नोएडा इंजीनियर मौत मामला: 12 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार ठहराए, SIT ने यूपी सरकार को सौंपी रिपोर्ट
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जिसमें सुरक्षा उपायों की कमी और बचाव कार्य में देरी को मुख्य कारण बताया गया है। 12 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार ठहराए गए हैं।
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नोएडा सेक्टर-150 हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर विशेष जांच दल (एसआईटी) की तरफ से अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने की सूचना है। यह रिपोर्ट सौंपने से पहले एसआईटी में शामिल अधिकारियों ने बुधवार देर शाम तक नोएडा प्राधिकरण से कई सवालों पर जवाब लिए हैं।
सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने रिपोर्ट में हादसे के कारण के तौर पर सुरक्षा उपाय न होने और बचाव में देरी को भी माना है। अलग-अलग स्तर पर इसके लिए कौन से अधिकारी व विभाग जिम्मेदार थे। उनका जिक्र किया गया है। प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन से 12 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी पूरी जांच के शिकंजे में फंसते दिख रहे हैं।
एसआईटी से सामने पेश हुए थे डिलीवरी बॉय
डिलीवरी बॉय मोनिंदर ने एसआईटी की जांच के बाद मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्होंने जांच टीम के सामने वही बयान दोहराया है, जो घटना के बाद से देते आ रहे हैं। उनके किसी भी बयान में कोई बदलाव नहीं हुआ है और न ही उन्होंने कोई मनगढ़ंत कहानी बनाई है। एसआईटी ने उनसे घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की और उनके बयान कंप्यूटर पर दर्ज किए गए।
मोहिंदर के अनुसार, एसआईटी ने उनसे पूछा कि वह क्या काम करते हैं, उनकी डिलीवरी एप किस समय चलती है। उन्होंने नाले में उतरकर कितनी देर तक युवक को बचाने की कोशिश की और अंदर जाने के बाद क्या-क्या हुआ। उन्होंने बताया कि वह करीब 30 से 40 मिनट तक नाले के अंदर रहे। टीम ने यह भी सवाल किया कि यदि युवक गाड़ी के ऊपर बैठा होता तो उसे किस तरह बचाया जा सकता था। इस पर मोनिंदर ने विस्तार से बताया कि मौके पर मौजूद संसाधनों और समय पर सही प्रयास होने पर युवक की जान बचाई जा सकती थी।
धमकियों के बीच मोनिंदर ने मांगी सुरक्षा
पूछताछ के समय एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग मौके पर मौजूद थे और सभी के सामने उनसे सवाल-जवाब किए गए। एसआईटी ने उन्हें दोबारा बुलाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। मोनिंदर ने प्रदेश सरकार से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि सच सामने आने के बाद से वह और उनका परिवार डरे हुए हैं और उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है।
मां और परिवार सुरक्षा को लेकर परिवार इतना चिंतित है कि पिछले तीन दिनों से खाना तक नहीं बन पाया। वह केवल सच्चाई बता रहे हैं। इसलिए उसे और पूरे परिवार को सुरक्षा दी जाए। जिससे वे बिना डर के अपनी जिंदगी जी सकें। पूछताछ के वक्त उनके पिता भी प्राधिकरण गए थे। पूछताछ के बाद उन्हें सरकारी वाहन से पूरी सुरक्षा के साथ घर छोड़ा गया।