Noida Airport: चेक इन से लेकर बोर्डिंग तक सब पेपरलेस... CISF ने आज से संभाली सुरक्षा की कमान, 120 जवान तैनात
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनने जा रहा है। जहां चेहरे की पहचान और बायोमैट्रिक से चेक-इन से बोर्डिंग तक संपर्क रहित सफर संभव होगा, विप्रो और आईकैड द्वारा विकसित डिजी यात्रा सिस्टम से यात्रियों का अनुभव तेज व सुरक्षित हो जाएगा।
विस्तार
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगा। यात्रियों को चेक-इन से लेकर सुरक्षा जांच और बोर्डिंग तक सबकुछ संपर्क रहित व बिना कागजी कार्रवाई के मिलने जा रहा है। इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन डिजी यात्रा सिस्टम लागू कर रहा है। इस सिस्टम से चेहरे की पहचान और बायोमैट्रिक डेटा के जरिए यात्रियों को सुविधा प्रदान की जाएगी। वहीं सीआईएसएफ ने आज से सुरक्षा की कमान संभाल ली है।
डीआईजी सीआईएसएफ, विजय कलजा ने बताया कि यह भारत का 70वां हवाई अड्डा है, 'जहां सीआईएसएफ तैनात है। यह 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। हमें खुशी है कि नवरात्रि के पहले दिन ही हमें यहां तैनात कर दिया गया है। आज से यहां 120 सीआईएसएफ जवान तैनात हो गए हैं।'
#WATCH | Noida, UP: CISF takes security command of Noida International Airport
— ANI (@ANI) September 22, 2025
CISF DIG (Airport), Vinay Kalja says," This is the 70th airport in India, where CISF has been deployed. It will become a major international airport with 12 million passengers planned for. We are… pic.twitter.com/Bn2i4p04xK
इस परियोजना के लिए विप्रो और आईकैड होल्डिंग कंपनी सिस्टम इंटीग्रेटर के रूप में काम कर रही हैं। एयरपोर्ट में फेस स्कैनिंग, ऑटोमेटेड बैग-ड्रॉप और रियल-टाइम डेटा ट्रैकिंग जैसी उन्नत तकनीकें इस्तेमाल होंगी। इस डिजिटल क्रांति के साथ यात्रियों का अनुभव और भी तेज, सुरक्षित और सुगम होगा।
नोएडा एयरपोर्ट केवल यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, इसका लक्ष्य कार्गो संचालन से लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन तक सब कुछ स्मार्ट बनाने का है। इसके शुरू होने के बाद भारत दुनिया के उन गिने चुने देशों में शामिल होगा, जिनके पास डिजिटल एयरपोर्ट की सुविधा है।
कतार में खड़े होकर नहीं करना पड़ेगा इंतजार
सफर करने के लिए यात्रियों को हर काम के लिए एयरपोर्ट पर कतार में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डिजीयात्रा सिस्टम लागू होने के बाद केवल चेहरे की पहचान से प्रवेश और बोर्डिंग संभव होगी।
बोर्डिंग पास और पहचान पत्र बार-बार दिखाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री केवल चेहरे की पहचान से सभी गेट पार कर सकेंगे। यत्रियों को सुविधा मिलेगी।