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गौतमबुद्धनगर में बड़ा एलान: 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लॉट पर नक्शे की मंजूरी खत्म, प्राधिकरण ने लिया फैसला

Tue, 20 Oct 2026 08:12 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 20 Oct 2026 08:12 AM IST
सार

नोएडा-ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरणों ने मॉडल भवन विनियम-2026 जारी किए हैं। अब आवासीय और वाणिज्यिक प्लॉट पर नक्शे की मंजूरी स्वतः मिलेगी। 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लॉट और 200 वर्गमीटर तक के वाणिज्यिक प्लॉट इस दायरे में आएंगे। नक्शा रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से बनवाना अनिवार्य होगा। आवेदन और दस्तावेज सही होने पर ही स्वतः स्वीकृति मिलेगी। इन नए नियमों से छोटे प्लॉट के आवंटियों को राहत मिलेगी। हालांकि, गलत जानकारी देने पर मंजूरी रद हो जाएगी।

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Noida and Greater Noida development authorities have issued Model Building Regulations-2026
नोएडा-ग्रेनो विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम-2026 जारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में छोटे प्लॉट पर निर्माण कराने के लिए नक्शा मंजूर होने का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। शासन ने मॉडल भवन विनियम-2026 के तहत निर्माण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया सरल कर दी है। इसके तहत 500 वर्गमीटर तक के आवासीय और 200 वर्गमीटर तक के वाणिज्यिक प्लॉट पर निर्धारित शर्तें पूरी करने पर नक्शे को स्वतः स्वीकृति मिल सकेगी।

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वहीं, 100 वर्गमीटर तक के आवासीय और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट पर किफायती आवासों के निर्माण के लिए एक रुपये के टोकन शुल्क पर ऑनलाइन पंजीकरण और स्व-प्रमाणन की व्यवस्था की गई है। यूपी कैबिनेट की मंजूरी के बाद शासन ने नए नियम प्राधिकरणों को भेज दिए हैं। अब नोएडा प्राधिकरण का नियोजन विभाग इनका अध्ययन कर रहा है। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इन्हें प्रभावी किया जाएगा।
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रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से बनवाना होगा नक्शा
नए नियमों के तहत निर्धारित सीमा से बड़े और 500 वर्गमीटर तक के आवासीय तथा 200 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट पर निर्माण के लिए पंजीकृत आर्किटेक्ट से नक्शा तैयार कराना होगा। इसके बाद निर्धारित शुल्क के साथ इसे प्राधिकरण की वेबसाइट पर जमा करना होगा। नियमों के अनुरूप को स्वतः स्वीकृति मिलेगी। यह व्यवस्था प्राधिकरण की और से आवंटित या स्वीकृत प्लॉट पर ही लागू होगी। यदि निर्माण प्राधिकरण के मानक डिजाइन के अनुरूप है और सेटबैक व खुले क्षेत्र में निर्धारित मानकों के अनुसार कोई बदलाव नहीं किया गया है तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। पुराने निर्माण को तोड़कर दोबारा बनाने पर भी निर्धारित शतों के तहत यही व्यवस्था लागू होगी।
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200 वर्गमीटर के वाणिज्यिक प्लॉट भी दायरे में
1 रुपया: पात्र छोटे निर्माण के लिए टोकन शुल्क 
33 हजार आवासीय प्लॉट हैं नोएडा में 
40 रुपये: प्रति वर्गमीटर नक्शा स्वीकृति शुल्क 
35 रुपये : प्रति वर्गमीटर पूर्णता प्रमाणपत्र शुल्क 

नोटः स्वतः स्वीकृति और एक रुपये के टोकन शुल्क की पात्रता संबंधित नियमों व शर्तों के अधीन होगी।

नए नियमों से छोटे प्लॉट के आवंटियों को मिलेगी राहत
नई व्यवस्था से नोएडा के हजारों आवासीय प्लॉट आवंटियों को राहत मिलने की उम्मीद है। शहर में करीब 33 हजार आवासीय प्लॉट हैं। इनमें 500 वर्गमीटर से बड़े प्लॉट की संख्या कम है। अभी निर्माण शुरू करने से पहले नक्शा पास कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। निर्धारित प्रक्रिया में अधिकतम 15 दिन के भीतर नियोजन विभाग के चार स्तरों पर परीक्षण के बाद नक्शा स्वीकृत किया जाना होता है। हालांकि, आपत्तियां लगने पर छोटे प्लॉट के नक्शे भी अटक जाते हैं और आवंटियों को प्राधिकरण के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं छोटे व्यावसायिक प्लॉट का इस्तेमाल भी कई आवंटी अपने कारोबार या अन्य निजी जरूरतों के लिए करते हैं। ऐसे में नक्शा मंजूरी की प्रक्रिया सरल होने से उन्हें भी फायदा मिलेगा।

गलत जानकारी देने पर रद्द होगी मंजूरी
नियमों में राहत के साथ जवाबदेही भी तय की गई है। स्व-प्रमाणन या नक्शे में दी गई जानकारी गलत मिलने अथवा भवन मानकों का उल्लंघन होने पर प्राधिकरण मंजूरी रद्द कर सकेगा। आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर और उसके बाद भी नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई का अधिकार रहेगा। गलत स्व-घोषणा पाए जाने पर भवन मालिक, आवेदक व पंजीकृत आर्किटेक्ट के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकेगी।


मॉडल भवन विनियम में शासन स्तर से कई नियम सरल किए गए हैं। नियमावली आने के बाद नियोजन विभाग अध्ययन कर रहा है। इसके बाद बोर्ड में रखकर मंजूरी लेकर प्रभावी किया जाएगा। क्रांति शेखर सिंह, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण

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