फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Noida Before the budget rate of wheat fell by Rs 500 a quintal

Greater Noida: बजट से पहले गेहूं के रेट में 500 रुपये क्विंटल की गिरावट, तीन हजार रुपये तक पहुंच गई थी कीमत

Tue, 31 Jan 2023 09:01 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 31 Jan 2023 09:01 PM IST
सार

बड़ी मिलें गेहूं लगातार बाजार से ही खरीद रहीं थीं। गेहूं की डिमांड अधिक होने के कारण लगातार रेट बढ़ रहे थे, लेकिन अब सरकार ने अपने संग्रह से बड़ी मिलों को भी गेहूं देना शुरू कर दिया है। इसके चलते अब बड़ी मिलों के व्यापारी बाजार का रुख नहीं कर रहे हैं। 

विज्ञापन
Noida Before the budget rate of wheat fell by Rs 500 a quintal
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बजट से पहले गेहूं के रेट में 500 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। पांच दिन में गेहूं तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से गिरकर 2500 रुपये पर आ गया है। किसानों से 25 सौ रुपये में गेहूं खरीदकर केवल 50 रुपये अधिक में व्यापारी बिक्री कर रहे हैं। गेहूं में गिरावट से अब स्टॉक का गेहूं भी बाहर आने लगा है। वहीं, रेट कम होने से आमजन को राहत मिली है। हालांकि अभी बाजार में दुकानदारों ने आटे के रेट में कमी नहीं की है, लेकिन जल्द इसमें भी गिरावट आने की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने बड़ी (फ्लोर) मिलों को सस्ते में गेहूं उपलब्ध कराए हैं। इसके कारण डिमांड घटने से गेहूं के रेट कम हो गए हैं।

विज्ञापन



गेहूं और आटे की कीमत में बढ़ोतरी से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गेहूं खरीदकर सफाई व पिसाई के बाद लगभग 35 रुपये प्रति किग्रा आटा खरीदना पड़ रहा था। वहीं, ब्रांडेड पैक्ड आटे का पैकेट लगभग 40 रुपये प्रति किग्रा पड़ रहा है। इससे गृहणियों का बजट भी बिगड़ रहा था। व्यापारियों का कहना है कि क्रय केंद्रों पर सरकार ने किसानों से पिछले सीजन में 2120 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं खरीदा था। उस दौरान व्यापारियों ने भी किसान से सस्ता गेहूं खरीदकर संग्रह कर लिया था। 
विज्ञापन


बड़ी मिलें गेहूं लगातार बाजार से ही खरीद रहीं थीं। गेहूं की डिमांड अधिक होने के कारण लगातार रेट बढ़ रहे थे, लेकिन अब सरकार ने अपने संग्रह से बड़ी मिलों को भी गेहूं देना शुरू कर दिया है। इसके चलते अब बड़ी मिलों के व्यापारी बाजार का रुख नहीं कर रहे हैं। व्यापारियों में भी जल्द से जल्द अपना गेहूं बेचने की होड़ लगी है। इसके चलते गेहूं का रेट कम हो गया है। गौरव भाटी, इकराम खान, जगदीश सिंह, प्रेमपाल, सफिया खां आदि का कहना है कि पिछले एक माह से गेहूं में काफी तेजी आई थी। सरकार के निर्णय के बाद पांच दिन में ही गेहूं में गिरावट आई है। जिससे आमजन को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए सीजन के मद्देनजर स्टॉक निपटाने में जुटे
होली के बाद कटान होने व एक अप्रैल से नया गेहूं क्रय केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो जाता है। इसके चलते अब सरकार भी पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए बड़ी मिल के व्यापारियों को गेहूं दे रही है। वहीं, व्यापारियों को डर सता रहा है कि अगर उनका स्टाक खत्म नहीं हुआ तो नया सीजन शुरू होने पर उन्हें अधिक नुकसान हो सकता है। वहीं, अधिक दिन तक गेहूं रखा रहने से उसके खराब होने की भी आशंका बनी रहती है।


गेहूं पांच दिन पहले तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जा रहा था। लेकिन अब 2500 रुपये क्विंटल गेहूं का रेट रह गया है। सरकार के सस्ते रेट में बड़ी मिल को गेहूं उपलब्ध कराने के बाद रेट में गिरावट आई है।
- ओमवीर सिंह , अध्यक्ष, व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान, रबूपुरा




 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed