उम्मीदों को उड़ान: एयरपोर्ट के साथ ही टेक ऑफ करेगा नोएडा-ग्रेनो का विकास, यहां बनेगा AI कॉरिडोर, जानें तैयारी
नए हवाई अड्डे से नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी का विकास तेज होगा। आधुनिक बस स्टैंड, शून्य प्रतीक्षा टैक्सी प्रबंधन और अत्याधुनिक यातायात निगरानी की योजना है। नीचे विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
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नए एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा से लेकर यमुना सिटी क्षेत्र का विकास और तेज हो जाएगा। तीनों शहरों में बने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकतम उपयोग शुरू होगा। इसके अलावा जरूरत के अनुसार क्षेत्र में कई नई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। तीनों ही प्राधिकरण क्षेत्र ही नहीं पश्चिम यूपी में आने वाली विकास की नई परियोजनाओं के केंद्र में ट्रैफिक और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी शामिल होगी। एयरपोर्ट से जुड़ने वाले रास्तों पर ट्रैफिक जाम, देरी जैसी समस्याएं न होने पाए इसके लिए निगरानी हाईटेक होगी। भविष्य में होने वाले इस बदलाव और विकास का अनुमान विशेषज्ञ लगा रहे हैं।
बस स्टैंड बनेंगे स्मार्ट टर्मिनल
नोएडा से एयरपोर्ट के बीच दो प्रमुख बस स्टैंड बॉटनिकल गार्डन और परी चौक शामिल हैं। एयरपोर्ट शुरू होने पर उसके यात्री के लिए एसी बसों का संचालन होगा। सरकार की तैयार है, पीपीपी मॉडल का विकल्प भी मौजूद है। एयरपोर्ट के यात्रियों के लिहाज से इन दोनों स्टैंड पर प्रचार प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में होड़ लगेगी। फिर बीओटी के आधार पर इन दोनों बस स्टैंड की तस्वीर बदलना तय है। नोएडा प्राधिकरण ने बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड को हाईटेक बनाने की योजना भी तैयार कर ली है। इसी तरह बीच में पड़ने वाले बस स्टॉप भी हाईटेक होंगे। इन पर बसों की सूचना वास्तविक समय के साथ यात्रियों को देने के लिए बोर्ड लगेंगे।
कैब वेटिंग एरिया बनेगा, होगी जीरो वेटिंग और डिजिटल मैनेजमेंट
एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद कैब-टैक्सी का आवागमन नोएडा-ग्रेनो में बढ़ेगा। एप बेस्ड कैब सेवा देने वाली कंपनियां भी आकर्षित होंगी। एक कंपनी के प्लानिंग मैनेजर रोशन सिंह का कहना है कि हम नोएडा-ग्रेनो से यमुना में एयरपोर्ट क्षेत्र के आस-पास जीरो वेटिंग और डिजिटल मैनेजमेंट की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी तरह कैब कंपनियां एआई-आधारित मांग प्रबंधन को ध्यान में रखकर एयरपोर्ट के साथ पूरे क्षेत्र के लिए योजना बनाएंगी। इसमें उड़ानों के समय और यात्रियों की संख्या का रियल-टाइम विश्लेषण होगा। अगर ज्यादा यात्री लैंड कर रहे हैं, तो कैब की उपलब्धता अपने आप बढ़ जाएगी। इसके साथ ही कैब वेटिंग एरिया भी नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे से लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे किनारे बनाए जाएंगे।
एआई से होगी निगरानी
एयरपोर्ट के रास्ते में ट्रैफिक जाम जैसी समस्या नहीं आने पाएं इसके लिए प्राधिकरण, पुलिस व अन्य जिम्मेदार विभाग उड़ाने बढ़ने के साथ गंभीरता दिखाएंगे। नोएडा में डीएनडी और चिल्ला बॉर्डर से नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे और फिर एयरपोर्ट तक ट्रैफिक निगरानी का पूरा कॉरिडोर होगा। इस पर निगरानी हाईटेक होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा विकास
नोएडा, आगरा, गाजियाबाद समेत कई शहरों के पूर्व चीफ टाउन प्लानर इश्तियाक अहमद कहते हैं कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा कई शहरों से आगे हैं। यीडा क्षेत्र की प्लानिंग और भी हाईटेक है। बुनियादी स्तर पर विकास का अभाव जैसी स्थिति नहीं है। अब जब एयरपोर्ट का संचालन शुरू होगा तो कई देशों से आवागमन यहीं से होगा। विदेशी यात्री आएंगे, मल्टीनेशनल कंपनियां बढ़ेंगी, आईटी और लॉजिस्टिक हब जिसकी संभावनाएं सबसे ज्यादा हैं, इनसे जुड़ी गतिविधियां व इनसे जुड़े लोगों की संख्या बढ़ेगी। यह जो आबादी और आवागमन बढ़ेगा, इसकी मांग का स्तर अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। चाहे चाय पीना हो या सार्वजनिक परिवहन हो।
धीरे-धीरे आएगा बदलाव
नोएडा और आगरा के पूर्व चीफ टाउन प्लानर एस सी गौड़ कहते हैं कि उन्होंने 30-35 साल पहले का गुड़गांव और नोएडा भी देखा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मौजूदा विकास गुरुग्राम से बेहतर है और नियोजन भी। एयरपोर्ट के साथ विकास उड़ान भरेगा। यह उड़ान संसाधनों के अधिकतम उपयोग की होगी। जैसे नोएडा के बस स्टैंड खाली दिखते हैं, यहां से लग्जरी बसें चलेंगी। सड़कों के ऊपर एलिवेटेड रोड की परियोजनाएं आएंगी, अंडरपास नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बढ़ेंगे। मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी के प्रयास सरकार स्तर से और गति पाएंगे। ट्रैफिक की निगरानी एयरपोर्ट को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों पर 24 घंटे की होगी। यह बदलाव एक रात में नहीं आएंगे लेकिन आएंगे।