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नोएडा इंजीनियर मौत: डेवलपर ने 2022 में सीवर ढहने-जलभराव की दी थी चेतावनी, प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही आई सामने

Wed, 21 Jan 2026 11:22 PM IST
अनुज कुमार पीटीआई, नोएडा
पीटीआई, नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 21 Jan 2026 11:22 PM IST
सार

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। डेवलपर ने 2022 में ही नोएडा प्राधिकरण को सीवर और मुख्य नाली लाइनों के ढहने के साथ गंभीर जलभराव की चेतावनी दी थी। कंपनी ने पत्र में स्पष्ट लिखा था।

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Noida engineer death Developer warned of sewer collapse and waterlogging in 2022
घटना स्थल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक गड्ढे में गिरने से हुई मौत के कुछ दिनों बाद, डेवलपर्स ने 2022 में ही नोएडा प्राधिकरण को सेक्टर 150 स्थित कंपनी के गड्ढे वाली जगह पर सीवर और मुख्य नाली लाइनों के ढहने और जलभराव की चेतावनी दी थी। कंपनी एमजेड विजटाउन प्लानर्स ने मार्च 2022 में लिखे एक पत्र में कहा था कि यदि तत्काल मरम्मत नहीं हुई तो "अनजाने में कोई भी दुर्घटना हो सकती है"।
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एमजेड विजटाउन प्लानर्स द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण को संबोधित पत्र में, प्लॉट एससी/02, ए-3 में सीवेज और नाली के पानी के निरंतर प्रवाह का उल्लेख किया गया था और मरम्मत की मांग की गई थी। पत्र में कहा गया था कि ढही हुई सीवर और नाली लाइनों ने प्लॉट के पूरे बेसमेंट को सीवेज और जल निकासी के पानी से भर दिया था।

डेवलपर ने यह भी चेतावनी दी थी कि मिट्टी के कटाव और पानी के दबाव के कारण सड़क धंसने से साइट पर लगाई गई बैरिकेडिंग भी गिर रही है। उन्होंने प्राधिकरण से क्षतिग्रस्त लाइनों को तुरंत बहाल करने और जमा हुए पानी को निकालने का आग्रह किया था ताकि किसी भी दुर्घटना को रोका जा सके। इस पत्र की प्रतियां प्राधिकरण के योजना और कार्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस आयुक्त और स्थानीय एसएचओ को भी भेजी गई थीं।

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खुले नाले और गहरी खाई से खतरे में जान
नोएडा सेक्टर 150 में मोड़ पर बिल्डर की लापरवाही से गहरी खतरनाक खाई एक नहीं बल्कि शहर के कई इलाकों में बनी है, जहां बिल्डर की लापरवाही और प्राधिकरण की अनदेखी शहर के और अन्य युवराज की जान ले सकती है।

सेक्टर 32 स्थित लॉजिक्स मॉल के बगल से सेक्टर 12-22 की ओर जाने के लिए मुड़ते ही सड़क किनारे करीब 300 मीटर दूरी तक बड़े क्षेत्र में बिल्डर ने बेसमेंट बनाने के लिए गहरी खाई कर दी। इस खाई में बिल्डर द्वारा शुरू कराया गया निर्माण अधूरा पड़ा है। जहां बीम से निकली बड़ी सरिया किसी की जान लेने के लिए काफी हैं। यह अधूरा पड़ा इलाका सड़क के बिल्कुल किनारे है, जहां यदि कोई कार या अन्य वाहन या फिर कोई सख्श गिरता है तो उसका बचना लगभग मुश्किल ही है। 

इसी तरह ही सेक्टर 24 के सामने 12-22 के लिए नोएडा एलिवेटेड रोड के नीचे से आ रहे वाहनों के लिए भी खतरा पनप रहा है। उसी मोड़ के किनारे से जाने वाला एक नाला खुला पड़ा है। यहां न तो कोई बाउंड्रीवॉल है न ही नालों में कोई कवर है। ऐसे में इस मोड़ के दौरान रात के अंधेरे में बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई है।

सेक्टर 22 और 23 से गुजरने वाले नाले के ऊपर से निकली मुख्य सड़क के किनारे भी यही आलम देखने को मिला। जहां नाले के किनारे सिर्फ दो फुट ऊंची दीवार ही बनीं है। ऐसे में यदि कोई वहां से गुजरता है या फिर आस पास से वाहन रात के अंधेरे में गुजरता है तो वह सीधा गहरे नाले में गिर सकता है। इसी तरह कई जगह कोई कोंडली नाला बना हुआ है, जो कई जगह पर खुला हुआ है।

युवराज की मौत के बाद क्या बोलीं सोसाइटी की महिलाएं
जिस रास्ते से युवराज आ रहे थे उसी रास्ते से हमारे बच्चे स्कूल और पति अपने ऑफिस जातेे हैं। कई बार ऐसा होता है कि घर आने में देर हो जाती है। सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था ऐसी है कि जब वह घर नहीं आ जाते हमारी सांसे अटकी रहती हैं। युवराज के जाने के बाद से मन बहुत डर गया है।

यह कहना है सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी की महिलाओं का। बुधवार को अमर उजाला की टीम सोसाइटी पहुंची और वहां पर मौजूद महिलाओं से सोसाइटी का हाल जाना। इस मौके पर सोसाइटी की महिलाएं बहुत भावुक दिखाई दीं। 

उन्होंने बताया कि युवराज के जाने से पूरी सोसाइटी में शोक है। हर कोई भगवान से युवराज की आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहा है। महिलाओं ने कहा कि जिस रास्ते पर युवराज आ रहे थे वहीं से हमारे पति भी कई बार देर रात आते हैं, क्योंकि रास्ता ही वही है। इसके अलावा बच्चों की बस भी उसी रास्ते से जाती है। वहां पर शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है और कभी भी कोई घटना हो सकती है।

सोसाइटी के बाहर और अंदर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही दुरुस्त नहीं है। ऐसे में अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है।- तरुणा

युवराज के जाने से हम सब बहुत दुखी हैं। युवराज का फ्लैट हमारे ही टावर में है ऐसे में एक-दो बार युवराज के घर भी जाना हुआ था।- प्रियंका

हम रात के समय उस रास्ते पर जाने से बचते हैं। इस घटना से मन बहुत दुखी है। भगवान से प्रार्थना है कि ऐसा हादसा दोबारा कभी न हो।- पारुल

प्रशासन की लापरवाही से युवराज की जान गई है। ऐसी गलती दोबारा न हो प्रशासन को ऐसा प्रयास करना चाहिए।- मैत्री जैन

ये भी पढ़ें: Engineer Death Case: इंजीनियर युवराज की मौत मामले में बिल्डर अभय की कोर्ट में हुई पेशी, अगली सुनवाई 27 जनवरी

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