्माण
नई व्यवस्था में बिल्डर किफायती फ्लैटों के निर्माण को टाल नहीं सकेंगे। नियमावली के अनुसार, परियोजना में पहले ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैटों के लिए पूर्णता प्रमाणपत्र लेना होगा। इसके बाद बाकी फ्लैटों के अधिभोग प्रमाणपत्र (ओसी) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इससे किफायती आवासों के निर्माण और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था में बिल्डर किफायती फ्लैटों के निर्माण को टाल नहीं सकेंगे। नियमावली के अनुसार, परियोजना में पहले ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैटों के लिए पूर्णता प्रमाणपत्र लेना होगा। इसके बाद बाकी फ्लैटों के अधिभोग प्रमाणपत्र (ओसी) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इससे किफायती आवासों के निर्माण और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नोएडा में दस साल से नहीं आई सस्ते फ्लैटों की योजना
नोएडा में पिछले करीब दस वर्षों से प्राधिकरण की ओर से किफायती फ्लैटों की कोई नई योजना नहीं लाई गई है। इससे पहले प्राधिकरण जनता फ्लैट और श्रमिक कुंज जैसी योजनाओं के जरिये कम आय वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराता था।
नोएडा में पिछले करीब दस वर्षों से प्राधिकरण की ओर से किफायती फ्लैटों की कोई नई योजना नहीं लाई गई है। इससे पहले प्राधिकरण जनता फ्लैट और श्रमिक कुंज जैसी योजनाओं के जरिये कम आय वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराता था।
दूसरी ओर, निजी बिल्डरों की नई परियोजनाओं में फ्लैटों की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। पिछले दो वर्षों में लॉन्च हुई पांच ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में फ्लैटों की शुरुआती कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये रही है।
वहीं, रियल एस्टेट बाजार में 15 करोड़ रुपये तक के लग्जरी फ्लैट भी उपलब्ध हैं। ऐसे में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए किफायती आवास की जरूरत लगातार बनी हुई है। सस्ते विकल्पों की कमी के कारण कई परिवारों को अनधिकृत इमारतों और जोखिम वाले क्षेत्रों में आवास तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
बोर्ड की मंजूरी के बाद लागू होगी व्यवस्था
नोएडा प्राधिकरण की जीएम मीना भार्गव ने बताया कि मॉडल भवन विनियम-2026 की नियमावली शासन से प्राप्त हो गई है। प्राधिकरण स्तर पर इसका अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद बोर्ड की मंजूरी मिलने पर इसे प्रभावी किया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण की जीएम मीना भार्गव ने बताया कि मॉडल भवन विनियम-2026 की नियमावली शासन से प्राप्त हो गई है। प्राधिकरण स्तर पर इसका अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद बोर्ड की मंजूरी मिलने पर इसे प्रभावी किया जाएगा।