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निक्की हत्याकांड : आरोपी सास को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत

Fri, 13 Feb 2026 09:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 09:17 PM IST
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Nikki murder case: Accused mother-in-law gets bail from Allahabad High Court
ससुर सतवीर और जेठ रोहित को पहले मिल चुकी है जमानत
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माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। कासना के सिरसा गांव में विवाहिता निक्की की हत्या में आरोपी सास दया को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने आदेश में कहा कि इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी के बयान और सीसीटीवी फुटेज से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं होता कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद थी। ऐसे में विचाराधीन ट्रायल के दौरान उसे जमानत का लाभ दिया जाना न्यायोचित है।
निक्की की शादी आरोपी विपिन भाटी के साथ हुई थी। आरोपी दया निक्की की सास हैं। आरोप है कि 21 अगस्त 2025 की शाम पारिवारिक विवाद के दौरान पति ने निक्की पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि सास ने पति को ज्वलनशील पदार्थ (थिनर) थमाया, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया था। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि एफआईआर घटना के लगभग 19 घंटे बाद दर्ज की गई जिसका कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। इससे स्पष्ट है कि रिपोर्ट विचार-विमर्श के बाद दर्ज कराई गई। प्रारंभिक एफआईआर अत्यंत संक्षिप्त है और उसमें विस्तृत घटनाक्रम का उल्लेख नहीं है।
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बाद में दर्ज बयान में कहानी को विस्तार दिया गया, जो बाद की सोच का परिणाम प्रतीत होता है। निक्की के पुत्र ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह गृहकार्य कर रहा था। तभी उसके माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ। पिता ने मां पर तरल पदार्थ डालकर लाइटर से आग लगा दी और मौके से भाग गया। बच्चे ने स्पष्ट कहा कि घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जांच अधिकारी द्वारा पूछे गए विशेष प्रश्न के जवाब में उसने सास सहित अन्य परिजनों की मौजूदगी से इन्कार किया। बचाव पक्ष ने अस्पताल और पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया। अस्पताल के फुटेज में आवेदिका घायल बहू को स्ट्रेचर पर चढ़ाने और भर्ती कराने में मदद करती दिख रही हैं। पड़ोसी दुकान के फुटेज में घटना की सूचना मिलते ही आरोपी को घर की ओर भागते देखा गया। अगर आरोपी स्वयं घटना में शामिल होतीं तो वह पीड़िता को अस्पताल ले जाने और उपचार में सहयोग नहीं करतीं। कोर्ट के समक्ष यह भी रखा गया कि सह-आरोपी मृतका के जेठ रोहित और ससुर सतवीर को पूर्व में जमानत मिल चुकी है।
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वहीं, वादी पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि फरवरी 2025 की एक वीडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी सास निक्की के साथ मारपीट करती दिखाई देती हैं, जो उनके पूर्व आचरण को दर्शाती है। साथ ही एफआईआर में उन्हें नामजद आरोपी बनाया गया है और उन पर ज्वलनशील पदार्थ देने की विशिष्ट भूमिका है। न्यायमूर्ति ने बयान में कहा गया है कि प्रत्यक्षदर्शी निक्की के पुत्र के बयान से स्पष्ट है कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं थीं। सीसीटीवी फुटेज उनके अस्पताल ले जाने और सहायता करने के आचरण की पुष्टि करता है। विचाराधीन मुकदमे के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना फिलहाल प्रतीत नहीं होती। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने बिना मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इस मामले में मुख्य आरोपी विपिन भाटी अब भी जेल में है।
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