Noida: एजेंसी चयन होने तक आज से 58 सरफेस पार्किंग फ्री, 30 नवंबर को खत्म हो गई ठेके की अवधि
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक पार्किंग क्लस्टर-1, 3 और 5 की 58 सरफेस पार्किंग का ठेका 30 नवंबर को खत्म हो गया। अब इनका टेंडर निकाला जाएगा। टेंडर निकालने के बाद पार्किंग ठेका लेने की इच्छुक एजेंसियां आवेदन करेंगी। प्रक्रिया में करीब एक से दो माह तक का समय लग सकता है। इस दौरान प्राधिकरण सरफेस पार्किंग का शुल्क नहीं वसूलेगा।
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नोएडा में आज से शहर में सरफेस पार्किंग फ्री हो गई है। नई एजेंसी की चयन प्रक्रिया पूरी होने तक शहर में 58 स्थानों पर फ्री पार्किंग की जा सकेगी। अगर पुरानी एजेंसी के लोग पर्ची काटते पाए गए तो उनके खिलाफ प्राधिकरण एफआईआर दर्ज कराएगा। बुधवार को नोएडा के आधे क्षेत्र के सरफेस पार्किंग ठेके की अवधि खत्म हो गई।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक पार्किंग क्लस्टर-1, 3 और 5 की 58 सरफेस पार्किंग का ठेका 30 नवंबर को खत्म हो गया। अब इनका टेंडर निकाला जाएगा। टेंडर निकालने के बाद पार्किंग ठेका लेने की इच्छुक एजेंसियां आवेदन करेंगी। प्रक्रिया में करीब एक से दो माह तक का समय लग सकता है। इस दौरान प्राधिकरण सरफेस पार्किंग का शुल्क नहीं वसूलेगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने साफ किया है कि अगर इस दौरान कहीं से भी पुरानी एजेंसी के पार्किंग का शुल्क लेने की शिकायत आती है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एजेंसी चयन होने तक पुराने ठेकेदार को पार्किंग शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
पुरानी व्यवस्था में पुरानी एजेंसी वसूलती आई है शुल्क
पुरानी व्यवस्था के तहत पार्किंग का ठेका खत्म होने के बाद नई एजेंसी के चयन होने तक पुरानी एजेंसी ही पार्किंग का शुल्क वसूलती आई है। हाल ही में पार्किंग शुल्क को लेकर कई शिकायतें प्राधिकरण को मिलीं थी, इसके बाद प्राधिकरण इस मामले में सख्त हो गया है। प्राधिकरण ने पुरानी एजेंसियों के सारे अधिकार छीन लिए। इस बाबत कई बार प्राधिकरण और ठेकेदारों के बीच विवाद भी गहराया है।
पार्किंग का प्रबंधन कौन करेगा, निश्चित नहीं
जितने दिनों तक पार्किंग के लिए एजेंसी का चयन नहीं हो जाता है। उतने दिनों तक पार्किंग का प्रबंधन कौन करेगा। यह निश्चित नहीं किया गया है। पुरानी एजेंसियों ने प्राधिकरण को लिखित में दिया है कि वह 30 नवंबर के 12 बजे रात से पार्किंग शुल्क की पर्ची नहीं काटेगी। इसके अलावा वहां पार्क की गई गाड़ियों की निगरानी का काम भी नहीं करेंगी। वहीं प्राधिकरण का कहना है कि अगर किसी ने लंबी अवधि के लिए पर्ची कटाई है तो निगरानी की ड्यूटी पुरानी एजेंसी की होगी। हालांकि इस मामले में अभी भी विवाद है। शहर में ऐसे कई सरफेस पार्किंग हैं जहां करीब 400 लोग एक साथ 10 से 20 दिन के लिए गाड़ी लगाकर चले जाते हैं। अब आज से उनके वाहनों की निगरानी कौन करेगा। इस पर फैसला होना बाकी है।
शहर में है तीन तरह की पार्किंग
नोएडा में वाहनों के लिए तीन तरह की पार्किंग व्यवस्था है। मल्टी लेवल पार्किंग में बहुमंजिली इमारतों में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है। वहीं अंडरग्राउंड पार्किंग में जमीन के भीतर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसी तरह सरफेस पार्किंग के तहत भूतल पर सड़कों के किनारे, मार्केट प्लेस में और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पार्किंग के लिए जगह निश्चित की गई है। शहर में इस तरह के 58 सरफेस पार्किंग स्थल हैं।