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Noida News: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मजबूत करने के लिए नई व्यवस्था
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परियोजना और रखरखाव कार्यों के लिए निरीक्षण की जिम्मेदारी लागत के आधार पर होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के वर्क्स मैनुअल में दिए गए कार्यों के निरीक्षण और पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने संबंधी प्रावधानों को कुछ संशोधनों के साथ अपनाया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि अब परियोजना और रखरखाव कार्यों के लिए निरीक्षण की जिम्मेदारी लागत के आधार पर निर्धारित की गई है। पहले भवन और बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों का निरीक्षण केवल कार्यकारी अभियंता द्वारा किया जाता था जबकि 10 करोड़ से अधिक के लिए कार्यकारी अभियंता के साथ अधीक्षण अभियंता या मुख्य अभियंता शामिल होते थे लेकिन अब पीडब्ल्यूडी की सभी परियोजना और रखरखाव कार्यों के लिए सीमा को कम कर दिया गया है। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के कार्य के लिए कार्यकारी अभियंता द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, 5 करोड़ रुपये तक के कार्याें का अधीक्षण अभियंता और 5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्याें का निरीक्षण मुख्य अभियंता की ओर से किया जाएगा। इसी तरह हॉर्टिकल्चर कार्यों के लिए भी संशोधन किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह बदलाव अनुबंध प्रबंधन को बेहतर बनाने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के वर्क्स मैनुअल में दिए गए कार्यों के निरीक्षण और पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने संबंधी प्रावधानों को कुछ संशोधनों के साथ अपनाया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि अब परियोजना और रखरखाव कार्यों के लिए निरीक्षण की जिम्मेदारी लागत के आधार पर निर्धारित की गई है। पहले भवन और बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों का निरीक्षण केवल कार्यकारी अभियंता द्वारा किया जाता था जबकि 10 करोड़ से अधिक के लिए कार्यकारी अभियंता के साथ अधीक्षण अभियंता या मुख्य अभियंता शामिल होते थे लेकिन अब पीडब्ल्यूडी की सभी परियोजना और रखरखाव कार्यों के लिए सीमा को कम कर दिया गया है। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के कार्य के लिए कार्यकारी अभियंता द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, 5 करोड़ रुपये तक के कार्याें का अधीक्षण अभियंता और 5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्याें का निरीक्षण मुख्य अभियंता की ओर से किया जाएगा। इसी तरह हॉर्टिकल्चर कार्यों के लिए भी संशोधन किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह बदलाव अनुबंध प्रबंधन को बेहतर बनाने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
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