Noida Engineer Death: दादरी विधायक का फूटा गुस्सा, बोले- अफसरों ने मारा युवराज; इन दो पत्रों का भी किया जिक्र
दादरी विधायक तेजपाल नागर ने सेक्टर-150 में स्ट्रीटलाइट, गड्ढों और साइनबोर्ड की कमी के कारण हुई एक युवक युवराज की मौत पर अधिकारियों की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घटना की गंभीरता से जांच की मांग की है।
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सेक्टर-150 में दादरी विधायक तेजपाल नागर ने अधिकारियों की लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि युवराज को तो इन लापरवाह अधिकारियों ने मार दिया। इसी जगह पर अगर प्राधिकरण ने पत्र लिखे जाने के बाद लाइट और जरूरी साइनबोर्ड लगा दिए होते तो आज युवराज अपने परिवार के साथ होता।
विधायक ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि यह दुर्घटना नोएडा प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की कमी से हुई है। यहां गड्ढा, स्ट्रीटलाइट की कमी हादसे की वजह बने। यह सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। मैंने खुद 21 सितंबर 2025 और 12 जनवरी 2026 को इस कमी को दूर कराने के लिए पत्र नोएडा प्राधिकरण को लिखे।
इसके बाद भी कोई सार्थक कार्यवाही नहीं की गई। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से एक परिवार ने अपने इकलौते होनहार बेटे को खो दिया। मेरा आग्रह है कि इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। विधायक ने यह भी मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं इस विकसित शहर में नहीं हों। इसके लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की यूनिट गौतमबुद्धनगर में बनाई जाएं।
अमर उजाला से बाचतीत में विधायक ने बताया कि लापरवाही का आलम यह है कि 21 सितंबर को जिन दो जगहों के लिए पत्र लिखा। उसमें कम जरूरत वाली जगह पर लाइट ठीक करा दी गई। जहां हादसे की सबसे अधिक आशंका स्थानीय लोग जता रहे थे। वहीं, कोई काम नहीं कराया गया। यह हद दर्जे की लापरवाही है। इसके बाद संविदा पर तैनात जेई को निलंबित करके अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। दूसरे विभागों में तो कोई जिम्मेदारी ही नहीं मान रहा।
आर्थिक सहायता के लिए लिखा पत्र
विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है। उनका कहना है कि युवराज के परिवार में कोई और कमाने वाला नहीं है। ऐसे परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है। परिवार के भरण पोषण के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दिया जाना उचित होगा।