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Noida News: निजी स्विमिंग पूल पर किसी का नियंत्रण नहीं, सोच-समझकर करें उपयोग
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जिले में 374 स्विमिंग पूल का पंजीकरण, लेकिन 900 के करीब हो रहे संचालित
आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। सेक्टर-135 स्थित यमुना के डूब क्षेत्र में निर्मित फार्म हाउस के स्विमिंग पूल में जन्मदिन पार्टी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई युवक(26) की मौत ने एक बार फिर निजी स्विमिंग पूलों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी परवेज अली ने स्पष्ट किया है कि विभाग केवल व्यावसायिक स्विमिंग पूल का निरीक्षण कर पंजीकरण करता है। निजी स्विमिंग पूल विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। प्राधिकरण की जिम्मेदारी भी सिर्फ नक्शा पास करने तक है। ऐसे में अंजाम लोगों को निजी स्विमिंग पूल के उपयोग में सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में 374 स्विमिंग पूल पंजीकृत हैं, लेकिन 900 से अधिक का संचालन हो रहा है। नियमों के अनुसार किसी भी काॅमर्शियल स्विमिंग पूल के संचालन के पहले 21 से अधिक सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। इनमें प्रशिक्षित लाइफगार्ड, मान्यता प्राप्त प्रशिक्षक, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस और नजदीकी अस्पताल का संपर्क नंबर, गहराई चिह्न का स्पष्ट रूप से लिखा होना जैसे प्रावधान शामिल हैं।
देर रात तक की जा रहीं पार्टियां
सेक्टर-128, 129, 130 और 135 के यमुना डूब क्षेत्र में करीब 500 अवैध स्विमिंग पूल बने होने का अनुमान है। जन्मदिन, शादी, कार्पोरेट कार्यक्रम और पूल पार्टियों के लिए इन स्विमिंग पूलों की नियमित बुकिंग होती है। नियमों के अनुसार रात्रि 10 बजे के बाद स्विमिंग पूल खुले नहीं रहने चाहिए, लेकिन इन अवैध पूलों में देर रात तक पार्टियां की जाती हैं, जिनमें शराब का सेवन भी किया जाता है। विशेषज्ञ सुरेश देशवाल का मानना है कि नशे के हालत में स्विमिंग करना डूबने और अन्य गंभीर हादसों का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने प्रशासन से अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की है।
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आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। सेक्टर-135 स्थित यमुना के डूब क्षेत्र में निर्मित फार्म हाउस के स्विमिंग पूल में जन्मदिन पार्टी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई युवक(26) की मौत ने एक बार फिर निजी स्विमिंग पूलों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी परवेज अली ने स्पष्ट किया है कि विभाग केवल व्यावसायिक स्विमिंग पूल का निरीक्षण कर पंजीकरण करता है। निजी स्विमिंग पूल विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। प्राधिकरण की जिम्मेदारी भी सिर्फ नक्शा पास करने तक है। ऐसे में अंजाम लोगों को निजी स्विमिंग पूल के उपयोग में सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में 374 स्विमिंग पूल पंजीकृत हैं, लेकिन 900 से अधिक का संचालन हो रहा है। नियमों के अनुसार किसी भी काॅमर्शियल स्विमिंग पूल के संचालन के पहले 21 से अधिक सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। इनमें प्रशिक्षित लाइफगार्ड, मान्यता प्राप्त प्रशिक्षक, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस और नजदीकी अस्पताल का संपर्क नंबर, गहराई चिह्न का स्पष्ट रूप से लिखा होना जैसे प्रावधान शामिल हैं।
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देर रात तक की जा रहीं पार्टियां
सेक्टर-128, 129, 130 और 135 के यमुना डूब क्षेत्र में करीब 500 अवैध स्विमिंग पूल बने होने का अनुमान है। जन्मदिन, शादी, कार्पोरेट कार्यक्रम और पूल पार्टियों के लिए इन स्विमिंग पूलों की नियमित बुकिंग होती है। नियमों के अनुसार रात्रि 10 बजे के बाद स्विमिंग पूल खुले नहीं रहने चाहिए, लेकिन इन अवैध पूलों में देर रात तक पार्टियां की जाती हैं, जिनमें शराब का सेवन भी किया जाता है। विशेषज्ञ सुरेश देशवाल का मानना है कि नशे के हालत में स्विमिंग करना डूबने और अन्य गंभीर हादसों का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने प्रशासन से अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की है।
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