{"_id":"61afb9e7244098224207e186","slug":"no-arrangement-for-investigation-of-genome-sequencing-in-the-district-noida-news-noi6200617136","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा: जिले में जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच का इंतजाम नहीं, 19 लोगों की रिपोर्ट आई निगेटिव, कई का नहीं लग रहा पता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा: जिले में जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच का इंतजाम नहीं, 19 लोगों की रिपोर्ट आई निगेटिव, कई का नहीं लग रहा पता
Wed, 08 Dec 2021 01:15 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 01:15 AM IST
सार
विदेश से आए लोगों की निगरानी कर स्वास्थ्य विभाग लक्षण मिलने पर नमूने भी कोविड जांच के लिए समय-समय पर भेज रहा है। अब तक 70 से अधिक नमूने भेजे जा चुके हैं। इनमें अब तक कोई पॉजिटिव नहीं मिला है। मंगलवार को 19 लोगों की रिपोर्ट विभाग को मिले जिसमें सभी निगेटिव हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में कोरोना रोधी टीका लगवाती महिला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नोएडा में ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा नहीं है। इसके लिए नमूने दिल्ली-लखनऊ भेजे जा रहे हैं। ऐसे में अब तक भेजे गए नमूनों की कोई भी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, ओमिक्रॉन की आशंका के कारण एक परिवार के पांच सदस्यों के ही नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। सप्ताह भर से अधिक होने के बाद भी इन नमूनों के परिणाम से जुड़ी कोई जानकारी विभाग के पास नहीं है।
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, परिणाम आने में 10 से 15 दिन का समय लगता है। वहीं, जिले में विदेश से आए 2076 लोगों की सूची स्वास्थ्य विभाग को मिली है। इसमें से विभाग करीब 55 प्रतिशत के संपर्क में है। कई लोग जानबूझकर गलत नंबर-पता देकर अधिकारियों से बच रहे हैं। कोविड जांच भी विभाग सात दिनों की निगरानी में लक्षण नजर आने पर ही करता है।
विज्ञापन
एक हफ्ते में हुई 14262 कोविड
जिले में दिसंबर के सात दिनों में करीब 14262 कोविड जांच हुई हैं यानी दैनिक जांच का औसत दो से ढाई हजार के बीच है। इस दौरान 18 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग जांच बढ़ाने के दावे कर रहा है, लेकिन पिछले सप्ताह संविदा कर्मियों की हड़ताल ने भी कोविड जांच व टीकाकरण दोनों की प्रक्रिया को प्रभावित किया है। विदेश से आए कई लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
रैपिड जांच का बढ़ेगा दायरा, 400 बेड आरक्षित
ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जिले में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है। जिले में रैपिड जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। साथ ही 400 बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नई रैपिड रिस्पांस टीम की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। जिससे ज्यादा से ज्यादा सैंपल लिए जा सकें। कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए जिले में 400 बेड अलग-अलग अस्पतालों में आरक्षित किए गए हैं।
कोविड अस्पताल और पांच सीएचसी में मरीजों के इलाज की व्यवस्था है। इनमें 150 बेड आईसीयू के हैं। सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में आक्सीजन की सुविधा से युक्त बेडों की व्यवस्था की गई है। पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर सबसे पहले रैपिड रिस्पांस टीम मरीज के घर का दौरा करेगी। वहां होम आइसोलेशन, अस्पताल में इलाज, संपर्क में आए लोगों की जांच आदि की व्यवस्था को सुनिश्चित करेगी।
कोरोना से दो संक्रमित, तीन मरीज ठीक, 19 की रिपोर्ट आई निगेटिव
नोएडा। जिले में मंगलवार को कोरोना से दो लोग संक्रमित हुए जबकि तीन मरीज ठीक हो गए। फिलहाल, सक्रिय मरीजों की संख्या 20 है। सक्रिय केसों में जिला प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। लखनऊ 21 केसों के साथ पहले नंबर पर है। विदेश से आए लोगों की निगरानी कर स्वास्थ्य विभाग लक्षण मिलने पर नमूने भी कोविड जांच के लिए समय-समय पर भेज रहा है। अब तक 70 से अधिक नमूने भेजे जा चुके हैं। इनमें अब तक कोई पॉजिटिव नहीं मिला है। मंगलवार को 19 लोगों की रिपोर्ट विभाग को मिले जिसमें सभी निगेटिव हैं। इससे पहले सोमवार को 36 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। ब्यूरो